राजधानी दिल्ली में आज सुबह से ही माहौल तनावपूर्ण बना रहा। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को कई जगह लाठीचार्ज करना पड़ा, वहीं कुछ इलाकों में आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। यह टकराव तब हुआ जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से जुड़े प्रदर्शनकारियों का प्रदर्शन दिनभर जारी रहा। इसी उथल-पुथल के बीच पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने उनके आवास पहुंचा और उनके सामने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं। मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल में शामिल सौरव दास ने कहा कि सरकार की ओर से आगे बातचीत जारी रखने का भरोसा दिलाया गया है।
सीजेपी की तीन मांगें कौन-कौन सी हैं?
प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात के दौरान जेपी नड्डा के सामने तीन स्पष्ट मांगें रखीं। सबसे पहली और सबसे अहम मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर है। दूसरी मांग उन बच्चों के परिवारों को मुआवजा देने की है जिन्होंने सुसाइड किया है। तीसरी मांग यह है कि अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को वापस जंतर मंतर लाया जाए और उनका अनशन तुड़वाया जाए। ये तीनों मांगें मंत्री के आवास पर हुई मुलाकात के दौरान सीधे उनके सामने रखी गईं।
सौरव दास बोले, जब तक मांग पूरी नहीं तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा
नड्डा से मुलाकात के तुरंत बाद सौरव दास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट डालकर पूरी बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे और आशुषोत रांका दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद थे और उन्होंने वहां अपनी मांगें रख दी हैं, जिनमें धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा या उन्हें पद से हटाया जाना शामिल है। सौरव दास ने एक्स पर लिखा, ''शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी तब तक नहीं रुकेंगे जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती।'' उनके मुताबिक मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले पर सही स्तर पर चर्चा की जाएगी, हालांकि पोस्ट डालने तक किसी तरह का पक्का वादा सामने नहीं आया था। सौरव दास के बयान से साफ है कि आवास के भीतर रखी गई मांगें वही तीन मांगें थीं जो सीजेपी दिनभर सार्वजनिक तौर पर उठाती रही है।
मोदी सरकार की ओर से पहली प्रतिक्रिया
सीजेपी के इस प्रदर्शन पर मोदी सरकार की तरफ से पहली प्रतिक्रिया खुद जेपी नड्डा ने दी। उन्होंने कहा कि सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल के साथ अच्छे माहौल में बातचीत हुई है। जेपी नड्डा ने यह भी स्वीकार किया कि प्रदर्शनकारियों ने अपनी ओर से एक प्रस्ताव रखा है। उनके मुताबिक उस वक्त तक प्रदर्शनकारियों के साथ यह बातचीत करीब पांच घंटे से चल रही थी। जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे अपना धरना खत्म कर दें। केंद्रीय मंत्री ने इसी बारे में एक्स पर एक पोस्ट भी साझा की, जो दिनभर के घटनाक्रम पर सरकार की तरफ से पहली औपचारिक प्रतिक्रिया मानी जा रही है।
जंतर मंतर पर प्रदर्शन स्थल खाली कराया गया
इस पूरे घटनाक्रम के बीच जंतर मंतर पर जहां प्रदर्शन चल रहा था, उस जगह को खाली करा दिया गया है। वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों को हटा दिया गया है। यह जगह उस वक्त खाली कराई गई जब सीजेपी प्रतिनिधिमंडल और जेपी नड्डा के बीच हुई बातचीत का नतीजा अभी साफ नहीं था और सरकार की तरफ से कोई पक्का भरोसा नहीं दिया गया था। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार आगे क्या कदम उठाती है और मुलाकात के दौरान दिया गया भरोसा किसी ठोस फैसले में बदलता है या नहीं।




















