राजधानी दिल्ली में आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं और इनकी पड़ताल में दो ऐसे कारण बार-बार सामने आ रहे हैं जिन्हें ज्यादातर लोग मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं — एयर कंडीशनर का कंप्रेसर और बिजली का मीटर। आज के दौर में छोटे-छोटे घरों में भी लोग दो से तीन एयर कंडीशनर लगवा लेते हैं और उन सबके कंप्रेसर एक ही जगह पर एक साथ ठूंस देते हैं। इतना ही नहीं, बिजली के मीटर भी अक्सर घर के अंदर, एंट्री गेट की सीढ़ियों के ठीक पास लगे होते हैं। यही लापरवाहियां कई बार जान की दुश्मन बन जाती हैं। इन्हीं खतरों और इनसे बचने के तरीकों पर TrendKia ने दिल्ली फायर सर्विस के पूर्व निदेशक अतुल गर्ग से बातचीत की।
बिजली का मीटर: आग की सबसे आम चिंगारी
हैरानी की बात यह है कि घर में लगे बिजली के मीटर और एसी के कंप्रेसर में आग बहुत तेजी से पकड़ती है और शॉर्ट सर्किट की शुरुआत भी अक्सर यहीं से होती है, जिसकी कीमत लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है। अतुल गर्ग के मुताबिक दिल्ली फायर सर्विस इसी खतरे को देखते हुए एक नियम लेकर आई थी कि सभी बिजली के मीटर घरों के बाहर लगने चाहिए, अंदर नहीं। यही वजह है कि पुराने घरों में आज भी कहीं-कहीं मीटर घर के भीतर दिख जाते हैं, जबकि ज्यादातर नए घरों में अब इन्हें बाहर ही लगाया जाता है — क्योंकि बिजली का मीटर ही आग का सबसे बड़ा कारण बनता है।
सीढ़ियों के पास मीटर और चार्जिंग पॉइंट क्यों हैं खतरनाक
पूर्व निदेशक ने एक चौंकाने वाली बात बताई कि दिल्ली में हुई ज्यादातर आग की घटनाएं इसलिए जानलेवा साबित हुईं क्योंकि लोगों के बिजली के मीटर और इलेक्ट्रॉनिक कार के चार्जिंग पॉइंट एक ही जगह पर लगे थे। हुआ यूं कि जब गाड़ी चार्ज हो रही थी, तभी उसकी बैटरी में शॉर्ट सर्किट हुआ, इसके बाद गाड़ी की सीट में आग लगी और देखते ही देखते पूरी गाड़ी की चपेट में आने के साथ बिजली के मीटर ने भी आग पकड़ ली।
लोगों ने बाहर भागने की कोशिश तो की, लेकिन उनके घर की सीढ़ियां ठीक उसी इलेक्ट्रॉनिक चार्जिंग पॉइंट और बिजली के मीटर के पास थीं, इसलिए वे बाहर नहीं निकल पाए और सीढ़ियों पर ही दम घुटने से उनकी मौत हो गई। जो लोग छत की ओर भागे, वे बच गए। इसी वजह से दिल्ली फायर सर्विस लगातार लोगों को जागरूक करती रही है। विभाग एक नियम भी लेकर आया था कि घर की सीढ़ियों के पास बिजली के मीटर और इलेक्ट्रॉनिक कार के चार्जिंग पॉइंट कभी न रखे जाएं — इनकी जगह अलग होनी चाहिए, ताकि आग लगने की स्थिति में सीढ़ियों के रास्ते सुरक्षित बाहर निकला जा सके।
एसी कंप्रेसर को सीधी धूप से बचाएं
अतुल गर्ग ने एसी के कंप्रेसर को लेकर भी अहम सलाह दी। उनके अनुसार कंप्रेसर को कभी भी सीधी धूप में नहीं रखना चाहिए। इसे हमेशा ऐसी जगह लगवाएं जहां खुला क्षेत्र हो — बालकनी में लगवा रहे हैं तो ठीक है, बस ध्यान रहे कि उस पर सीधी धूप न पड़े। अगर छत पर लगवा रहे हैं, तब भी यही सावधानी जरूरी है।
इसकी वजह यह है कि एसी कंप्रेसर वैसे भी पहले से गर्म हवा बाहर फेंकता है और ऊपर से सीधी धूप पड़ने पर इसके सारे तार भी गर्म हो जाते हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट जल्दी होता है और आग लगने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। इसीलिए कई एसी के कंप्रेसर हमेशा अलग-अलग जगहों पर लगवाएं, उन्हें सीधी धूप से बचाएं और समय-समय पर इनकी जांच भी कराते रहें।













