राजधानी दिल्ली के शास्त्री नगर इलाके में हाल ही में हुई 44 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, और जांच के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, इस पूरी आपराधिक साजिश का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि उसी कारोबारी का बेटा निकला जिसने कैरियर को इतनी बड़ी रकम सौंपी थी। इस सनसनीखेज वारदात ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और आपसी भरोसे को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि अपनों ने ही इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया।
बेटे ने ही रची थी रकम लूटने की साजिश
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शास्त्री नगर के रहने वाले 52 वर्षीय जितेंद्र कुमार ने इस लूट की शिकायत दर्ज कराई थी। उनका काम पैसों का लेन-देन संभालना था और घटना वाले दिन वह अवधेश तिवारी से 44 लाख रुपये लेकर राजकुमार तक पहुँचाने के लिए निकले थे। एमएस पार्क स्थित ई-49 पते से जैसे ही उन्होंने बाइक उठाई और आगे बढ़े, रास्ते में एक व्यक्ति ने उनकी बाइक रोक ली। इसके तुरंत बाद दूसरे बदमाश ने मौका पाकर उनका बैग छीन लिया, जिसमें करीब 44 लाख रुपये नकद रखे हुए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों शातिर अपराधी मौके से तेजी से फरार हो गए।
भारी कर्ज से परेशान होकर उठाया यह कदम
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत लूट की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। जब तकनीकी और जमीनी स्तर पर जांच को आगे बढ़ाया गया, तो पुलिस के हाथ एक हैरान करने वाला सुराग लगा। जांच में यह साफ हो गया कि इस वारदात की पूरी पटकथा अवधेश तिवारी के बेटे प्रभय तिवारी ने ही लिखी थी। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि प्रभय भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था। अपने ऊपर चढ़े इसी कर्ज को चुकाने के लिए उसने अपने ही पिता के जरिए कैरियर को भेजी गई भारी-भरकम नकदी को लूटने का नापाक षड्यंत्र रचा था।
पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा
दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो आरोपियों को धर दबोचा है। पकड़े गए पहले आरोपी की पहचान शाहदरा निवासी 26 वर्षीय प्रभय तिवारी के रूप में हुई है, जो इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है। वहीं, दूसरा आरोपी 21 साल का सरब तिवारी उर्फ प्रफुल है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रामगंज का रहने वाला है। इन दोनों की गिरफ्तारी से पुलिस को यह समझने में आसानी हुई कि वारदात को किस तरह से सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था और किन लोगों ने इसमें प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया था।
अन्य आरोपियों और लूटी गई रकम की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अभी आगे की गहन छानबीन की जा रही है। लूटी गई पूरी रकम को बरामद करने और इस आपराधिक षड्यंत्र में शामिल अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी बारीकी से जाँच की जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी में इस तरह की वारदातें लगातार सामने आ रही हैं। इससे पहले हाल ही में दिल्ली के अशोक विहार इलाके में भी एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया था, जहाँ बदमाशों ने घर में जबरन घुसकर 75 लाख रुपये लूट लिए थे। उस घटना में चार हमलावरों ने एक महिला को चाकू की नोक पर धमकाया था, उसके हाथ-पैर बाँध दिए थे और नकदी लेकर फरार हो गए थे। इसके अलावा, दिल्ली के न्यू उस्मानपुर में भी दिनदहाड़े डकैती की ऐसी ही एक घटना सामने आई थी, जहाँ सात से आठ बदमाशों ने एक घर में घुसकर लोगों को बंधक बनाया था और नौ लाख रुपये नकद के साथ-साथ कीमती जेवरात भी लूट लिए थे। पुलिस इन सभी मामलों की कड़ियाँ जोड़कर अपराधियों पर नकेल कसने का प्रयास कर रही है।





















