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ताइवान डॉलर पर पूंजी निकासी का दबाव, वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में हलचलबाज़ार
3 नव॰ 2026, 1:40 am (1 मिनट पहले)· 1

ताइवान डॉलर पर पूंजी निकासी का दबाव, वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में हलचल

मजबूत जीडीपी आंकड़ों और संभावित ब्याज दर वृद्धि के बावजूद भारी विदेशी पूंजी निकासी से ताइवानी डॉलर दबाव में है, जबकि वैश्विक बाजारों में डॉलर, सोना और प्रमुख मुद्राओं में उठापटक जारी है।

ताइवान की अर्थव्यवस्था कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI क्षेत्र की तेज मांग के दम पर असाधारण गति से आगे बढ़ रही है, लेकिन इसके बावजूद विदेशी मुद्रा बाजार में ताइवानी डॉलर को कड़े दबाव का सामना करना पड़ रहा है। देश की मजबूत आर्थिक बुनियाद और बढ़ती महंगाई ने आने वाले महीनों में मौद्रिक सख्ती की संभावनाओं को हवा दी है। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर हो रही विदेशी पोर्टफोलियो निकासी ने स्थानीय मुद्रा की बढ़त पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है, जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ताइवानी डॉलर मौजूदा साल के अपने उच्चतम स्तरों के इर्द-गिर्द बना हुआ है। इसी बीच वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी कई बड़ी हलचलें देखने को मिल रही हैं, जहां प्रमुख मुद्राओं, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और सोने की कीमतों में नए समीकरण बन रहे हैं।

ताइवान की आर्थिक वृद्धि और ब्याज दर में संभावित बढ़ोतरी

आर्थिक संकेतकों पर नजर डालें तो ताइवान की तीसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP में सालाना आधार पर 14.4% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह आंकड़ा ब्लूमबर्ग के 12.0% के आम सहमति अनुमान से काफी बेहतर है और दूसरी तिमाही की 12.9% की वृद्धि दर से भी अधिक है। ताइवान के इतिहास में यह लगातार चौथी तिमाही रही है जब विकास दर दहाई अंकों में दर्ज हुई है, जो वर्ष 1986-87 के बाद का सबसे लंबा विस्तार चरण माना जा रहा है। मौसमी रूप से समायोजित आधार पर देखें तो तिमाही-दर-तिमाही GDP वृद्धि दर दूसरी तिमाही के 1.4% से सुधरकर 3.2% पर पहुंच गई है।

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विकास के साथ-साथ महंगाई के मोर्चे पर भी चुनौतियां सामने आ रही हैं। सितंबर के महीने में मुख्य हेडलाइन मुद्रास्फीति सालाना आधार पर 2.7% तक पहुंच गई, जबकि कोर मुद्रास्फीति बढ़कर 2.5% दर्ज की गई। हालांकि खाने-पीने की चीजों में अस्थायी तेजी और मौसमी कारणों का भी इसमें हाथ रहा है, लेकिन अंतर्निहित मूल्य दबाव अब नीति निर्माताओं के लिए चिंता का विषय बन रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए सेंट्रल बैंक ऑफ द रिपब्लिक ऑफ चाइना यानी CBC द्वारा दिसंबर में 12.5 आधार अंकों की मामूली ब्याज दर वृद्धि की संभावना तेजी से बढ़ रही है। हालांकि केंद्रीय बैंक दरें बढ़ाने से पहले महंगाई के टिकाऊ बने रहने के और स्पष्ट संकेतों का इंतजार भी कर सकता है।

विदेशी पूंजी निकासी से दबाव में ताइवानी मुद्रा

आमतौर पर मजबूत आर्थिक वृद्धि, ताइवान का भारी विदेशी व्यापार अधिशेष और केंद्रीय बैंक की ओर से संभावित नीतिगत सख्ती स्थानीय मुद्रा यानी TWD को मजबूती प्रदान करते हैं। लेकिन वर्तमान परिदृश्य में इन सभी सकारात्मक कारकों पर भारी विदेशी पूंजी निकासी हावी हो गई है। केंद्रीय बैंक CBC के अनुमानों के अनुसार, जुलाई से लेकर 21 अक्टूबर के बीच लगभग 54.3 अरब अमेरिकी डॉलर की विदेशी पोर्टफोलियो निकासी दर्ज की गई है। इस भारी बिकवाली ने घरेलू मुद्रा की मांग को कमजोर कर दिया है।

इसी वजह से मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियाद के बावजूद ताइवानी डॉलर निकट भविष्य में दबाव में बना रह सकता है। विदेशी मुद्रा बाजार में USD/TWD की जोड़ी 32.60 के आसपास टिकी हुई है, जो इस साल का उच्चतम स्तर है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी डॉलर की समग्र दिशा, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें और ताइवान के शेयर बाजार में विदेशी इक्विटी का शुद्ध प्रवाह ही ताइवानी मुद्रा की अगली चाल तय करेंगे। निकट अवधि में इस करेंसी पेयर को मौजूदा स्तरों पर समर्थन मिलने का रुझान बना रह सकता है।

