डिजिटल एसेट बाजार में एक्सआरपी की हालिया रिकवरी की कोशिशें सोमवार को 1.30 डॉलर के अहम स्तर के आसपास कमजोर पड़ती दिखीं। हाल ही में इस सपोर्ट जोन को फिर से हासिल करने के बाद टोकन को अपनी तेजी बनाए रखने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। अमेरिकी बाजारों में सूचीबद्ध एक्सआरपी स्पॉट ईटीएफ में पिछले 14 हफ्तों में पहली बार शुद्ध साप्ताहिक निकासी दर्ज की गई है, जिसने संस्थागत निवेशकों के सतर्क रुख को उजागर किया है। इसके साथ ही डेरिवेटिव्स बाजार में घटती गतिविधियों और मंदी के तकनीकी संकेतकों ने अल्पकालिक सुधार की संभावनाओं को सीमित कर दिया है।
ईटीएफ प्रवाह और संस्थागत मांग में पहली बार बड़ा बदलाव
संस्थागत निवेशकों का रुख एक्सआरपी की हालिया तेजी में एक प्रमुख कारक रहा था, लेकिन पिछले हफ्ते के आंकड़े एक नया मोड़ दर्शाते हैं। अमेरिकी एक्सआरपी स्पॉट ईटीएफ में लगातार 14 हफ्तों तक मजबूत इनफ्लो दर्ज होने के बाद पहली बार नेट आउटफ्लो देखा गया है। हालांकि बाजार विश्लेषकों का मानना है कि केवल एक हफ्ते के आउटफ्लो से किसी दीर्घकालिक बेयरिश ट्रेंड की पुष्टि नहीं की जा सकती। चालू हफ्ते के आंकड़े यह स्पष्ट करने के लिए काफी महत्वपूर्ण होंगे कि क्या यह केवल अल्पकालिक मुनाफावसूली है या फिर संस्थागत पूंजी का व्यापक निकास।
यदि बड़े परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो एक्सआरपी से जुड़े वित्तीय उत्पादों में अब तक की कुल संचयी आवक 1.8 अरब डॉलर पर बनी हुई है। इसके अलावा नेट एसेट्स अंडर मैनेजमेंट 1.5 अरब डॉलर पर टिका हुआ है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि मध्यम से लंबी अवधि का आधार अभी पूरी तरह ध्वस्त नहीं हुआ है, लेकिन नए पूंजी प्रवाह में आई यह रुकावट बाजार में जोखिम उठाने की क्षमता को कमजोर कर रही है।
बाजार की भावना और फियर एंड ग्रीड इंडेक्स के रुझान
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जोखिम उठाने की भूख हाल के हफ्तों में स्पष्ट रूप से कम हुई है। इसका स्पष्ट प्रतिबिंब क्रिप्टो फियर एंड ग्रीड इंडेक्स में दिखता है, जो पिछले दिन के 53 के न्यूट्रल स्तर से बढ़कर 59 पर पहुंचा है और ग्रीड क्षेत्र में बना हुआ है। हालांकि यह आंकड़ा पिछले महीने के 71 के औसत से काफी नीचे आ चुका है। पिछले महीने के उच्च स्तर से यह लगातार गिरावट यह साबित करती है कि व्यापक बाजार में सतर्कता बढ़ रही है और निवेशक आक्रामक खरीदारी करने से बच रहे हैं।
जब समग्र बाजार में सतर्कता का माहौल होता है, तो प्रमुख ऑल्टकॉइन्स में गति बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। मौजूदा माहौल में निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर मुड़ते हैं, जिससे एक्सआरपी जैसे प्रमुख टोकनों पर अतिरिक्त दबाव देखा जा रहा है।
रेजिस्टेंस का जाल और मूविंग एवरेज की स्थिति
चार्ट पर एक्सआरपी की तकनीकी संरचना बेहद नाजुक बनी हुई है। टोकन लगातार प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है, जो इसे निरंतर नीचे की तरफ धकेल रहे हैं। ऊपर की ओर पहला कड़ा अवरोध 100 दिवसीय ईएमए पर है, जो 1.34 डॉलर के स्तर पर मौजूद है। अगर कीमत इस स्तर के ऊपर दैनिक क्लोजिंग देने में विफल रहती है, तो बिकवाली का दबाव खत्म होना मुश्किल है।
इसके बाद 1.38 डॉलर का क्षेत्र एक बेहद सघन रेजिस्टेंस जोन बनाता है, जहां 200 दिवसीय ईएमए और 50 दिवसीय ईएमए एक दूसरे को ओवरलैप करते हैं। 20 दिवसीय ईएमए भी 1.38 डॉलर के आसपास ही मंडरा रहा है। यह सघन क्लस्टर टोकन के लिए एक मजबूत सप्लाई जोन का काम कर रहा है। इसके अलावा 50 दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज 1.41 डॉलर पर स्थित है, जबकि 200 दिवसीय एसएमए 1.28 डॉलर पर आधार प्रदान करता है। चार्ट पर 50 दिवसीय ईएमए का 200 दिवसीय ईएमए से नीचे होना डेथ क्रॉस की स्थिति को दर्शाता है, जो लंबी अवधि के डाउनट्रेंड का स्पष्ट संकेत है। रिकवरी की राह में इससे भी दूर का बड़ा रोड़ा 1.47 डॉलर पर स्थित सुपरट्रेंड लाइन है। जब तक कीमत इन सभी स्तरों से नीचे बनी रहती है, हर उछाल पर बिकवाली हावी रहने की आशंका है।
