भारतीय क्रिकेट का इतिहास हमेशा से विश्व स्तरीय स्पिनरों और स्विंग गेंदबाजों से सजा रहा है। एक लंबा समय ऐसा भी बीता जब भारतीय मैदानों पर गति से ज्यादा गेंद के घुमाव और दिशा पर जोर दिया जाता था। हालांकि, वक्त के साथ भारतीय क्रिकेट की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। आज भारत के पास ऐसे तेज गेंदबाज मौजूद हैं जो स्पीड गन पर 150 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार आसानी से दर्ज करते हैं और दुनिया के किसी भी कोने में बल्लेबाजों के पसीने छुड़ा देते हैं।
रावलपिंडी एक्सप्रेस का वो अजेय कीर्तिमान
जब भी विश्व क्रिकेट में सबसे तेज गेंद का जिक्र होता है, तो पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शोएब अख्तर की 161.3 किलोमीटर प्रति घंटे की डिलीवरी का ख्याल सबसे पहले आता है। शोएब अख्तर ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि साल 2003 के वनडे वर्ल्ड कप के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ मैच में हासिल की थी। इस कारनामे को दो दशकों से भी अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन रफ्तार का यह रिकॉर्ड आज भी अजेय बना हुआ है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट के बदलते दौर में भी कई ऐसे गेंदबाज आए जिन्होंने तेज गति से गेंद फेंककर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है।
उमरान मलिक: 156 किमी/घंटा की रफ्तार से तोड़ा 24 साल पुराना रिकॉर्ड
साल 2023 में मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए मुकाबले में भारतीय क्रिकेट की रफ्तार का एक नया अध्याय लिखा गया। कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले युवा तेज गेंदबाज उमरान मलिक ने गेंद संभाली और अपने तेज तर्रार रन अप के साथ क्रीज पर कदम रखते हुए एक सनसनाती हुई रॉकेट गेंद डाली। जब डिजिटल स्क्रीन पर गेंद की गति चमकी, तो वह 156 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई थी। इस एक ऐतिहासिक डिलीवरी के जरिए उमरान मलिक ने जवागल श्रीनाथ के 24 साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे तेज गेंद फेंकने वाले गेंदबाज बन गए। उनकी बेखौफ और तूफानी गति आज भी उनकी सबसे बड़ी पहचान मानी जाती है।
जवागल श्रीनाथ: 90 के दशक में भारतीय रफ्तार के अकेले ध्वजवाहक
जिस दौर में 150 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार भारतीय गेंदबाजों के लिए एक सपने जैसी मानी जाती थी, उस समय जवागल श्रीनाथ अकेले दम पर भारतीय तेज गेंदबाजी की कमान संभाल रहे थे। 90 के दशक में श्रीनाथ ने अपनी तीखी गति और उछाल से विदेशी बल्लेबाजों को लगातार चुनौती दी। साल 1999 के वनडे वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए महामुकाबले में जवागल श्रीनाथ ने 154.5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंककर तहलका मचा दिया था। दो दशकों से भी अधिक समय तक श्रीनाथ का यह कीर्तिमान भारतीय क्रिकेट में अटूट बना रहा और वह लंबे समय तक भारत के सबसे तेज गेंदबाज रहे।
इरफान पठान: स्विंग के साथ रफ्तार का बेहतरीन मिश्रण
इरफान पठान को क्रिकेट जगत आमतौर पर उनकी जादुई स्विंग और ऐतिहासिक हैट्रिक के लिए याद करता है। लेकिन इरफान पठान के पास केवल गेंद को दोनों तरफ घुमाने की कला ही नहीं थी, बल्कि उनके पास तीखी गति भी मौजूद थी। साल 2007 में पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान पठान ने 153.7 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गेंद फेंककर सभी को चौंका दिया था। हवा में गेंद का तैरना और साथ ही 150 से अधिक की भीषण गति का होना विरोधी बल्लेबाजों के लिए बेहद खतरनाक साबित होता था। इस शानदार प्रदर्शन के साथ इरफान पठान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज गेंद फेंकने वाले भारतीय गेंदबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर काबिज हैं।
मोहम्मद शमी: सटीक सीम और ऑस्ट्रेलिया की बाउंसी पिच पर गदर
मोहम्मद शमी अपनी शानदार लाइन-लेंथ और सीधी सीम पोजीशन के लिए जाने जाते हैं। जब शमी की गेंद पिच पर टप्पा खाती है, तो बल्लेबाजों को प्रतिक्रिया देने का समय बहुत कम मिलता है। अपनी सीम मूवमेंट के साथ-साथ शमी ने रफ्तार के मामले में भी बड़े-बड़े मुकाम हासिल किए हैं। साल 2014 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वहां की तेज और उछालभरी पिचों पर शमी ने अपनी गेंदबाजी का विकराल रूप दिखाया। उन्होंने 153.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डालकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को हिलाकर रख दिया। इस प्रदर्शन से उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह केवल स्विंग के उस्ताद नहीं, बल्कि गति के भी बेहतरीन खिलाड़ी हैं।
जसप्रीत बुमराह: अनूठा एक्शन और एडिलेड में घातक यॉर्कर
जसप्रीत बुमराह का बॉलिंग एक्शन अन्य गेंदबाजों से बेहद अलग है और उनका रन अप भी काफी छोटा रहता है। लेकिन जैसे ही वह क्रीज पर पहुंचते हैं, गेंद हाथ से छूटते ही एक भयानक गति पकड़ती है। साल 2018 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट मैच के दौरान बुमराह ने 153.26 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एक बेहद घातक यॉर्कर डाली थी। इस गेंद ने न केवल बल्लेबाज के होश उड़ा दिए थे, बल्कि यह भी साबित कर दिया था कि बुमराह क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में भारत के सबसे खतरनाक और प्रभावकारी गेंदबाज क्यों माने जाते हैं।


