वैश्विक मुद्राओं का रुख: येन, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और ब्याज दरें

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में सोमवार को अन्य प्रमुख जोड़ियों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी AUD/USD ने एशियाई सत्र की शुरुआती गिरावट से उबरते हुए वापसी की। अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक वार्ताओं को लेकर पैदा हुई नई उम्मीदों ने निवेशकों के भरोसे को सहारा दिया, जिससे सुरक्षित निवेश समझे जाने वाले अमेरिकी डॉलर की तेजी सीमित हुई और जोखिम से जुड़े ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को गति मिली। हालांकि हाजिर कीमतें पिछले गुरुवार को छुए गए एक महीने के उच्च स्तर से नीचे ही रहीं, क्योंकि कारोबारी रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी RBA के महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय से पहले कोई नया बड़ा दांव लगाने से बचते दिखे।

दूसरी ओर जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर यानी USD/JPY में नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक गति के साथ हुई। शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान यानी BoJ की बैठक के बाद यह जोड़ी गिरकर 157.00 के नीचे चली गई थी, जहां से उबरते हुए एशियाई सत्र में यह उछलकर 158.00 के दायरे में पहुंच गई। जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा द्वारा करेंसी बाजार में नए हस्तक्षेप की चेतावनियों के बावजूद हाजिर कीमतों पर इस चेतावनी का कोई खास असर नजर नहीं आया और डॉलर मजबूत बना रहा।

सोने में सुधार और अमेरिकी इक्विटी बाजार के संकेत

कमोडिटी बाजार में अमेरिकी कारोबारी घंटों के दौरान सोने की कीमतों में भी कुछ सुधार दर्ज किया गया। अमेरिका-ईरान वार्ताओं से जुड़े सकारात्मक घटनाक्रम के चलते कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई, जिससे सोने को तकनीकी सहारा मिला। पिछले शुक्रवार को 3,870 डॉलर प्रति औंस के नए वार्षिक निचले स्तर को छूने और अक्टूबर के पूरे महीने में 6.87% की भारी गिरावट दर्ज करने के बाद सोना संभलने की कोशिश करता दिखा। फिर भी बुनियादी हालात को देखते हुए इस तेजी में बहुत अधिक मजबूती नहीं दिख रही है और बाजार में इसके टिकाऊ होने पर संशय बरकरार है।

उधर अमेरिकी अर्थव्यवस्था के आंकड़ों पर गौर करें तो अर्थव्यवस्था 3.4% की वार्षिक दर से आगे बढ़ी है, लेकिन इसके बावजूद अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट देखी गई। वहीं नैस्डैक सूचकांक के लिए अक्टूबर का महीना मार्च 2025 के बाद का सबसे खराब मासिक प्रदर्शन वाला रहा। वित्तीय बाजार अब केवल विकास के नाम पर कंपनियों द्वारा किए जाने वाले भारी पूंजीगत खर्च को पुरस्कृत करने के मूड में नहीं दिख रहा है। निवेशक अब बारीकी से यह परख रहे हैं कि क्या यह पूंजीगत व्यय वास्तव में मजबूत नकदी प्रवाह और पूंजी की लागत से अधिक रिटर्न उत्पन्न करने में सक्षम है या नहीं।

सवाल-जवाब

ताइवान की तीसरी तिमाही की जीडीपी विकास दर कितनी रही?
ताइवान की तीसरी तिमाही की जीडीपी में सालाना आधार पर 14.4% की वृद्धि दर्ज की गई, जो 12.0% के अनुमान से कहीं अधिक है।
ताइवान से कितनी विदेशी पूंजी की निकासी हुई है?
केंद्रीय बैंक के अनुमान के मुताबिक जुलाई से 21 अक्टूबर के दौरान लगभग 54.3 अरब अमेरिकी डॉलर की विदेशी पोर्टफोलियो निकासी हुई है।
ताइवान में दिसंबर महीने में ब्याज दर बढ़ने की क्या संभावना है?
बढ़ती महंगाई के कारण सेंट्रल बैंक ऑफ द रिपब्लिक ऑफ चाइना द्वारा दिसंबर में 12.5 आधार अंकों की दर वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
अक्टूबर में सोने की कीमतों में कितना उतार-चढ़ाव देखा गया?
सोना शुक्रवार को 3,870 डॉलर के वार्षिक निचले स्तर तक गिर गया था और अक्टूबर के महीने में इसमें कुल 6.87% की गिरावट दर्ज की गई।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार का हालिया प्रदर्शन कैसा रहा?
अमेरिकी अर्थव्यवस्था 3.4% की वार्षिक दर से बढ़ी, लेकिन इसके बावजूद नैस्डैक ने मार्च 2025 के बाद अपना सबसे खराब मासिक प्रदर्शन दर्ज किया।
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