मोमेंटम संकेतकों और लाइव डेटा का विश्लेषण
वर्तमान तकनीकी उपकरण साफ तौर पर मंदी का संकेत दे रहे हैं। 14 अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 36 से 37 के आसपास बना हुआ है, जो कमजोर गति और ओवरसोल्ड क्षेत्र के करीब होने को दर्शाता है। एमएसीडी भी नकारात्मक क्षेत्र में बना हुआ है, जहां एमएसीडी लाइन -0.04 पर है और सिग्नल लाइन -0.02 पर है, जिससे इसका हिस्टोग्राम -0.02 का बेयरिश सेल सिग्नल बनाए हुए है।
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, टोकन 1.30 डॉलर के आसपास घूम रहा है, जो इसके पिछले क्लोज 1.30 डॉलर से 0.39 प्रतिशत नीचे है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 0.9884 डॉलर से 1.68 डॉलर के बीच दर्ज है। वर्तमान ट्रेडिंग वॉल्यूम इसके 20 दिवसीय औसत का 0.82 गुना है, जो बाजार में घटती भागीदारी का सबूत है। बॉलिंजर बैंड्स 1.25 डॉलर के निचले बैंड और 1.56 डॉलर के ऊपरी बैंड के साथ 1.40 डॉलर का मध्य स्तर दिखा रहे हैं। औसत दिशात्मक सूचकांक 25 पर है, जो ट्रेंडिंग माहौल की पुष्टि करता है। वहीं स्टोकेस्टिक में फास्ट लाइन 16 और सिग्नल लाइन 13 पर है। 0.06 का एवरेज ट्रू रेंज दैनिक उतार-चढ़ाव की सीमा को दर्शाता है, जबकि धुरी स्तर 1.30 डॉलर पर है, जिसके निकटवर्ती सपोर्ट 1.29 डॉलर और 1.28 डॉलर पर तथा रेजिस्टेंस 1.31 डॉलर और 1.33 डॉलर पर मौजूद हैं।
डेरिवेटिव्स बाजार: ओपन इंटरेस्ट और फंडिंग रेट्स का महत्व
क्रिप्टो फ्यूचर्स और डेरिवेटिव्स बाजार के आंकड़े किसी भी आगामी बड़े मूवमेंट का पूर्व संकेत देते हैं। उच्च ओपन इंटरेस्ट आम तौर पर बाजार में उच्च लिक्विडिटी और नई पूंजी के प्रवेश का संकेत माना जाता है। इससे बाजार में ट्रेंड की निरंतरता और दक्षता बढ़ती है। इसके विपरीत, जब ओपन इंटरेस्ट घटता है, तो यह बाजार में परिसमापन और निवेशकों के बाहर निकलने का संकेत होता है, जिससे परिसंपत्ति की कुल मांग गिरती है और बेयरिश धारणा को बल मिलता है।
फंडिंग फीस भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जो स्पॉट और फ्यूचर्स कीमतों के अंतर को पाटती है। लगातार सकारात्मक और उच्च फंडिंग रेट यह दर्शाता है कि ट्रेडर्स में तेजी का भरोसा है और वे कीमत बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं लगातार नकारात्मक फंडिंग रेट मंदी की भावना को पुष्ट करता है, जहां ट्रेडर्स गिरावट की उम्मीद में शॉर्ट पोजीशन बनाए रखते हैं। एक्सआरपी में घटती डेरिवेटिव गतिविधि ने रिकवरी की उम्मीदों पर पानी फेरा है।
अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसीज का तुलनात्मक रुख
सोमवार को व्यापक क्रिप्टो बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। बिटकॉइन 82,000 डॉलर से ऊपर अपनी बढ़त बनाए हुए मजबूत ढांचागत सपोर्ट का निर्माण कर रहा है, भले ही पिछले सप्ताह उसके ईटीएफ से लगभग 229 मिलियन डॉलर की शुद्ध निकासी देखी गई थी। दूसरी तरफ एथेरियम 2,400 डॉलर के ऊपर संभलता नजर आया, जहां मोमेंटम इंडिकेटर्स में हल्के सुधार के सहारे खरीदार नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
छोटे ऑल्टकॉइन्स में कमजोरी साफ दिखी। पाई नेटवर्क 0.0774 डॉलर के हॉरिजॉन्टल सपोर्ट के ऊपर कंसोलिडेशन के बाद नीचे फिसलता दिखा। पाई फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स की नोशनल वैल्यू और साप्ताहिक स्पॉट वॉल्यूम में गिरावट से रिटेल मांग में कमी दर्ज की गई। वहीं प्राइवेसी कॉइन जीकैश तीन हफ्तों की लगातार गिरावट और 30 प्रतिशत नुकसान के बाद सोमवार को थोड़ा सुधरा, लेकिन लगातार तीन हफ्तों के आउटफ्लो और 30 दिन के निचले स्तर पर पहुंचे फ्यूचर्स ओपन इंटरेस्ट के चलते वह संस्थागत भरोसा गंवाता दिख रहा है।





















