पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर इलाके में गश्त कर रही स्थानीय पुलिस टीम की सजगता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। पारिवारिक तनाव और घरेलू विवाद से जूझ रही एक बेबस मां जब अपने दो अत्यंत छोटे बच्चों के साथ कोंडली नहर में छलांग लगाने की तैयारी कर रही थी, उसी वक्त मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों को सुरक्षित बचा लिया। पुलिस की इस तत्परता ने दो साल की मासूम बच्ची, एक साल के बेटे और उनकी मां को नया जीवन प्रदान किया है।
कोंडली नहर पर ऐन वक्त पर पहुंची गश्ती टीम
घरेलू परेशानियों और गहरे मानसिक तनाव से घिरकर महिला ने अपने दोनों मासूम बच्चों संग कोंडली नहर पहुंचकर जान देने जैसा कदम उठाने का निर्णय ले लिया था। महिला अपने करीब एक साल के बेटे और दो वर्ष की नन्ही बेटी को लेकर नहर के किनारे पहुंच चुकी थी और पानी में कूदने ही वाली थी। उसी दौरान इलाके में नियमित गश्त कर रहे गाजीपुर थाने के पुलिसकर्मियों की निगाह अचानक उस पर पड़ी। महिला के असामान्य हावभाव और इरादे को भांपते ही पुलिसकर्मी बिना एक पल गंवाए तेजी से उसकी ओर दौड़े।
पुलिसकर्मियों की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता
गाजीपुर थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल महिला साधना, बिपिन कुमार और शेर सिंह ने मौके पर अदम्य सतर्कता और फुर्ती का परिचय दिया। इन तीनों पुलिसकर्मियों ने बिना किसी देरी के महिला और उसके दोनों बच्चों को नहर के खतरनाक किनारे से सुरक्षित पीछे खींच लिया। घटनास्थल से तीनों को संभालते हुए सीधे गाजीपुर थाने लाया गया, जहां महिला को शांत कराया गया और उसके इस अप्रत्याशित कदम के पीछे की वजह जानने के लिए तसल्ली से बातचीत की गई। इसके तुरंत बाद पुलिस ने महिला के ससुराल व मायके पक्ष के अन्य सदस्यों को भी थाने बुला लिया।
थाने में हुई काउंसलिंग और सुलह
थाने में मौजूद अधिकारियों ने महिला और उसके पति की संयुक्त काउंसलिंग की। गाजीपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बाला शंकरम ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर विस्तार से समझाया कि घरेलू मतभेद या निजी समस्याएं कितनी भी गंभीर क्यों न हों, आत्महत्या किसी भी संकट का समाधान नहीं हो सकती। थाना प्रभारी ने पति-पत्नी को ईश्वर के समक्ष संकल्प दिलाया कि वे भविष्य में कभी ऐसा विवाद नहीं पनपने देंगे और अपने दोनों मासूम बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर नए सिरे से दांपत्य जीवन बिताएंगे।
मासूमों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
काउंसलिंग के दौरान तनावपूर्ण माहौल को हल्का करने के लिए पुलिसकर्मियों ने दोनों बच्चों को दुलारते हुए चॉकलेट भेंट की। कुछ ही समय पहले जो नन्हे बच्चे नहर किनारे मौत के मुंह में खड़े थे, चॉकलेट पाते ही उनके चेहरों पर मुस्कुराहट खिल उठी। परिवार के सभी सदस्यों के बीच सहमति बनने और तनाव शांत होने के पश्चात महिला और दोनों बच्चों को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
























