क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जारी व्यापक बिकवाली के दौर में एक्सआरपी टोकन पर लगातार गिरावट का दबाव गहराता जा रहा है। गुरुवार को यह रेमिटेंस टोकन 1.40 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया, जिससे तकनीकी चार्ट पर 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए सपोर्ट पर गंभीर दबाव देखने को मिल रहा है। प्रमुख डिजिटल एसेट्स में तेज बिकवाली का असर पूरे बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है, जहां दिग्गज टोकन भी अपने अहम समर्थन स्तरों को बचाने के लिए जूझ रहे हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि डेरिवेटिव और स्पॉट दोनों स्तरों पर बिकवाली का पलड़ा भारी होने के कारण निकट अवधि में कीमतों का रुझान नीचे की ओर बना हुआ है।
बाइनेंस पर बढ़ता भंडार और बिकवाली का बढ़ता दबाव
एक्सआरपी की कीमतों पर दबाव बढ़ाने वाला एक बड़ा पहलू प्रमुख एक्सचेंज बाइनेंस पर इसका लगातार बढ़ता रिजर्व है। हाल के दिनों में बाइनेंस पर उपलब्ध एक्सआरपी का कुल बैलेंस बढ़कर गुरुवार को 2.64 अरब एक्सआरपी दर्ज किया गया। यह आंकड़ा अक्टूबर के निचले स्तर के आसपास दर्ज 2.60 अरब से 2.62 अरब एक्सआरपी की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्शाता है। किसी भी केंद्रीयकृत एक्सचेंज पर टोकन के भंडार में यह इजाफा आमतौर पर इस बात का संकेत देता है कि निवेशक अपनी होल्डिंग्स को बेचने या लिक्विडिटी में बदलने की तैयारी कर रहे हैं। यदि मौजूदा 2.64 अरब से 2.65 अरब एक्सआरपी के दायरे से नीचे का दबाव बना रहता है, तो खुले बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध आपूर्ति बढ़ सकती है, जो कीमतों की गतिशीलता पर प्रतिकूल असर डालेगी।
स्पॉट ईटीएफ प्रवाह और संस्थागत निवेशकों का नजरिया
स्पॉट ईटीएफ के मोर्चे पर भी एक्सआरपी को अनिश्चित और सुस्त गतिविधियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले सत्र में 3 मिलियन डॉलर की शुद्ध निकासी दर्ज करने के बाद बुधवार को ईटीएफ प्रवाह काफी हद तक मौन रहा। जब सीमा पार भुगतान और रेमिटेंस समाधानों से जुड़े इस टोकन की सीधी मांग ठंडी पड़ती है, तो बाजार में गिरावट की दिशा ही सबसे आसान रास्ता बन जाती है। संस्थागत पूंजी का प्रवाह धीमा होने से अल्पकालिक स्तर पर खरीदारी का समर्थन कमजोर पड़ा है। हालांकि, इस अल्पकालिक सुस्ती के बावजूद व्यापक वित्तीय तस्वीर में कुछ सकारात्मक संकेत भी मौजूद हैं। संचयी आधार पर कुल अंतर्प्रवाह 1.79 अरब डॉलर के ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, जबकि कुल प्रबंधनाधीन संपत्ति यानी एयूएम 1.61 अरब डॉलर दर्ज की गई है। ये आंकड़े यह दर्शाते हैं कि संस्थागत निवेशकों का एक बड़ा वर्ग लंबी अवधि के लिहाज से एक्सआरपी को लेकर अब भी सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए हुए है।
तकनीकी संकेतक: मूविंग एवरेज और महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर
चार्ट संरचना का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि हालिया सुधार के बावजूद एक्सआरपी के पास निकट अवधि में कुछ तकनीकी सुरक्षा कवच मौजूद हैं। टोकन वर्तमान में 1.39 डॉलर पर स्थित 50-दिवसीय ईएमए और 1.38 डॉलर पर स्थित 200-दिवसीय ईएमए के बेहद करीब कारोबार कर रहा है। यदि बिकवाली का दबाव और बढ़ता है, तो 1.34 डॉलर पर स्थित 100-दिवसीय ईएमए एक गहरे संरचनात्मक कुशन के रूप में काम कर सकता है। इसके अलावा, 1.30 डॉलर पर मौजूद सुपरट्रेंड लाइन खरीदारों के लिए एक अधिक दूरस्थ लेकिन मजबूत सीमा रेखा तय करती है। ये विभिन्न स्तर मिलकर स्पॉट कीमत के नीचे मांग का एक स्तरित क्षेत्र बनाते हैं, जो गिरावट के समय नए खरीदारों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं।
दूसरी ओर, ऑसिलेटर्स से मिलने वाले तकनीकी संकेत अभी मंदी के रुख की पुष्टि कर रहे हैं। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी एमएसीडी संकेतक शून्य रेखा से और नीचे फिसल गया है, जो एक स्पष्ट सेल सिग्नल को दर्शाता है। वहीं, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई घटकर 43 के स्तर पर आ गया है, जो तटस्थ से कमजोर मोमेंटम की स्थिति को प्रदर्शित करता है। ऊपरी स्तरों की बात करें तो बाजार का ध्यान नीचे की ओर झुकती रेसिस्टेंस ट्रेंडलाइन पर टिका हुआ है। रिकवरी की स्थिति में पहला तकनीकी अवरोध 1.64 डॉलर के ब्रेक क्षेत्र के पास है, जबकि ट्रेंडलाइन की शुरुआत से जुड़ा अधिक मजबूत प्रतिरोध 1.70 डॉलर के स्तर पर मौजूद है। जब तक इस 1.70 डॉलर के स्तर को निर्णायक रूप से पार नहीं किया जाता, तब तक एक आक्रामक तेजी के चरण की शुरुआत होना कठिन दिखता है।
क्रिप्टो बाजार की बुनियादी अवधारणाएं: आपूर्ति, पूंजीकरण और वॉल्यूम
डिजिटल परिसंपत्तियों के मूल्य निर्धारण को समझने के लिए ब्लॉकचेन के कुछ बुनियादी नियमों को जानना आवश्यक है। किसी भी क्रिप्टोकरेंसी का कुल आपूर्ति ढांचा उसके निर्माता या डेवलपर द्वारा तय किए गए नियमों पर निर्भर करता है कि कुल कितने टोकन जारी या मिंट किए जा सकते हैं। अंतर्निहित ब्लॉकचेन तकनीक के एल्गोरिदम के आधार पर केवल एक निश्चित संख्या में ही टोकन माइनिंग, स्टेकिंग या अन्य तंत्रों के जरिए बनाए जा सकते हैं। दूसरी तरफ, प्रचलन में मौजूद टोकन की संख्या यानी सर्कुलेटिंग सप्लाई को कम भी किया जा सकता है। ऐसा आमतौर पर टोकन बर्निंग की प्रक्रिया या फिर गलती से टोकन को किसी असंगत ब्लॉकचेन के पते पर भेज देने के कारण होता है।
जब किसी परिसंपत्ति की कुल सर्कुलेटिंग सप्लाई को उसकी मौजूदा बाजार कीमत से गुणा किया जाता है, तो उस टोकन का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन यानी बाजार पूंजीकरण प्राप्त होता है। इसी तरह, ट्रेडिंग वॉल्यूम किसी निर्धारित समयावधि, जैसे कि 24 घंटे के भीतर खरीदारों और विक्रेताओं के बीच लेनदेन किए गए कुल टोकन की संख्या को दर्शाता है। यह मीट्रिक केंद्रीयकृत और विकेंद्रीकृत दोनों एक्सचेंजों के वॉल्यूम को मिलाकर बाजार की धारणा का आकलन करने में मदद करता है। यदि किसी टोकन का ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ता है, तो यह अक्सर उसकी मजबूत मांग को दर्शाता है क्योंकि अधिक लोग उस डिजिटल मुद्रा की खरीद-फरोख्त में भाग ले रहे होते हैं।
डेरिवेटिव्स में फंडिंग रेट की भूमिका
वायदा और डेरिवेटिव्स बाजार में फंडिंग रेट एक अनिवार्य तंत्र के रूप में कार्य करता है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि ट्रेडर्स को उचित पोजीशन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके और परपेचुअल कॉन्ट्रैक्ट की कीमतें स्पॉट मार्केट की कीमतों के साथ तालमेल में बनी रहें। क्रिप्टो एक्सचेंज इस तंत्र का उपयोग नियमित आवधिक भुगतानों के जरिए यह सुनिश्चित करने के लिए करते हैं कि फ्यूचर कीमतें और इंडेक्स कीमतें एक-दूसरे के करीब रहें। जब फंडिंग रेट पॉजिटिव यानी सकारात्मक होता है, तो परपेचुअल कॉन्ट्रैक्ट की कीमत मार्क प्राइस से अधिक होती है। ऐसी स्थिति में तेजी का रुख रखने वाले लॉन्ग पोजीशन वाले ट्रेडर्स को मंदी की पोजीशन रखने वाले शॉर्ट ट्रेडर्स को भुगतान करना पड़ता है। इसके विपरीत, जब फंडिंग रेट नेगेटिव यानी नकारात्मक होता है, तो परपेचुअल कीमतें मार्क प्राइस से नीचे होती हैं, जिसके परिणामस्वरूप शॉर्ट ट्रेडर्स उन ट्रेडर्स को भुगतान करते हैं जिन्होंने लॉन्ग पोजीशन खोली हुई है।
बिटकॉइन, एथेरियम और प्रमुख ऑल्टकॉइन्स में भी गिरावट का दौर
एक्सआरपी में यह कमजोरी किसी अलग-थलग घटना का परिणाम नहीं है, बल्कि यह समूचे क्रिप्टोकरेंसी बाजार में मंदी के माहौल का हिस्सा है। सबसे बड़ी डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन गुरुवार को गिरावट दर्ज करते हुए 83,000 डॉलर के स्तर से नीचे आ गई, जिससे इस सप्ताह अब तक उसकी कीमत में लगभग 4 प्रतिशत का सुधार देखा गया है। अमेरिकी एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध स्पॉट ईटीएफ से बुधवार को 487.07 मिलियन डॉलर की शुद्ध निकासी दर्ज की गई, जो 25 जून के बाद से एक ही दिन में होने वाली सबसे बड़ी निकासी है। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एथेरियम भी फिसलकर 2,600 डॉलर के स्तर से नीचे आ गई है।
प्रमुख ऑल्टकॉइन्स जैसे कार्डानो और सोलाना भी इस हफ्ते अपने नुकसान को बढ़ाते हुए निकट अवधि के बिकवाली दबाव से जूझ रहे हैं। रिपल और सोलाना दोनों को संस्थागत समर्थन में कमी का सामना करना पड़ा है, जबकि कार्डानो भी इसी व्यापक गिरावट की राह पर चलता दिखाई दे रहा है। जब तक प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में स्थिरता नहीं लौटती और ईटीएफ निकासी का सिलसिला थमता नहीं, तब तक डिजिटल एसेट बाजार में सावधानी का माहौल बने रहने की संभावना है।























