देश की राजधानी में सार्वजनिक आयोजनों, विरोध प्रदर्शनों और विशेष सुरक्षा प्रबंधों के चलते नई दिल्ली के प्रमुख इलाकों में यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, राजघाट और विजय घाट के आसपास कई रास्तों पर प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए गए हैं, जिससे सामान्य दिनों की तुलना में वाहनों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ रहा है।
नई दिल्ली में धारा 163 और कड़े सुरक्षा इंतजाम
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस के नजदीकी क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत निर्दिष्ट इलाकों में लोगों के अनधिकृत रूप से एकत्रित होने और प्रदर्शन करने पर पाबंदी लगा दी गई है। छुट्टियों और विशेष अवसरों पर राजधानी में जुटने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है।
राजघाट और विजय घाट के आसपास रास्ते बंद
मध्य दिल्ली के राजघाट और विजय घाट के समीपवर्ती मार्गों पर भी वाहनों की आवाजाही को सीमित किया गया है। विशेष कार्यक्रमों के कारण इन प्रमुख स्थलों को जोड़ने वाली सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई है और यातायात को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा गया है। इसके चलते आईटीओ, दिल्ली गेट और रिंग रोड से जुड़े कई हिस्सों में गाड़ियों की रफ्तार धीमी देखी जा रही है।
ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी और वैकल्पिक मार्ग
ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों और यात्रियों के लिए विशेष परामर्श जारी किया है। लुटियंस दिल्ली और कनॉट प्लेस की ओर जाने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे प्रतिबंधित मार्गों से बचें और अपनी यात्रा पहले से तय करें। सार्वजनिक परिवहन, विशेषकर दिल्ली मेट्रो का उपयोग करने की सिफारिश की गई है ताकि मध्य दिल्ली के संवेदनशील चौराहों पर लगने वाले संभावित जाम से बचा जा सके।




















