कॉर्पोरेट ट्रेजरी में डिजिटल संपत्ति जमा करने की अपनी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए स्ट्रेटेजी ने एक सप्ताह के छोटे अंतराल के बाद फिर से बिटकॉइन की आक्रामक खरीदारी शुरू कर दी है। कंपनी ने बीते सप्ताह 6.55 करोड़ डॉलर खर्च करके 811 बिटकॉइन हासिल किए हैं। इस नए अधिग्रहण के बाद कंपनी का कुल बिटकॉइन भंडार बढ़कर 849,327 बीटीसी के स्तर पर पहुंच गया है। यह नया सौदा ऐसे समय में हुआ है जब पूरी क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में संस्थागत निवेशकों की मांग कमजोर बनी हुई है और प्रमुख डिजिटल कॉइन 80,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है।
कंपनी ने इस खरीदारी के लिए आवश्यक पूंजी जुटाने के उद्देश्य से शेयर बाजार में अपने 11 लाख शेयर बेचे, जिससे उसे 16.4 करोड़ डॉलर की शुद्ध आय प्राप्त हुई। जुटाई गई इस कुल रकम में से कंपनी ने 6.55 करोड़ डॉलर की राशि बिटकॉइन खरीदने के लिए आवंटित की, जबकि बची हुई 9.85 करोड़ डॉलर की पूंजी को अपने यूएसडी कैश बैलेंस में सुरक्षित रख लिया। पूंजी प्रबंधन की इस दोहरी व्यवस्था से कंपनी को डिजिटल संपत्ति बढ़ाने के साथ-साथ अपनी नकदी स्थिति को भी मजबूत रखने में मदद मिली है।
शेयर बायबैक और डिविडेंड भुगतान का वित्तीय गणित
बिटकॉइन जमा करने के अलावा कंपनी ने अपने पूंजी ढांचे को पुनर्गठित करने के लिए इसी अवधि में अन्य बड़े वित्तीय कदम भी उठाए। स्ट्रेटेजी ने अपने यूएसडी कैश बैलेंस से लगभग 20.82 करोड़ डॉलर खर्च करके अपने एससीआरसी प्रेफर्ड स्टॉक के 20.9 लाख शेयर वापस खरीदे। इसके साथ ही, प्रेफर्ड स्टॉक के निवेशकों को लाभांश देने के लिए कंपनी ने अपने अलग से बनाए गए यूएसडी रिजर्व खाते से 4.34 करोड़ डॉलर का भुगतान किया। इन संगठित लेन-देन से स्पष्ट होता है कि कंपनी जहां एक ओर क्रिप्टोकरेंसी में अपना निवेश बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर अपने इक्विटी धारकों और प्रेफर्ड शेयर निवेशकों के प्रति वित्तीय प्रतिबद्धताओं को भी व्यवस्थित रूप से पूरा कर रही है।
संस्थागत बिकवाली और ईटीएफ से भारी निकासी का दबाव
स्ट्रेटेजी की यह नई खरीदारी क्रिप्टोकरेंसी बाजार के एक चुनौतीपूर्ण दौर में सामने आई है, जहां संस्थागत मांग में उल्लेखनीय सुस्ती देखी जा रही है और निवेशक अत्यधिक सतर्क रुख अपना रहे हैं। बिटकॉइन हाल ही में शुक्रवार को 76,141 डॉलर तक फिसल गया था, जो 17 सितंबर के बाद से इसका सबसे निचला स्तर दर्ज किया गया। हालांकि इसके बाद कीमत को 76,000 डॉलर से 76,600 डॉलर के दायरे में एक ठोस आधार मिला।
अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में लगातार निकासी का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ से 64.32 करोड़ डॉलर की भारी निकासी दर्ज की गई। इस बड़े बहिर्वाह के कारण अक्टूबर महीने का कुल ईटीएफ प्रदर्शन लगभग 51.5 करोड़ डॉलर के शुद्ध बहिर्वाह में बदल गया। इसके अलावा बीते सप्ताह भी स्पॉट फंड्स से 20.2 करोड़ डॉलर से अधिक की निकासी हुई थी, जिसने बाजार में संस्थागत पूंजी की वापसी को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है।
ईटीएफ बेसिस ट्रेड में घटता मुनाफा और ऑप्शन बाजार का रुख
