जयपुर में 6 फीट के कियोस्क से चल रहा प्री-स्कूल, राजस्थान में आंगनबाड़ी केंद्रों का बुरा हालजीबीपी/एसयूडी 1.3600 के करीब स्थिर, 100-दिवसीय एसएमए के ऊपर तेजी का रुझान बरकरारयूरोपीय सेंट्रल बैंक के ब्याज दर रुख से यूरो को मिला सहारा, जैक्सन होल सम्मेलन में केविन वॉश के भाषण पर टिकी बाजार की निगाहेंकृषि विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति संशोधन कानून असंवैधानिक घोषित, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने सुक्खू सरकार के नियम रद्द किएमानसून में बाहर निकलते सांपों का प्रजनन विज्ञान, पलामू के विशेषज्ञ डॉ. डीएस श्रीवास्तव ने समझाया वाइपर प्रजाति का अनोखा रहस्यरसोई के बजट को राहत: केंद्र ने दिल्ली-एनसीआर में ₹35 प्रति किलो प्याज की बिक्री शुरू की, नासिक से पहुंची 'कांदा एक्सप्रेस'नेपाल की भोटेकोशी नदी में तबाही का सच आया सामने, ग्लेशियर खिसकने और भूस्खलन से बना अस्थायी बांध टूटने के बाद आई थी भीषण बाढ़सिचुआन और मणिपुर में महसूस हुए भूकंप के झटके, चीन में 5.1 तो भारत में 3.6 मापी गई तीव्रतासुप्रीम कोर्ट से विदाई पर जस्टिस संजय करोल ने पटना के दिनों को किया याद, बोले- न्याय का मतलब सिर्फ कानून नहीं, इंसान को समझना हैमणिपुर के कांगपोकपी में घात लगाकर हमले के बाद सुरक्षा बलों ने चार लियांगमई नागा नागरिकों के शव बरामद किए
सोशल मीडिया के जरिए ISI से जुड़े दिल्ली के पति-पत्नी गिरफ्तार, दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजे थे 8 भारतीय सिमदिल्ली
28 अग॰ 2026, 10:33 am (2 घंटे पहले)· 2

सोशल मीडिया के जरिए ISI से जुड़े दिल्ली के पति-पत्नी गिरफ्तार, दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजे थे 8 भारतीय सिम

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने वाले दंपति को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने दुबई के रास्ते 8 भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेजे थे और कैंटोनमेंट क्षेत्रों की रेकी के लिए लोगों को जोड़ने का काम कर रहे थे।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सक्रिय एक बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पुलिस की स्पेशल सेल ने एक पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दंपतियों की पहचान मोहम्मद साहिल और उसकी पत्नी समीरा के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह जोड़ा साल 2024 से पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों (PIO) के संपर्क में था और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। दिल्ली-NCR में पाकिस्तान समर्थित जासूसी तंत्र की मौजूदगी की गोपनीय सूचना मिलने के बाद स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज ने कार्रवाई करते हुए इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को आपस में जोड़ा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बना पाकिस्तान से संपर्क

जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी मोहम्मद साहिल वर्ष 2024 में इंस्टाग्राम के जरिए पहली बार एक पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में आया था। यह शुरुआती संपर्क उसकी तत्कालीन महिला मित्र समीरा के जरिए हुआ था, जिससे बाद में साहिल ने शादी कर ली। इसके बाद पाकिस्तानी एजेंट ने दोनों की बातचीत पाकिस्तान में मौजूद वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों (PIO) से करवाई। पाकिस्तानी हैंडलर्स ने दंपति को आर्थिक लाभ और पैसों का लालच देकर भारतीय सुरक्षा तंत्र के खिलाफ काम करने के लिए तैयार कर लिया।

ये भी पढ़ें

दुबई के रास्ते पाकिस्तान तक पहुंचाए गए भारतीय सिम कार्ड

स्पेशल सेल द्वारा की गई पूछताछ और तकनीकी जांच में खुलासा हुआ कि साल 2024 और 2025 के दौरान साहिल और समीरा ने मिलकर 8 भारतीय सिम कार्ड हासिल किए। इन सिम कार्डों को सीधे भेजने के बजाय दुबई के रास्ते पाकिस्तान स्थित उनके हैंडलर्स तक पहुंचाया गया। इस काम के बदले पाकिस्तानी हैंडलर्स ने दोनों को करीब 30 हजार रुपये का भुगतान किया था। सिम कार्ड नेटवर्क को संचालित करने और भारतीय नंबर जुटाकर सीमा पार भेजने में समीरा की बेहद मुख्य भूमिका बताई गई है।

