त्रिपुरा के राजनीतिक हलकों में एक कंटेंट क्रिएटर द्वारा राज्य के एक आदिवासी युवक के साथ कथित नस्लीय बदसलूकी की घटना पर भारी नाराजगी जताई गई है। नेताओं का कहना है कि यह पूरा मामला न केवल त्रिपुरा बल्कि पूरे पूर्वोत्तर के लोगों के सम्मान पर एक गंभीर आघात है। इस घटना ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पूर्वोत्तर के नागरिकों के खिलाफ होने वाले नस्लीय पूर्वाग्रह और नस्लसूचक टिप्पणियों को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है, जहां अक्सर इस तरह के अपमानजनक व्यवहार को मनोरंजन या हंसी का नाम देकर टाल दिया जाता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया है कि वे इस घटना के संबंध में दिल्ली पुलिस के साथ तुरंत संपर्क साधें और जरूरी समन्वय स्थापित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में कानून अपना काम करेगा और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री की इस प्रतिक्रिया के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है और पुलिस महकमा मामले में आगे की कार्रवाई में जुट गया है।
यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया। इस वीडियो में खुद को कंटेंट क्रिएटर बताने वाले आमिर शोकीन द्वारा कथित तौर पर एक युवक के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही थीं। वीडियो में युवक को कथित तौर पर चीनी कहकर संबोधित किया गया था। फुटेज सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया और लोगों ने ऑनलाइन कंटेंट में पूर्वोत्तर के लोगों को निशाना बनाने और नस्लीय रूढ़िवादिता फैलाने की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की।
इस पूरे घटनाक्रम पर टिपरा मोथा के संस्थापक प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जोर देकर कहा कि त्रिपुरा के लोगों के खिलाफ किए जाने वाले नस्लीय अपमान को महज एक मजाक कहकर या सोशल मीडिया पर ध्यान खींचने का प्रयास बताकर आसानी से नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
इस बीच, टिपरा मोथा पार्टी के युवा संगठन यूथ टिपरा फेडरेशन ने आमिर शोकीन के खिलाफ आधिकारिक रूप से पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है। बुधवार को अगरतला के एनसीसी पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को यह शिकायत सौंपी गई, जिसमें भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
दूसरी ओर, वीडियो पर तीखे विरोध और आलोचनाओं का सामना करने के बाद आरोपी आमिर शोकीन ने माफी मांग ली है और त्रिपुरा के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचने पर गहरा खेद जताया है। बाद में सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में उसने दावा किया कि वह वीडियो पूरी तरह से स्क्रिप्टेड था और उसमें नजर आने वाला युवक उसका परिचित है, जो पहले अहमदाबाद में एक दोस्त के कैफे में काम कर चुका था। अपने बयान में उसने कहा कि उसका इरादा किसी का दिल दुखाने का नहीं था।























