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बीकानेर में नाथद्वारा शैली को जीवंत कर रहे डॉ. राकेश किराडू, 500 से ज्यादा श्रीनाथजी की पेंटिंग्स में उकेरी भक्तिकल्चर
25 अग॰ 2026, 12:59 pm (64 दिन पहले)· 3

बीकानेर में नाथद्वारा शैली को जीवंत कर रहे डॉ. राकेश किराडू, 500 से ज्यादा श्रीनाथजी की पेंटिंग्स में उकेरी भक्ति

बीकानेर के चित्रकार डॉ. राकेश किराडू ने अपनी कला को भगवान श्रीनाथजी की भक्ति से जोड़कर एक खास पहचान बनाई है। नाथद्वारा शैली से प्रेरित होकर वह अब तक 500 से अधिक बारीक और जीवंत पेंटिंग्स तैयार कर चुके हैं।

राजस्थान का बीकानेर शहर अपनी प्रसिद्ध उस्ता कला, मथेरन कला और मनमोहक मिनिएचर पेंटिंग के लिए पूरी दुनिया में एक विशेष स्थान रखता है। इस ऐतिहासिक शहर ने ऐसे कई महान कलाकारों को जन्म दिया है, जिनकी बनाई कलाकृतियां न केवल भारत के कोने-कोने में बल्कि विदेशों में भी सराही जाती हैं। इसी कलात्मक माहौल के बीच एक ऐसे चित्रकार भी मौजूद हैं जिन्होंने अपनी चित्रकला को केवल एक व्यवसाय न मानकर भगवान श्रीनाथजी की भक्ति का माध्यम बना लिया है। बीकानेर के रहने वाले चित्रकार डॉ. राकेश किराडू नाथद्वारा शैली में श्रीनाथजी की मनमोहक पेंटिंग्स बनाने के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। चित्रकला की अन्य प्रचलित शैलियों में पूरी तरह कुशल होने के बावजूद उन्होंने अपना पूरा जीवन श्रीनाथजी और भगवान कृष्ण के स्वरूपों को कैनवास पर उतारने में समर्पित कर दिया है।

नाथद्वारा से मिली प्रेरणा और कला यात्रा की शुरुआत

डॉ. राकेश किराडू के जीवन और उनकी कला पर वैष्णव संप्रदाय की परंपराओं और श्रीनाथजी के प्रति गहरी अटूट आस्था का बहुत बड़ा प्रभाव रहा है। अपनी पढ़ाई के दौरान जब वह राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नाथद्वारा गए, तो वहां श्रीनाथजी के पावन दर्शन और मंदिर परिसर की समृद्ध चित्रकला परंपरा ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। नाथद्वारा में बनने वाले श्रीनाथजी के चित्रों की सुंदरता देखकर उन्होंने तय किया कि वह इस विधा को बीकानेर में भी आगे बढ़ाएंगे। बीकानेर लौटने के बाद उन्होंने शुरुआती दिनों में कागज और कपड़े पर शौकिया तौर पर चित्र बनाना शुरू किया। शुरुआत में स्थानीय लोगों ने उनकी इस कलाकृति को बहुत गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें वो सराहना नहीं मिली जिसके वे हकदार थे। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी साधना जारी रखी। धीरे-धीरे लोगों को उनकी बनाई पेंटिंग्स में छिपी भक्ति और कलात्मकता पसंद आने लगी, जिससे बीकानेर में श्रीनाथजी की पेंटिंग बनवाने के लिए डॉ. किराडू का नाम सबसे ऊपर आ गया।

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500 से अधिक पेंटिंग्स और प्राकृतिक रंगों का जादुई इस्तेमाल

