अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के अप्रत्याशित आंकड़ों के सार्वजनिक होने के कुछ ही पलों के भीतर डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में तेज उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। प्रमुख क्रिप्टो टोकन बिटकॉइन 82,000 डॉलर की सीमा से फिसल गया, जिससे निवेशकों का सारा ध्यान 80,000 डॉलर के प्रमुख स्तर पर टिक गया है। सितंबर के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में सालाना आधार पर हेडलाइन मुद्रास्फीति 3.7 प्रतिशत दर्ज की गई, जो पूर्व में लगाए गए 3.6 प्रतिशत के अनुमान से ज्यादा रही। इसके अलावा खाद्य और ईंधन की अस्थिर दरों को अलग रखने वाली कोर मुद्रास्फीति 2.6 प्रतिशत पर रही। इस व्यापक आर्थिक दबाव के कारण क्रिप्टो क्षेत्र में त्वरित बिकवाली देखने को मिली और यह डिजिटल सिक्का 1.6 प्रतिशत की दैनिक गिरावट के साथ 81,707 डॉलर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
आंकड़ों के जारी होते ही बिकवाली का दबाव बढ़ गया, क्योंकि बढ़ती महंगाई सामान्य तौर पर केंद्रीय बैंकों की नीतिगत दरों में ढील देने की गति को धीमा कर सकती है। इस व्यापक आर्थिक पृष्ठभूमि ने डिजिटल परिसंपत्तियों में अल्पावधि के निवेशकों की धारणा को तत्काल प्रभावित किया। परिणामस्वरूप, बाजार प्रतिभागी अब तकनीकी और ऑनचेन स्तरों की जांच कर रहे हैं ताकि यह तय किया जा सके कि यह गिरावट किसी बड़े सुधार का संकेत है या केवल एक अल्पकालिक झटका है।
बाइनेंस ऑर्डर बुक और 80,000 डॉलर की रक्षा रेखा
गिरावट के इस दौर में बाजार के निचले स्तरों पर मजबूत मांग के संकेत तलाशे जा रहे हैं। क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस के स्पॉट ऑर्डर बुक पर खरीद के सबसे बड़े समूह में एक उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किया गया है। विश्लेषकों के अनुसार, बड़े पैमाने पर खरीद के जो ऑर्डर पहले 81,000 डॉलर पर केंद्रित थे, वे अब खिसककर 80,000 डॉलर के निशान पर पहुंच गए हैं। यह बदलाव यह दर्शाता है कि बड़े खरीदार अब और नीचे की कीमतों पर प्रविष्टि करने के लिए तैयार बैठे हैं।
मौजूदा तकनीकी ढांचे में 80,000 डॉलर से लेकर 81,500 डॉलर के बीच तत्काल सहारा बना हुआ है। यदि यह सुरक्षा घेरा टूटता है, तो बाजार में अतिरिक्त लिक्विडेशन का दबाव बन सकता है। विश्लेषकों का आकलन है कि 80,000 डॉलर से ठीक नीचे लिक्विडेशन क्लस्टर सक्रिय हो जाएंगे, जिसके बाद 78,000 डॉलर के करीब स्थित ट्रू मार्केट मीन की परीक्षा होगी। यह स्तर डिजिटल परिसंपत्ति के दीर्घकालिक औसत मूल्यांकन को दर्शाता है और किसी भी गहरी गिरावट की स्थिति में महत्वपूर्ण आधार माना जाता है।
अमेरिकी स्पॉट ईटीएफ का लागत आधार और संस्थागत प्रवाह
मौजूदा मूल्य ढांचे में अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ का औसत खरीद मूल्य एक केंद्रीय संदर्भ बिंदु बन चुका है। इन संस्थागत फंडों के लिए औसत अधिग्रहण मूल्य लगभग 81,500 डॉलर के आसपास बैठता है, और 80,000 डॉलर का स्तर इस संस्थागत लागत आधार से ठीक नीचे स्थित है। इससे पहले 8 अक्टूबर और 13 अक्टूबर को भी बिटकॉइन थोड़े समय के लिए 81,500 डॉलर के नीचे फिसला था, हालांकि दोनों ही मौकों पर यह दैनिक आधार पर इस रेखा के ऊपर बंद होने में सफल रहा।
यदि दैनिक बंद स्तर 81,500 डॉलर से नीचे चला जाता है, तो औसत ईटीएफ धारक घाटे की स्थिति में आ जाएंगे, जिससे बाजार से निकटतम ऑनचेन सपोर्ट हट जाएगा। संस्थागत मांग के रुझान में भी हाल के दिनों में एक बड़ा बदलाव दर्ज हुआ है। 21 सितंबर से 6 अक्टूबर के बीच अमेरिकी स्पॉट ईटीएफ में लगभग 3 अरब डॉलर की पूंजी आई थी, जो नवंबर 2025 के बाद सबसे तेज प्रवाह था। इसके विपरीत, 7 अक्टूबर के बाद से इन फंडों से लगभग 760 मिलियन डॉलर की शुद्ध निकासी देखी जा चुकी है।
ईटीएफ में होने वाली इस निरंतर बिकवाली ने हालिया दिनों में बाजार की मांग को काफी हद तक सीमित कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक इन संस्थागत माध्यमों में नियमित और स्थिर पूंजी प्रवाह वापस नहीं लौटता, तब तक नई मांग का ठोस आधार तैयार होना मुश्किल बना रहेगा। मंगलवार को अमेरिकी सूचीबद्ध स्पॉट ईटीएफ में 175.62 मिलियन डॉलर का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया था, जो सोमवार की हल्की निकासी के बाद एक संक्षिप्त राहत लेकर आया था।
