राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर मामले में कानूनी कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है। न्यायिक हिरासत में भेजे गए तीनों आरोपियों की तिहाड़ जेल के भीतर टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (TIP) कराई गई। इस औपचारिक कानूनी प्रक्रिया के दौरान पीड़िता ने बिना किसी हिचकिचाहट के तीनों दरिंदों की शिनाख्त कर ली है, जिससे अभियोजन पक्ष का पक्ष अदालत में बेहद मजबूत हो गया है।
तिहाड़ जेल में हुई टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड
जांच प्रक्रिया को पुख्ता करने के उद्देश्य से दिल्ली पुलिस की टीम बुधवार को पीड़िता को सुरक्षा घेरे में लेकर तिहाड़ जेल पहुंची थी। वहां संबंधित जेल परिसर में न्यायिक अधिकारियों की निगरानी में पहचान परेड का आयोजन किया गया। वर्तमान में तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में सलाखों के पीछे बंद हैं। शिनाख्त परेड के दौरान पीड़िता ने उन तीनों व्यक्तियों को स्पष्ट रूप से पहचान लिया जिन्होंने उस रात पार्क में इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया था। किसी भी आपराधिक मामले की जांच और अदालती सुनवाई में टीआईपी की इस प्रक्रिया को सबसे निर्णायक और अहम साक्ष्य माना जाता है।
घटना की पूरी पृष्ठभूमि और वारदात
यह खौफनाक वारदात उस समय सामने आई जब पीड़िता अपने एक परिचित दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर में पूजा-अर्चना करने गई थी। मंदिर में दर्शन करने के पश्चात दोनों शाम लगभग 7:30 बजे टहलते हुए पास ही स्थित आस्था कुंज पार्क में चले गए। उसी दौरान करीब 25 से 30 वर्ष की उम्र के तीन अज्ञात युवक वहां पहुंचे। उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए दोनों को डराना-धमकाना शुरू कर दिया।
इसके बाद आरोपियों ने लड़की के दोस्त को बलपूर्वक बंधक बना लिया ताकि वह किसी भी तरह का विरोध न कर सके या मदद के लिए शोर न मचा पाए। इसके पश्चात तीनों ने बारी-बारी से नाबालिग के साथ दरिंदगी की और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और विशेष टीमों का गठन किया गया।
मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी आसिफ की गिरफ्तारी
वारदात की सूचना के बाद दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सघन तलाशी अभियान शुरू किया। मंगलवार को पुलिस की एक टीम ने मुख्य आरोपी आसिफ को एक मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर बाकी दोनों अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों से गहन पूछताछ की जा चुकी है और पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के लिए अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी है।
पार्क में कड़ी सुरक्षा और आईटीबीपी की तैनाती
इस बर्बर वारदात के प्रकाश में आने के बाद आस्था कुंज पार्क और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने पार्क परिसर में दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ-साथ भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों की तैनाती कर दी है। पुलिस और अर्धसैनिक बल की संयुक्त टीमें पार्क के चप्पे-चप्पे पर लगातार गश्त कर रही हैं। पार्क के अंदर अंधेरे वाले यानी डार्क स्पॉट्स को चिह्नित किया गया है और उन संवेदनशील स्थानों पर रोशनी के साथ-साथ कड़ी निगरानी की व्यवस्था की गई है।
उपराज्यपाल और वरिष्ठ पुलिस अफसरों की अहम बैठक
नाबालिग से हुई इस वीभत्स घटना की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस मुख्यालय में शीर्ष अधिकारियों की एक आपात समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के उपायों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त दिल्ली के उपराज्यपाल और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के बीच भी एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें राजधानी के सभी पार्कों और सुनसान संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।























