हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कानून व्यवस्था को सरेआम चुनौती दी गई। भोरंज इलाके में मंगलवार अलसुबह एक स्थानीय युवक और टैक्सी चालक के बीच किराये के पैसों को लेकर शुरू हुई मामूली बहस ने एक बड़े खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। यह पूरी घटना तब घटी जब अधिकांश लोग सो रहे थे। किराये की रकम को लेकर शुरू हुई कहासुनी में युवक इस कदर भड़क गया कि उसने अपना मानसिक संतुलन खोते हुए चालक पर शारीरिक रूप से जानलेवा हमला कर दिया।
भोरंज में किराये के मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह भयानक वाकया तड़के लगभग चार बजे भोरंज थाना क्षेत्र की सीमा में आने वाले मनोह स्थित नायरा पेट्रोल पंप के बिल्कुल पास हुआ। पैसों के लेनदेन पर गरमाई यह बहस देखते ही देखते इतनी ज्यादा उग्र हो गई कि आरोपी ने चालक को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इस अचानक हुए हमले के कारण टैक्सी चालक लहूलुहान हो गया और उसे गहरी चोटें आईं, जिससे मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया।
पुलिस टीम पर हाथापाई और अधिकारी घायल
घटनास्थल पर हिंसा की भनक लगते ही भोरंज थाने की पुलिस टीम बिना कोई समय गंवाए पेट्रोल पंप पर पहुंच गई। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इस खूनखराबे को रोकना और पीड़ित चालक को बचाना था। लेकिन मौके पर हालात इतने बेकाबू थे कि हिंसक हो चुके आरोपी ने पुलिस की मौजूदगी का भी कोई खौफ नहीं खाया। जब पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ने और मामले को शांत करने का प्रयास किया, तो वह सीधे पुलिस दल से ही उलझ गया।
इस पूरी धक्कामुक्की और हिंसक झड़प के दौरान पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। आरोपी ने बचाव करने आए पुलिसकर्मियों पर भी हमला बोल दिया, जिसकी वजह से एक पुलिस अधिकारी घायल हो गए। इसके बावजूद, मौके पर मौजूद इंस्पैक्टर प्रशांत के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस बेकाबू युवक को चारों तरफ से घेर लिया और घटनास्थल पर ही उसे दबोचकर गिरफ्तार कर लिया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
अस्पताल में भर्ती पीड़ित और आरोपी की पहचान
इस खौफनाक हमले का शिकार हुए टैक्सी चालक की शिनाख्त अड़तालीस वर्षीय दिनेश कुमार के तौर पर हुई है। दिनेश कुमार मूल रूप से पड़ोसी मंडी जिले की बल्ह तहसील के अंतर्गत आने वाले गुटकर गांव के निवासी हैं और उनके पिता का नाम राम सिंह है। हमले में गंभीर रूप से लहूलुहान होने के कारण पुलिस ने उन्हें तुरंत मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में भर्ती करवाया है। फिलहाल अस्पताल में डॉक्टरों की एक टीम उनका इलाज कर रही है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
दूसरी तरफ, कानून को ठेंगा दिखाकर सरेआम गुंडागर्दी करने वाले आरोपी युवक की भी पूरी जानकारी सार्वजनिक कर दी गई है। इस हमलावर की पहचान प्रदीप राणा के रूप में हुई है, जिसके पिता का नाम जगदीश है। प्रदीप राणा खुद हमीरपुर के ही भोरंज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नुहाड़ा गांव का रहने वाला है, जिसका डाकघर दिम्मी पड़ता है। एक स्थानीय निवासी द्वारा इस तरह की हिंसक वारदात को अंजाम देने से इलाके के लोगों में भी काफी डर का माहौल बन गया है।
भारतीय न्याय संहिता की कड़ी धाराओं में मामला दर्ज
हमीरपुर के पुलिस प्रशासन ने इस पूरी वारदात को बेहद गंभीरता से लिया है, खासकर पुलिस टीम पर हुए हमले को। जिले के एसपी बलबीर ठाकुर ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि कानून को अपने हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालना और उन पर हमला करना एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
एसपी के कड़े निर्देशों के बाद भोरंज थाने में आरोपी युवक प्रदीप राणा के खिलाफ विधिवत रूप से एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने नए कानूनों के तहत कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता की सख्त धाराओं का इस्तेमाल किया है। आरोपी के ऊपर धारा 109, 121(1) और 132 लगाई गई हैं, जो जानलेवा हमले और सरकारी ड्यूटी में जानबूझकर बाधा पहुंचाने से संबंधित हैं। इन गंभीर धाराओं के तहत दर्ज मामले से यह तय है कि आरोपी के खिलाफ एक सख्त कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।




















