क्रिप्टोकरेंसी और डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) बाजार में जारी व्यापक मंदी के बावजूद ऑन-चेन टोकनाइज्ड रियल-वर्ल्ड एसेट्स (RWA) ने अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई है। डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस सेक्टर से जुड़े नवीनतम RWA विश्लेषण के अनुसार, डिसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजों और लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स पर टोकनाइज्ड रियल-वर्ल्ड एसेट्स में जमा पूंजी (डिपॉजिट) दूसरी तिमाही 2025 से दूसरी तिमाही 2026 के बीच तीन गुना से अधिक बढ़कर 2.3 अरब डॉलर से सीधे 7.4 अरब डॉलर पर पहुंच गई। यह रिकॉर्ड उछाल तब दर्ज किया गया जब इसी समयावधि के दौरान समग्र DeFi इकोसिस्टम में कुल डिपॉजिट में 15% की वार्षिक (YoY) गिरावट देखने को मिली। RWA सेगमेंट और व्यापक DeFi रुझानों के बीच यह स्पष्ट अंतर यह साबित करता है कि टोकनाइज्ड एसेट्स की मांग अब केवल क्रिप्टो बाजार की सट्टेबाजी या चक्रों पर निर्भर नहीं है, बल्कि ऑन-चेन वित्तीय सेवाओं में उनकी वास्तविक उपयोगिता और स्थिरता पर टिकी हुई है।
इश्यूएंस से आगे बढ़कर प्रोडक्टिव कोलैटरल बने टोकनाइज्ड एसेट्स
ब्लॉकचेन नेटवर्क पर RWA की बढ़ती स्वीकार्यता केवल नए टोकन जारी करने (इश्यूएंस) तक सीमित नहीं रही है। ऑन-चेन वित्तीय इकोसिस्टम में एक बड़ा रणनीतिक बदलाव यह देखने को मिला है कि टोकनाइज्ड वित्तीय साधनों का उपयोग अब सक्रिय कोलैटरल (जमानती संपत्ति) के रूप में किया जा रहा है। डिजिटल वॉलेट्स में निष्क्रिय पड़े रहने के बजाय ये एसेट्स अब विभिन्न लेंडिंग और डेरिवेटिव्स प्रोटोकॉल में लिक्विडिटी और रिटर्न उत्पन्न कर रहे हैं।
विश्लेषण से यह सामने आया है कि ऑन-चेन वित्तीय सेवाओं में यिल्ड-बियरिंग (ब्याज या रिटर्न देने वाले) टोकनाइज्ड फंड्स RWA कोलैटरल का सबसे प्रमुख स्रोत बनकर उभरे हैं। इस श्रेणी में विकास की अगुवाई अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड्स और सरकारी प्रतिभूतियों द्वारा समर्थित टोकन कर रहे हैं, जिनमें JTRSY, BUIDL और sUSDS मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके साथ ही प्राइवेट क्रेडिट (निजी ऋण) से जुड़े उत्पाद भी तेजी से लोकप्रिय हुए हैं, जिनमें JAAA, syrupUSDT, syrupUSDC और PRIME शामिल हैं। इनके अलावा डेल्टा-न्यूट्रल रणनीतियों पर आधारित उत्पाद जैसे sUSDe भी कोलैटरल के रूप में व्यापक रूप से तैनात किए जा रहे हैं। संस्थागत निवेशक इन उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं क्योंकि वे ब्लॉकचेन की पारदर्शिता के साथ-साथ स्थिर और अनुमानित रिटर्न प्रदान करते हैं।
RWA लेंडिंग में एथेरियम का दबदबा, अन्य नेटवर्क भी बना रहे जगह
ब्लॉकचेन इकोसिस्टम के स्तर पर, एथेरियम (ETH) ने RWA-समर्थित लेंडिंग के लिए प्राथमिक नेटवर्क के रूप में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। वर्तमान में डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस क्षेत्र में कुल RWA डिपॉजिट का लगभग 70% हिस्सा अकेले एथेरियम ब्लॉकचेन पर मौजूद है। एथेरियम की गहरी लिक्विडिटी, स्थापित स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट सुरक्षा और मजबूत संस्थागत इंफ्रास्ट्रक्चर इसे RWA लेंडिंग का सबसे पसंदीदा ठिकाना बनाते हैं।