पुराने निवेशकों का ब्रेक-ईवन दबाव और ऐतिहासिक पैटर्न
ऑनचेन आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण बताता है कि अलग-अलग समय पर बिटकॉइन खरीदने वाले समूहों का व्यवहार बाजार की चाल को काफी प्रभावित कर रहा है। जिन निवेशकों ने छह से 12 महीने पहले बिटकॉइन हासिल किया था, उनका औसत लागत आधार लगभग 88,000 डॉलर के करीब है। वहीं, जिन निवेशकों ने एक से दो साल पहले यह टोकन खरीदा था, उनकी खरीद का औसत स्तर लगभग 100,000 डॉलर पर है।
ये दोनों ही वर्ग पहले भी कीमतों में उछाल आने पर बिकवाली करते रहे हैं ताकि वे बिना नुकसान के अपने निवेश से बाहर निकल सकें। इस ऐतिहासिक पैटर्न की पुष्टि पूर्व के रुझानों से होती है। जनवरी के महीने में बिटकॉइन पहले समूह के 88,000 डॉलर वाले लागत आधार तक पहुंचा था, जिसके बाद कीमतों में एक तिहाई से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद मई में यह दूसरे समूह के लगभग 100,000 डॉलर वाले लागत आधार के पास पहुंचा, जहां से कीमतों में लगभग 25 प्रतिशत की गिरावट आ गई थी।
जब तक बिटकॉइन 88,000 डॉलर के स्तर के ऊपर दैनिक आधार पर बंद नहीं होता, तब तक कीमतों में प्रत्येक नई बढ़त को उन निवेशकों की बिकवाली का सामना करना पड़ेगा जो अपने सम-मूल्य या ब्रेक-ईवन पर बाहर निकलने की राह देख रहे हैं। इस प्रकार की सतत आपूर्ति बाजार की ऊपरी चाल को बार-बार अवरुद्ध करती है।
दीर्घकालिक धारकों का लचीलापन और अंतर्निहित मजबूती
हालिया मूल्य सुधार के बावजूद कई ऑनचेन मेट्रिक्स यह संकेत देते हैं कि व्यापक बाजार संरचना में अंतर्निहित मजबूती बरकरार है। सबसे सकारात्मक बदलाव दीर्घकालिक निवेशकों के व्यवहार में देखा गया है। इन दीर्घकालिक धारकों ने घाटे में अपनी संपत्ति बेचना काफी हद तक बंद कर दिया है। आंकड़ों के अनुसार, उनके रियलाइज्ड नुकसान का स्तर 12 अगस्त को अपने चरम पर था, जिसके बाद से इसमें लगभग 85 प्रतिशत की भारी कमी आ चुकी है।
यह ऐतिहासिक रूप से एक अत्यंत प्रासंगिक संकेत है, क्योंकि 2022 के मंदी के दौर में भी चक्र के निचले स्तर के कुछ ही हफ्तों के भीतर रियलाइज्ड घाटा चरम पर पहुंच गया था। घाटे की बिकवाली का थमना इस बात का प्रमाण माना जाता है कि कमजोर हाथों से बिकवाली पूरी हो चुकी है और परिसंपत्ति अधिक दृढ़ निवेशकों के हाथों में केंद्रित हो रही है।
इसके अतिरिक्त, बिटकॉइन 18 सितंबर से लगातार ट्रू मार्केट मीन और शॉर्ट-टर्म होल्डर कॉस्ट बेसिस दोनों के ऊपर कारोबार कर रहा है। ऑनचेन विश्लेषण में इस स्थिति को एक बुलिश व्यवस्था के रूप में पहचाना जाता है। हालांकि टोकन 87,000 डॉलर से 88,000 डॉलर के आपूर्ति दायरे को पार करने में विफल रहा है, फिर भी यह 84,000 डॉलर से ऊपर बने रहने और बुधवार को 85,000 डॉलर के रेजिस्टेंस की दिशा में बढ़ने का प्रयास करता रहा है।
अन्य डिजिटल संपत्तियों की स्थिति
व्यापक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में अन्य प्रमुख टोकन भी अपनी अपनी सीमाओं में हलचल दर्ज कर रहे हैं। रिपल का टोकन एक्सआरपी बुधवार को एक संकीर्ण दायरे में कारोबार करता दिखा, जिसमें इसके लिए 1.30 डॉलर और 1.35 डॉलर पर अहम मनोवैज्ञानिक समर्थन स्तर मौजूद हैं। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर भारी आपूर्ति होने के कारण इस टोकन की 1.40 डॉलर तक की रिकवरी क्षमता सीमित बनी हुई है।
वहीं दूसरी ओर, पाई नेटवर्क का पाई टोकन बुधवार को 0.0800 डॉलर के ऊपर स्थिर बना रहा। पूर्ववर्ती सत्र में इसमें 2 प्रतिशत की रिकवरी देखी गई थी, जिसने पिछले सप्ताह के 0.0774 डॉलर के निचले स्तर से नीचे नई गिरावट बनने के जोखिम को टाल दिया। पूरे बाजार की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या बिटकॉइन 80,000 डॉलर के सुरक्षा स्तर को बचाए रख पाता है या संस्थागत बहिर्वाह इसे और नीचे धकेल देगा।



















