उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित विष्णु लोक कॉलोनी में मंगलवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। रिहायशी इलाके के मकान नंबर 16 में रहने वाले बुजुर्ग दंपती और उनकी घरेलू सहायिका की दिनदहाड़े पेचकस से गोदकर हत्या कर दी गई। इस वीभत्स घटना से पूरी बस्ती में दहशत फैल गई। जान गंवाने वालों की पहचान 80 वर्षीय के.एस. कपूर, उनकी 76 वर्षीय पत्नी रजनी कपूर और घर में कामकाज संभालने वाली 55 वर्षीय शीला देवी के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र को घेरकर छानबीन शुरू कर दी।
दोपहर तीन बजे गूंजी चीखें, पड़ोसियों ने देखा हमलावर का खौफनाक रूप
विष्णु लोक कॉलोनी में मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक चीख-पुकार मचने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पास-पड़ोस के लोग जब आवाज़ें सुनकर मकान नंबर 16 की तरफ दौड़े, तो उन्होंने देखा कि एक युवक घरेलू सहायिका शीला देवी पर पेचकस से ताबड़तोड़ प्रहार कर रहा था। स्थानीय निवासियों के शोर मचाते ही हमलावर मौके से भागने लगा। हालांकि, आसपास मौजूद सजग नागरिकों ने तत्परता दिखाते हुए पीछा किया और भाग रहे आरोपी को कुछ ही दूरी पर दबोच लिया। इसके तुरंत बाद पुलिस सायरन की गूंज के साथ मौके पर पहुंची और भीड़ ने पकड़े गए युवक को पुलिस टीम के हवाले कर दिया।
मकान नंबर 16 के भीतर का वीभत्स दृश्य
घर के भीतर दाखिल होने पर हालात बेहद दर्दनाक मिले। हमलावर ने 80 साल के के.एस. कपूर और उनकी 76 साल की पत्नी रजनी कपूर पर भी उसी धारदार पेचकस से हमला किया था। तीनों गंभीर रूप से लहूलुहान अवस्था में मिले और अत्यधिक चोटों के कारण उनकी जान चली गई। शांत मानी जाने वाली इस रिहायशी कॉलोनी में दिनदहाड़े हुए इस तिहरे हत्याकांड से हर कोई स्तब्ध रह गया। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी फॉरेंसिक टीम के साथ साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे।
लूटपाट का मकसद नहीं, परिवार का परिचित निकला संदिग्ध
मामले में एसएसपी ने प्राथमिक जांच के आधार पर स्पष्ट किया कि यह वारदात चोरी या डकैती के इरादे से अंजाम दी गई प्रतीत नहीं होती। पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया संदिग्ध पहले से ही कपूर परिवार का परिचित है और उसका इस घर में नियमित तौर पर आना-जाना रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या के पीछे की असल वजह, घटनाक्रम की कड़ियों और क्या इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था, इन सभी पहलुओं की सच्चाई सामने आ सके।



















