राजस्थान के जयपुर ग्रामीण जिले के बगरू क्षेत्र में स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव से सुरक्षा और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ी खबर आई है। स्थानीय राजकीय विद्यालय की अत्यधिक जर्जर और खतरनाक हो चुकी इमारत को ढहाने के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। विद्यार्थियों की जान-माल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भारी प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में इस जोखिम भरे ढांचे को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
औचक निरीक्षण के बाद उपजा था तीखा विवाद
इस प्रशासनिक कार्रवाई की पृष्ठभूमि कुछ दिन पहले हुए एक घटनाक्रम से जुड़ी है। सीजेपी के कार्यकर्ताओं की एक टीम ने रामपुरा-कंवरपुरा गांव के इस सरकारी स्कूल का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्कूल इमारत की खस्ताहाल स्थिति, कमरों की जर्जर हालत और मूलभूत सुविधाओं की कमी पर सवाल उठाए। इस दौरान कार्यकर्ताओं, स्थानीय ग्रामीणों तथा स्कूल प्रशासन के बीच बातचीत काफी तीखी हो गई।
सुविधाओं और इमारत की बदहाली को लेकर शुरू हुई यह बहस देखते ही देखते बड़े विवाद में तब्दील हो गई। मौके पर कार्यकर्ताओं और गांव के लोगों के बीच जबरदस्त झड़प देखने को मिली। इस घटना के बाद से ही रामपुरा-कंवरपुरा और आसपास के बगरू क्षेत्र में काफी तनाव व्याप्त हो गया था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।
जांच रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने लिया ढहाने का निर्णय
स्कूल परिसर में हुए बवाल और जर्जर भवन के कारण बच्चों की जान को होने वाले संभावित खतरे को देखते हुए शासन-प्रशासन तुरंत हरकत में आया। शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए एक जांच रिपोर्ट तैयार कराई। रिपोर्ट में इमारत को बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक और असुरक्षित पाया गया।
जांच के नतीजों के आधार पर जिला प्रशासन ने जर्जर स्कूल भवन को पूरी तरह ढहाने का अंतिम फैसला लिया। इस निर्णय पर अमल करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में जेसीबी और पोकलेन जैसी भारी मशीनों की मदद से पुरानी और जर्जर इमारत को ढहाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय हादसे को पूरी तरह रोका जा सके।



















