राजधानी दिल्ली के रणहौला इलाके में पुलिस और कुख्यात आपराधिक गिरोह के बदमाशों के बीच एक सनसनीखेज मुठभेड़ की घटना सामने आई है। द्वारका एक्सप्रेसवे के निकट हुई इस हिंसक झड़प में हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े दो शार्प शूटर गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस टीम ने दोनों बदमाशों को मौके से काबू कर उपचार के लिए निकटतम अस्पताल में भर्ती कराया है। यह पूरी कार्रवाई उस समय शुरू हुई जब एक डॉक्टर को लगातार मिल रही रंगदारी की धमकियों के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट पर था और अपराधियों को पकड़ने के लिए इलाके में गहन चेकिंग अभियान चला रहा था।
डॉक्टर से रंगदारी और पुलिस की नाकेबंदी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह पूरा मामला इलाके के जाने-माने चिकित्सक डॉक्टर नरेश शर्मा से जुड़ा हुआ है। हिमांशु भाऊ गैंग के गुर्गे डॉक्टर नरेश शर्मा से लंबे समय से भारी रकम की रंगदारी की मांग कर रहे थे। रंगदारी न देने की स्थिति में उन्हें और उनके परिजनों को जान से मारने की लगातार धमकियां दी जा रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने डॉक्टर नरेश शर्मा और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस गार्ड तैनात किए हुए थे।
गुरुवार की शाम को पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि हिमांशु भाऊ गैंग के दो शूटर द्वारका एक्सप्रेसवे के रास्ते हरियाणा राज्य की सीमा में भागने की फिराक में हैं। इस सूचना के मिलते ही स्थानीय रणहौला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए द्वारका एक्सप्रेसवे के नीचे मुख्य मार्ग पर बैरिकेडिंग लगा दी और गुजरने वाले वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी।
थार की भीषण टक्कर और झाड़ियों में मुठभेड़
शाम लगभग 5 बजे टोल प्लाजा की दिशा से एक काले रंग की थार गाड़ी अत्यधिक तेज गति से आती हुई दिखाई दी। बैरिकेड्स पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने गाड़ी को रुकने का इशारा किया, परंतु चालक ने गति धीमी करने के बजाय वाहन की रफ्तार और बढ़ा दी। भागने के प्रयास में अंडरपास की तरफ से आ रही एक 207 लोडर गाड़ी से थार की भीषण टक्कर हो गई। यह दुर्घटना इतनी तेज थी कि थार गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और उसके सुरक्षा एयरबैग खुल गए।
वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होते ही थार में सवार दोनों बदमाश गाड़ी से बाहर निकले और निकट स्थित गांव से सटे जंगलों की ओर भागने लगे। पीछा कर रही पुलिस टीम जब उनके करीब पहुंची तो बदमाशों ने पुलिस बल पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान दोनों ओर से कुल 14 राउंड गोलियां चलीं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों शूटरों के पैरों में गोली लगी और वे वहीं ढेर होकर गिर पड़े, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
19 वर्षीय समीर, नाबालिग साथी और विदेशी हथियार बरामद
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान 19 वर्षीय समीर के रूप में हुई है, जबकि उसका दूसरा साथी एक नाबालिग है। दोनों लंबे समय से हिमांशु भाऊ गैंग के लिए सुपारी और रंगदारी वसूलने का काम कर रहे थे। आरोपी समीर के खिलाफ पूर्व से ही आर्म्स एक्ट के तहत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस टीम ने अपराधियों के पास से एक अत्याधुनिक विदेशी पिस्टल भी बरामद की है। जांच में स्पष्ट हुआ कि बदमाशों ने भागते समय पुलिस टीम पर इसी विदेशी पिस्टल से 8 राउंड गोलियां चलाई थीं। फिलहाल पुलिस अधिकारी दोनों घायल शूटरों से गहन पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे दिल्ली-एनसीआर में हाल के दिनों में अन्य किन-किन वारदातों में शामिल रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पूर्व दिल्ली के रोहिणी इलाके में टिल्लू ताजपुरिया गैंग के अपराधियों के साथ भी पुलिस की मुठभेड़ हुई थी, जिसमें ताजपुरिया गैंग के दो शूटरों को गिरफ्तार किया गया था।





