हालांकि, एथेरियम के अलावा अन्य ब्लॉकचेन नेटवर्क्स ने भी RWA क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाई है। प्रमुख डिसेंट्रलाइज्ड लेंडिंग प्लेटफॉर्म आवे के एथेरियम से बाहर विस्तार करने के बाद प्लाज्मा (XPL) दूसरा सबसे बड़ा RWA इकोसिस्टम बनकर उभरा है। दूसरी ओर, सोलाना (SOL) ब्लॉकचेन पर RWA की वृद्धि को मुख्य रूप से कामिनो (KMNO) प्रोटोकॉल द्वारा संचालित किया गया। आंकड़े यह दर्शाते हैं कि उधारकर्ता (बोरोअर्स) उन लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स को प्राथमिकता देते हैं जहां पर्याप्त उधारी लिक्विडिटी उपलब्ध हो, जबकि निवेशक और लेंडर्स अपनी पूंजी वहीं आवंटित करते हैं जहां उधारी की वास्तविक मांग पहले से मौजूद होती है।
क्रिप्टो मंदी के बीच RWA स्पॉट ट्रेडिंग और परपेचुअल फ्यूचर्स में रिकॉर्ड तेजी
व्यापक DeFi बाजार में सुस्ती के बावजूद RWA स्पॉट ट्रेडिंग गतिविधि में उल्लेखनीय उछाल आया है। Q2 2025 और Q2 2026 के बीच, जहां डिसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजों (DEX) पर कुल स्पॉट ट्रेडिंग वॉल्यूम में लगभग 70% की भारी गिरावट दर्ज की गई, वहीं RWA स्पॉट ट्रेडिंग वॉल्यूम छोटे आधार के बावजूद साल-दर-साल लगभग 220% बढ़ा।
इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बढ़त RWA परपेचुअल फ्यूचर्स (डेरिवेटिव्स) बाजार में देखी गई। अक्टूबर 2025 के बाद जब क्रिप्टो-नेटिव परपेचुअल फ्यूचर्स वॉल्यूम में गिरावट आने लगी, तब भी RWA डेरिवेटिव्स का विस्तार जारी रहा। हाइपरलिक्विड नेटवर्क पर बने RWA-केंद्रित डेरिवेटिव्स प्लेटफॉर्म ट्रेडXYZ का ट्रेडिंग वॉल्यूम लॉन्च के बाद से लगभग 20 गुना बढ़ गया है। ट्रेडXYZ पर अधिकांश ट्रेडिंग गतिविधि कमोडिटीज (जिंसों), प्रमुख इक्विटी इंडेक्स और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों पर आधारित परपेचुअल कॉन्ट्रैक्ट्स में केंद्रित रही। खास बात यह है कि वॉल्यूम के साथ-साथ प्लेटफॉर्म पर ओपन इंटरेस्ट भी लगातार बढ़ा है, जो यह दर्शाता है कि बाजार में अल्पावधि सट्टेबाजी के बजाय दीर्घकालिक संस्थागत हेजिंग और पोजीशन निर्माण हो रहा है। RWA परपेचुअल फ्यूचर्स की यह वृद्धि क्रिप्टो ट्रेडिंग गतिविधियों के पुनर्वितरण के बजाय नए निवेशकों की आवक का संकेत देती है।
हाइपरलिक्विड और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स को मिल रहा सबसे ज्यादा वैल्यूएशन मल्टीपल
RWA डिपॉजिट में रिकॉर्ड वृद्धि के बावजूद, समग्र लेंडिंग और ट्रेडिंग एप्लिकेशन्स के राजस्व (एप्लिकेशन रेवेन्यू) में साल-दर-साल गिरावट आई है। इसका मुख्य कारण यह है कि क्रिप्टो-नेटिव ट्रेडिंग वॉल्यूम अभी भी उद्योग के कुल राजस्व का सबसे बड़ा हिस्सा बनाते हैं, जिनमें मंदी का असर देखने को मिला।
इन चुनौतियों के बीच भी हाइपरलिक्विड (HYPE) ऑन-चेन एप्लिकेशन्स में सबसे ज्यादा कमाई करने वाला प्रोटोकॉल बना रहा। हाइपरलिक्विड को डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग के मजबूत आर्थिक ढांचे का लाभ मिला, क्योंकि यह एप्लिकेशन इंटरफेस और सेटलमेंट लेयर दोनों स्तरों पर राजस्व हासिल करने में सक्षम है।
पूरे DeFi सेक्टर में निवेशक मूल्यांकन के मामले में ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स का वर्चस्व बना हुआ है। हाइपरलिक्विड (HYPE), यूनिसैप (UNI) और एरोड्रोम (AERO) जैसे ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स को लेंडिंग या एसेट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म्स की तुलना में सबसे अधिक वैल्यूएशन मल्टीपल मिल रहा है। निवेशक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स को इसलिए तवज्जो देते हैं क्योंकि उनमें कैपिटल वेलोसिटी (पूंजी की गति) अधिक होती है, नए वित्तीय उत्पादों के विस्तार के बेहतर अवसर होते हैं और उनका बिजनेस मॉडल अधिक स्केलेबल होता है, जो भविष्य में मजबूत कैश फ्लो जनरेशन की संभावना जगाता है।



