बाजार की कमजोरी के पीछे एक प्रमुख कारण ईटीएफ बेसिस ट्रेड रणनीति के मुनाफे में आई भारी गिरावट को माना जा रहा है। इस रणनीति के तहत बड़े संस्थागत निवेशक स्पॉट बिटकॉइन खरीदते हैं और साथ ही वायदा अनुबंध बेचकर दोनों कीमतों के अंतर से जोखिम मुक्त रिटर्न कमाते हैं। क्यूसीपी के अनुसार, यह रणनीति अब केवल लगभग 4.8 प्रतिशत का रिटर्न दे रही है, जो अमेरिकी ट्रेजरी बिलों की यील्ड से महज 0.6 प्रतिशत अंक ही अधिक है। प्रतिफल में इस संकुचन के कारण मल्टी-स्ट्रैटेजी हेज फंडों और बड़े वित्तीय संस्थानों के लिए इस व्यापार का आकर्षण काफी घट गया है।
ऑप्शन बाजार में भी डेरिवेटिव कारोबारियों की सतर्कता साफ झलक रही है। अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों के मद्देनजर कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव की आशंका बनी हुई है और इंप्लाइड वोलैटिलिटी 47 प्रतिशत के स्तर पर आंकी गई है। इसके साथ ही कीमतों में और गिरावट के जोखिम से बचने के लिए डाउनसाइड प्रोटेक्शन यानी पुट ऑप्शंस की मांग काफी ऊंची बनी हुई है। बाजार में फियर एंड ग्रीड इंडेक्स भी पिछले हफ्ते के 43 अंक से फिसलकर 36 अंक पर आ गया है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि ट्रेडर्स में जोखिम लेने की इच्छा काफी घट गई है।
तकनीकी स्तर और आगामी वैश्विक मैक्रो ट्रिगर्स
विश्लेषकों का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी की आगामी दिशा कई महत्वपूर्ण वैश्विक घटनाओं और आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। इनमें अमेरिकी मध्यावधि चुनाव, फेडरल रिजर्व द्वारा जारी किए जाने वाले आर्थिक आंकड़े, बैंक ऑफ इंग्लैंड का ब्याज दर फैसला और शुक्रवार को आने वाले अक्टूबर महीने के नॉनफार्म पेरोल्स (एनएफपी) रोजगार आंकड़े शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व में बिनांस से जुड़ी 6 अरब डॉलर की कथित सुरक्षा सेंध के बाद निवेशकों की धारणा अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है। ऐतिहासिक रूप से अमेरिकी कांग्रेस के चुनावों ने राजनीतिक समीकरणों के साथ-साथ बिटकॉइन की कीमतों पर भी दबाव डाला है।
क्यूसीपी के विश्लेषकों के अनुसार, बिटकॉइन के लिए तत्काल मजबूत समर्थन 76,000 डॉलर से 76,600 डॉलर के दायरे में स्थित है, जबकि ऊपर की ओर कड़ा प्रतिरोध 79,500 डॉलर से 80,500 डॉलर के बीच मौजूद है। बाजार को गुरुवार को खोए हुए स्तरों को फिर से हासिल करने के लिए दैनिक आधार पर 79,500 डॉलर के ऊपर क्लोजिंग देनी होगी। यदि कीमत 76,000 डॉलर के तात्कालिक समर्थन को नीचे की ओर तोड़ती है, तो 50-सप्ताह का मूविंग एवरेज 75,700 डॉलर और उसके नीचे 200-दिवसीय मूविंग एवरेज 73,100 डॉलर का स्तर परीक्षण के दायरे में आ सकता है।
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, बिटकॉइन 76,852 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 78,248 डॉलर की तुलना में 1.79 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। इसका 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 35 पर आ चुका है, जबकि एमएसीडी हिस्टोग्राम -468.55 के साथ मंदी का संकेत दे रहा है। 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 80,042 डॉलर और 50-दिवसीय ईएमए 80,166 डॉलर पर स्थित है, जो ऊपर की ओर अवरोध पैदा कर रहे हैं। अल्पावधि में 82,248 डॉलर के स्तर से नीचे आने के बाद कीमत एक गिरते हुए ट्रेंड चैनल में बनी हुई है, हालांकि मध्यम अवधि के चार्ट पर 66,259 डॉलर के ब्रेकआउट के बाद का सकारात्मक ढांचा अब भी सुरक्षित है।



