सैन्य कैंटोनमेंट की रेकी और व्हाट्सऐप ग्रुपों में घुसपैठ की साजिश

पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों ने इन 8 भारतीय सिम कार्डों का इस्तेमाल पाकिस्तान में बैठकर व्हाट्सऐप अकाउंट्स को एक्टिवेट करने के लिए किया। इन भारतीय नंबरों से बने व्हाट्सऐप खातों के जरिए पाकिस्तानी एजेंट्स भारत के विभिन्न संवेदनशील व्हाट्सऐप ग्रुपों में शामिल हो गए और गोपनीय व संवेदनशील जानकारियां जुटाने का प्रयास करने लगे। इसके साथ ही, पाकिस्तानी हैंडलर्स ने साहिल को देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित सैन्य कैंटोनमेंट क्षेत्रों की रेकी करने के लिए स्थानीय लोगों को तैयार करने और नए लड़कों की भर्ती करने का काम भी सौंपा था।

जब्त मोबाइल फोन और फॉरेंसिक जांच से खुले राज

कार्रवाई के दौरान स्पेशल सेल ने सबसे पहले मोहम्मद साहिल को हिरासत में लिया। जब उसके मोबाइल फोन को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया, तो उसमें पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ की गई संदिग्ध चैट, ऑडियो नोट्स और कई संवेदनशील सबूत बरामद हुए। साहिल से की गई कड़ाई से पूछताछ के आधार पर पुलिस समीरा तक पहुंची। समीरा के मोबाइल फोन की जांच में भी साहिल, समीरा और पाकिस्तान स्थित आकाओं के बीच हुई बातचीत और व्हाट्सऐप चैट के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। पुलिस अब दोनों के 2 मोबाइल फोन से फॉरेंसिक डेटा निकालकर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मददगारों की तलाश कर रही है।

देशभर में ISI के नेटवर्क पर कसता शिकंजा

यह पहला मौका नहीं है जब दिल्ली में पाकिस्तान प्रायोजित साजिश का खुलासा हुआ है। इससे पहले भी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक अंतरराज्यीय आतंकी और हथियार तस्करी मॉड्यूल को ध्वस्त करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वह नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर शहजाद भट्टी के निर्देशों पर दिल्ली में किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। इस कार्रवाई के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने जानकारी दी थी कि देश के 14 राज्यों में चलाए गए एक व्यापक अभियान के तहत शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े 200 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तान की सैन्य और खुफिया गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दबाव बढ़ रहा है, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के सीक्रेट बजट पर सवाल उठाते हुए उसकी सेना और ISI पर होने वाले खर्च का हिसाब मांगा है।

सवाल-जवाब

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने किसे गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने दिल्ली के रहने वाले दंपति मोहम्मद साहिल और उसकी पत्नी समीरा को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
दोनों आरोपी पाकिस्तानी एजेंट्स से किस प्रकार संपर्क में आए थे?
साहिल वर्ष 2024 में इंस्टाग्राम के जरिए समीरा के माध्यम से एक पाकिस्तानी एजेंट से जुड़ा था, जिसके बाद दोनों की बात पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी (PIO) से कराई गई।
आरोपियों ने पाकिस्तान कितने सिम कार्ड भेजे और बदले में उन्हें कितने पैसे मिले?
उन्होंने वर्ष 2024 और 2025 के दौरान दुबई के रास्ते 8 भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेजे, जिसके बदले में उन्हें लगभग 30 हजार रुपये मिले।
पाकिस्तानी हैंडलर्स इन भारतीय सिम कार्डों का क्या उपयोग कर रहे थे?
इन नंबरों का उपयोग पाकिस्तान में व्हाट्सऐप खाते चालू करने और भारतीय व्हाट्सऐप ग्रुपों में घुसपैठ कर संवेदनशील जानकारियां चुराने के लिए किया जा रहा था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR