अमेरिकी अर्थव्यवस्था में लगातार बनी हुई महंगाई के नए आंकड़ों ने वैश्विक वित्तीय बाजारों की धारणा को हिला दिया है। लेबर स्टैटिस्टिक्स ब्यूरो की ओर से जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की ताजा रिपोर्ट उम्मीद से अधिक गर्म रहने के बाद निवेशकों ने अपनी पूंजी सुरक्षित करने की कवायद शुरू कर दी है। इसी बिकवाली के दबाव में बिटकॉइन बुधवार को 82,000 डॉलर के स्तर की तरफ फिसल गया, जबकि सर्राफा बाजार में सोने के भाव लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरते हुए 4,100 डॉलर के नीचे चले गए हैं।
उम्मीद से तेज उछली अमेरिकी महंगाई और ब्याज दर वृद्धि का बढ़ता खतरा
श्रम सांख्यिकी विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार अमेरिका में वार्षिक खुदरा महंगाई दर सितंबर महीने में बढ़कर 3.7 प्रतिशत पर पहुंच गई है। यह आंकड़ा अर्थशास्त्रियों के 3.6 प्रतिशत के अनुमान से कहीं अधिक है और अगस्त माह में दर्ज 3.4 प्रतिशत की तुलना में तेज उछाल को दर्शाता है। यदि अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले खाद्य और ईंधन उत्पादों को अलग कर दें, तो कोर सूचकांक भी अगस्त के 2.4 प्रतिशत के मुकाबले बढ़कर 2.6 प्रतिशत पर दर्ज किया गया।
मासिक आधार पर भी महंगाई की रफ्तार तेज हुई है। सितंबर में मासिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 0.6 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जो अगस्त के 0.4 प्रतिशत से अधिक है। वहीं कोर सूचकांक में लगातार दूसरे महीने 0.3 प्रतिशत की स्थिर बढ़ोतरी देखी गई है। सीएमई ग्रुप के फेडवॉच टूल के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि अक्टूबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी करने की संभावना एक ही दिन में 22 प्रतिशत से छलांग लगाकर 49 प्रतिशत पर पहुंच गई है। महीने के आखिर में होने वाली केंद्रीय बैंक की बैठक से पहले बढ़ती उधारी लागत के अनुमानों ने सट्टेबाजी और जोखिम वाली संपत्तियों पर गहरा दबाव बना दिया है। इसके पीछे कच्चे तेल की तेजी का भी बड़ा हाथ है, जहां वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट के भाव लगातार पांचवें दिन चढ़ते हुए 94.00 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार कर रहे हैं।
बिटकॉइन चार्ट पर समर्थन रेखाओं की परीक्षा और तकनीकी परिदृश्य
डिजिटल एसेट बाजार में मंदी के रुझान वाले कारोबारी अब 82,000 डॉलर के आसपास अपनी पकड़ मजबूत करने की होड़ में हैं। पिछले सप्ताह से 84,000 डॉलर के कड़े प्रतिरोध को पार करने की कोशिशें बार-बार नाकाम रही हैं, जिसके चलते यह प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी 80,000 डॉलर के नजदीकी सहारे की ओर झुक गई है। हालांकि व्यापक परिदृश्य में दीर्घकालिक तेजी का ढांचा अब भी सुरक्षित बना हुआ है क्योंकि स्पॉट भाव प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के ऊपर टिके हैं।
