दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रहलादपुर बांगर गांव के एक मकान के बाथरूम से 22 साल की महिला का शव संदिग्ध हालात में बरामद किया गया है। मृतका की पहचान सबिला खातून के रूप में हुई है, और इस मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को 29 अगस्त 2026 को मिली थी। इस सनसनीखेज वारदात के सामने आने के बाद से ही मृतका का पति और उसका छोटा बच्चा दोनों रहस्यमय तरीके से घर से गायब हैं, जिनकी तलाश में पुलिस अधिकारी लगातार दबिश दे रहे हैं।
भाई को घर के बाथरूम में मिला बहन का शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका सबिला खातून की शादी करीब दो साल पहले मोहम्मद लालबाबू के साथ हुई थी और वे दोनों प्रहलादपुर बांगर इलाके में ही रह रहे थे। मृतका के भाई और इस मामले में शिकायतकर्ता मोहम्मद गुलाब जब अपनी बहन के आवास पर पहुंचे, तब उन्हें इस खौफनाक सच का पता चला। घर के अंदर प्रवेश करने पर उन्होंने देखा कि सबिला का मृत शरीर बाथरूम के अंदर पड़ा हुआ था।
घटना के बाद से पति और बच्चा घर से फरार
जिस समय मोहम्मद गुलाब अपनी बहन के घर पहुंचे और यह वीभत्स दृश्य देखा, उस वक्त उनका जीजा मोहम्मद लालबाबू और उनका छोटा बच्चा मौके पर मौजूद नहीं थे। दोनों का कुछ भी अता-पता नहीं चल पा रहा है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए बीएसए अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके।
फरार आरोपी पति की तलाश में जुटी पुलिस
इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस ने शाहबाद डेयरी थाने में एफआईआर संख्या 561/26 दर्ज कर ली है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और आईपीसी की धारा 302 यानी हत्या के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस की अलग-अलग टीमें फरार चल रहे पति मोहम्मद लालबाबू को दबोचने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं और मामले के हर पहलू की गहराई से छानबीन की जा रही है।
विभिन्न पहलुओं से की जा रही है मामले की जांच
कानून प्रवर्तन एजेंसियों का कहना है कि आरोपी पति की धरपकड़ के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। सबिला खातून की इस संदिग्ध मौत की जांच कई अलग-अलग एंगल से की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि यह हत्या है या इसके पीछे कोई अन्य साजिश है। अधिकारियों का स्पष्ट तौर पर यह कहना है कि इस मामले में दोषी चाहे कोई भी हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। ऐसी ही वारदातों की श्रृंखला में दिल्ली पुलिस ने कालिंदी कुंज हत्याकांड की गुत्थी सुलझाई थी, जिसमें एक पिता ही अपने बेटे का कातिल निकला था और उसने अपने साथी के साथ मिलकर उस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया था। वह मामला तब उजागर हुआ था जब 23 अगस्त को कालिंदी कुंज की एक कच्ची कॉलोनी के पास लावारिस कंटेनर से एक शव बरामद हुआ था।



