वर्षों की निरंतर मेहनत और लगन के बल पर डॉ. राकेश किराडू अब तक 500 से भी अधिक श्रीनाथजी की पेंटिंग्स बना चुके हैं। उनके हाथों से तराशी गई ये कलाकृतियां आज देश के विभिन्न राज्यों के घरों, प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों और बड़े संस्थानों की दीवारें सुशोभित कर रही हैं। नाथद्वारा शैली की बारीकियों से सजी इन पेंटिंग्स में श्रीनाथजी के स्वरूप को अत्यंत भावुक और सजीव अंदाज में उकेरा जाता है। डॉ. किराडू की चित्रकारी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे पूरी तरह से प्राकृतिक रंगों का उपयोग करते हैं। 3डी प्रभाव देने वाली इन प्राकृतिक कलाकृतियों में श्रीनाथजी का चेहरा और आंखें इतनी सजीव नजर आती हैं कि देखने वाला व्यक्ति श्रद्धा से अभिभूत होकर ठहर जाता है।

विश्वविद्यालय में युवाओं को प्रशिक्षण और कला की बारीकियां

अपनी चित्रकला को साधना मानने के साथ-साथ डॉ. राकेश किराडू शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। वह महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के चित्रकला विभाग में प्रोफेसर के रूप में विद्यार्थियों को पेंटिंग की विभिन्न शैलियों का प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। उनके पास सीख रहे विद्यार्थियों का मानना है कि बीकानेर में विभिन्न कला शैलियों के अनेक उस्ताद मौजूद हैं, लेकिन श्रीनाथजी का दिव्य विग्रह बनाने का काम बहुत कम कलाकार कर पाते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि श्रीनाथजी की पेंटिंग तैयार करना असीम धैर्य और अत्यधिक सूक्ष्मता की मांग करता है। इसमें रंगों के संतुलन के साथ-साथ भगवान के भावों और स्वरूप की पवित्र बारीकियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है।

भक्ति और कला का अनूठा संगम

डॉ. किराडू की बनाई प्रत्येक पेंटिंग में कलात्मक निपुणता और गहरी आस्था का एक अनोखा संगम दिखाई देता है। बीकानेर जैसी ऐतिहासिक जगह पर रहकर नाथद्वारा शैली को जीवंत बनाए रखना और इस पारंपरिक विधा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने अपने चित्रों के माध्यम से भगवान श्रीनाथजी और ठाकुरजी के प्रति अपने समर्पण को रंगों में पिरोया है। आज वह न केवल बीकानेर की समृद्ध कला परंपरा को समृद्ध कर रहे हैं, बल्कि नए कलाकारों को भी अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक कला से जुड़ने की प्रेरणा दे रहे हैं।

सवाल-जवाब

डॉ. राकेश किराडू कौन हैं?
डॉ. राकेश किराडू बीकानेर के एक प्रसिद्ध चित्रकार और महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में चित्रकला विभाग के शिक्षक हैं, जो नाथद्वारा शैली में श्रीनाथजी की पेंटिंग्स बनाने के लिए जाने जाते हैं।
डॉ. राकेश किराडू ने अब तक कितनी श्रीनाथजी पेंटिंग्स बनाई हैं?
डॉ. राकेश किराडू अब तक 500 से अधिक श्रीनाथजी की पेंटिंग्स बना चुके हैं।
उन्हें नाथद्वारा शैली की पेंटिंग्स बनाने की प्रेरणा कहाँ से मिली?
अपनी पढ़ाई के दौरान नाथद्वारा की यात्रा के समय श्रीनाथजी के दर्शन और मंदिर की चित्रकला परंपरा से प्रभावित होकर उन्होंने इस शैली में काम करना शुरू किया।
डॉ. किराडू अपनी पेंटिंग्स में किन रंगों का प्रयोग करते हैं?
वे अपनी पेंटिंग्स में मुख्य रूप से 3डी शैली के प्रभाव वाले प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करते हैं।
बीकानेर में अन्य कलाकारों की तुलना में उनकी कला क्यों खास मानी जाती है?
श्रीनाथजी का विग्रह बनाना अत्यधिक धैर्य और बारीक काम है जिसमें रंगों के साथ भावों का ध्यान रखना पड़ता है, और बीकानेर में बहुत कम कलाकार इस शैली में काम करते हैं।
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