तकनीकी चार्ट पर 79,663 डॉलर से ऊपर की ओर बढ़ रही सुपरट्रेंड रेखा मौजूदा भाव के नीचे मजबूती से टिकी है। इसके अलावा 50-दिवसीय ईएमए 80,333 डॉलर पर पहला रक्षात्मक घेरा बना रहा है, जबकि सुपरट्रेंड का 79,664 डॉलर वाला स्तर दूसरा मजबूत दायरा है। यदि गिरावट और गहरी होती है, तो 100-दिवसीय ईएमए 76,625 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 75,701 डॉलर पर टिके हैं, जिनका कायम रहना मध्यम अवधि के तेजी चक्र के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। लाइव मार्केट आंकड़ों के मुताबिक बिटकॉइन 81,561 डॉलर के आसपास देखा गया, जहां इसका 14-दिवसीय आरएसआई 47 पर है और एमएसीडी हिस्टोग्राम मंदी के संकेत दे रहा है। अल्पावधि में यह 82,248 से 85,568 डॉलर के आयताकार दायरे में फंसा है, जिसके टूटने पर ही अगली बड़ी दिशा तय होगी।
सोने में भारी बिकवाली और दबाव में आया सर्राफा बाजार
पीली धातु की बात करें तो सोना 4,086 डॉलर के स्तर पर फिसल गया है और चार्ट पर इसका व्यवहार कमजोर नजर आ रहा है। इसके प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज अब भाव के काफी ऊपर जमा हो गए हैं, जो किसी भी त्वरित सुधार को सीमित कर रहे हैं। 50-दिवसीय ईएमए 4,261 डॉलर, 200-दिवसीय ईएमए 4,299 डॉलर और 100-दिवसीय ईएमए 4,309 डॉलर के भाव पर एक घना आपूर्ति दायरा बनकर खड़े हैं।
सोने के लिए 4,361 डॉलर पर स्थित सुपरट्रेंड रेखा मंदी के रुझान को और मजबूत कर रही है। 38 के आसपास घूमता रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यह साबित करता है कि बिकवाली करने वालों का दबाव हावी है। दैनिक चार्ट पर जब तक खरीदार इन सभी मूविंग एवरेज के घने समूह को पार नहीं कर लेते और 4,425 डॉलर के ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट स्तर को चुनौती नहीं देते, तब तक धातु में किसी बड़े सुधार की गुंजाइश सीमित दिखती है।
क्रिप्टो बाजार की बुनियादी संरचना: ऑल्टकॉइन, स्टेबलकॉइन और बिटकॉइन प्रभुत्व
क्रिप्टोकरेंसी पारिस्थितिकी तंत्र में बिटकॉइन सबसे विशाल बाजार पूंजीकरण वाला डिजिटल सिक्का है, जिसे विकेंद्रीकृत भुगतान प्रणाली के तौर पर तैयार किया गया था ताकि वित्तीय लेन-देन में किसी तीसरे पक्ष या केंद्रीय सत्ता के नियंत्रण को खत्म किया जा सके। बिटकॉइन के अलावा बाकी सभी आभासी मुद्राओं को ऑल्टकॉइन कहा जाता है, हालांकि एथेरियम को अक्सर इस श्रेणी से अलग स्वतंत्र प्रोटोकॉल के तौर पर देखा जाता है। मूल बिटकॉइन श्रृंखला से कोड विभाजन के जरिए निकला लाइटकॉइन पहला आधिकारिक ऑल्टकॉइन माना जाता है।
बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव से बचने के लिए स्टेबलकॉइन का इस्तेमाल होता है, जिनका मूल्य अमेरिकी डॉलर जैसी संप्रभु मुद्राओं या विशिष्ट संपत्तियों के रिजर्व से आंका जाता है। यह पूंजी को सुरक्षित रखने और पारंपरिक मुद्रा से डिजिटल संपत्तियों में प्रवेश या निकासी का सबसे सरल माध्यम बनते हैं। वहीं समूचे बाजार में पूंजी के प्रवाह को मापने के लिए बिटकॉइन प्रभुत्व का पैमाना इस्तेमाल किया जाता है। जब निवेशक अनिश्चितता के दौर में ऑल्टकॉइन से पैसा निकालकर बिटकॉइन जैसी बड़ी परिसंपत्ति में लगाते हैं तो इसका अनुपात बढ़ जाता है, जबकि अधिक मुनाफे की चाहत में ऑल्टकॉइन की ओर पूंजी मुड़ने पर इसमें गिरावट आती है। व्यापक बाजार में रिपल 1.30 से 1.35 डॉलर के समर्थन के बीच बंधा है, वहीं पाई नेटवर्क का टोकन 0.0800 डॉलर के स्तर पर टिका हुआ है।
























