राजस्थान में जारी चुनावी सरगर्मियों के बीच भीलवाड़ा जिले के धौड़ गांव में अप्रिय घटना घटी, जहां एक चुनावी जनसभा के दौरान विधायक गोपीचंद मीणा के वाहन को निशाना बनाकर पथराव किया गया। विधायक जब गांव में लोगों के बीच बैठकर चुनावी मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे, उसी वक्त एक बाइक सवार अज्ञात युवक तेजी से आया और उसने विधायक की खड़ी गाड़ी पर जोर से पत्थर दे मारा। इस अचानक हुए हमले में गाड़ी के पिछले हिस्से का शीशा पूरी तरह टूट गया। पत्थर फेंकने के तुरंत बाद आरोपी युवक अपनी मोटरसाइकिल से मौके से भाग निकला, जिससे वहां मौजूद ग्रामीणों और समर्थकों में भारी अफरा-तफरी मच गई।
धौड़ गांव में जनसंवाद के दौरान हुआ हमला
यह पूरा वाकया उस समय घटित हुआ जब विधायक गोपीचंद मीणा धौड़ गांव में आयोजित एक चुनावी बैठक में शिरकत कर रहे थे। वे स्थानीय मतदाताओं के साथ बैठकर आगामी चुनाव की रणनीतियों और क्षेत्रीय समस्याओं पर बातचीत में मशगूल थे। सभा स्थल के निकट ही उनका वाहन खड़ा था। अचानक मोटरसाइकिल पर सवार होकर पहुंचे युवक ने सीधे गाड़ी को निशाना बनाया। पत्थर लगते ही शीशा टूटने की तेज आवाज आई, जिससे सभा में मौजूद लोग हक्के-बक्के रह गए। प्रत्यक्षदर्शी कुछ समझ पाते या उस युवक को पकड़ने के लिए दौड़ते, उससे पहले ही वह मोटरसाइकिल दौड़ाकर वहां से रफूचक्कर होने में कामयाब रहा।
घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात
हमले की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आला पुलिस अधिकारी भारी जाब्ते के साथ फौरन धौड़ गांव पहुंचे। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और टूटे हुए कांच तथा वाहन की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों से पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि हमलावर की दिशा और उसके हुलिए से जुड़े अहम सुराग हाथ लग सकें। पुलिस दल आसपास के रास्तों और संभावित ठिकानों पर आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रहा है, हालांकि खबर लिखे जाने तक हमलावर की ठोस पहचान सामने नहीं आ सकी है।
विधायक ने कांग्रेस पर साधा निशाना, सियासी तापमान चढ़ा
गाड़ी पर हुए इस पथराव के बाद विधायक गोपीचंद मीणा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इस पूरे घटनाक्रम के लिए कांग्रेस पर सीधा आरोप मढ़ दिया है। चुनावी मौसम में जनप्रतिनिधि की गाड़ी पर हुए इस प्रकार के हमले ने क्षेत्र में राजनीतिक गर्माहट ला दी है और दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी तेज होने के पूरे आसार बन गए हैं। इस वारदात ने चुनावी माहौल में नेताओं और जनसभाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही आरोपी की सही शिनाख्त और हमले के असल कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
























