ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर एशले नोफ्के बने डच क्रिकेट टीम के मुख्य कोच, दो बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स पर नजरेंगुड़ की कुरकुरी जलेबी घर पर तैयार करने का सीधा तरीका, बिना चीनी मिठास का अनोखा स्वादअंडे उबालते समय छिलका टूटने की मुख्य वजहें और सही तरीकासात दिन में पांच किलो वजन घटाने की जल्दबाजी पड़ सकती है भारी, जानिए विशेषज्ञ की रायब्लैकजैक खेल में एआई एजेंट्स ने बनाया गुप्त कोड, मिलीभगत की नई चुनौती से वैज्ञानिक हैरानभागदौड़ से राहत दिलाएंगे भारत के ये 5 शांत ठिकाने, मानसिक और शारीरिक ताजगी के लिए ऐसे प्लान करें डिटॉक्स यात्राअमेरिकी डॉलर की मजबूती और सुस्त घरेलू आंकड़ों के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में तेज गिरावट, क्या 0.7000 का स्तर टूटेगा?सीने की जकड़न को सिर्फ बदहजमी न समझें, इन संकेतों से समझें दिल और पेट के दर्द की पहचानघर पर सिर्फ आधा लीटर दूध और नारियल बुरादे से तैयार करें हलवाई जैसी स्वादिष्ट बर्फीधर्मा की स्पाई कॉमेडी 'उड़ता तीर' का वीडियो जारी, पाकिस्तानी जासूस की याददाश्त जाने पर मचेगा धमाल
पूर्वी दिल्ली में गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने कोंडली नहर में दो मासूमों संग कूदने जा रही महिला को बचायादिल्ली
23 सित॰ 2026, 9:09 pm (4 घंटे पहले)· 1

पूर्वी दिल्ली में गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने कोंडली नहर में दो मासूमों संग कूदने जा रही महिला को बचाया

पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर थाना क्षेत्र में कोंडली नहर किनारे दो नन्हे बच्चों के साथ जान देने जा रही महिला को गश्ती पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए सकुशल बचा लिया।

पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर इलाके में गश्त कर रही स्थानीय पुलिस टीम की सजगता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। पारिवारिक तनाव और घरेलू विवाद से जूझ रही एक बेबस मां जब अपने दो अत्यंत छोटे बच्चों के साथ कोंडली नहर में छलांग लगाने की तैयारी कर रही थी, उसी वक्त मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों को सुरक्षित बचा लिया। पुलिस की इस तत्परता ने दो साल की मासूम बच्ची, एक साल के बेटे और उनकी मां को नया जीवन प्रदान किया है।

कोंडली नहर पर ऐन वक्त पर पहुंची गश्ती टीम

घरेलू परेशानियों और गहरे मानसिक तनाव से घिरकर महिला ने अपने दोनों मासूम बच्चों संग कोंडली नहर पहुंचकर जान देने जैसा कदम उठाने का निर्णय ले लिया था। महिला अपने करीब एक साल के बेटे और दो वर्ष की नन्ही बेटी को लेकर नहर के किनारे पहुंच चुकी थी और पानी में कूदने ही वाली थी। उसी दौरान इलाके में नियमित गश्त कर रहे गाजीपुर थाने के पुलिसकर्मियों की निगाह अचानक उस पर पड़ी। महिला के असामान्य हावभाव और इरादे को भांपते ही पुलिसकर्मी बिना एक पल गंवाए तेजी से उसकी ओर दौड़े।

ये भी पढ़ें

पुलिसकर्मियों की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता

गाजीपुर थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल महिला साधना, बिपिन कुमार और शेर सिंह ने मौके पर अदम्य सतर्कता और फुर्ती का परिचय दिया। इन तीनों पुलिसकर्मियों ने बिना किसी देरी के महिला और उसके दोनों बच्चों को नहर के खतरनाक किनारे से सुरक्षित पीछे खींच लिया। घटनास्थल से तीनों को संभालते हुए सीधे गाजीपुर थाने लाया गया, जहां महिला को शांत कराया गया और उसके इस अप्रत्याशित कदम के पीछे की वजह जानने के लिए तसल्ली से बातचीत की गई। इसके तुरंत बाद पुलिस ने महिला के ससुराल व मायके पक्ष के अन्य सदस्यों को भी थाने बुला लिया।

थाने में हुई काउंसलिंग और सुलह

थाने में मौजूद अधिकारियों ने महिला और उसके पति की संयुक्त काउंसलिंग की। गाजीपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बाला शंकरम ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर विस्तार से समझाया कि घरेलू मतभेद या निजी समस्याएं कितनी भी गंभीर क्यों न हों, आत्महत्या किसी भी संकट का समाधान नहीं हो सकती। थाना प्रभारी ने पति-पत्नी को ईश्वर के समक्ष संकल्प दिलाया कि वे भविष्य में कभी ऐसा विवाद नहीं पनपने देंगे और अपने दोनों मासूम बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर नए सिरे से दांपत्य जीवन बिताएंगे।

मासूमों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

काउंसलिंग के दौरान तनावपूर्ण माहौल को हल्का करने के लिए पुलिसकर्मियों ने दोनों बच्चों को दुलारते हुए चॉकलेट भेंट की। कुछ ही समय पहले जो नन्हे बच्चे नहर किनारे मौत के मुंह में खड़े थे, चॉकलेट पाते ही उनके चेहरों पर मुस्कुराहट खिल उठी। परिवार के सभी सदस्यों के बीच सहमति बनने और तनाव शांत होने के पश्चात महिला और दोनों बच्चों को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

सवाल-जवाब

यह घटना पूर्वी दिल्ली के किस इलाके में हुई?
यह घटना पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित कोंडली नहर के पास हुई।
महिला के साथ कौन-कौन से बच्चे मौजूद थे?
महिला के साथ उसकी दो साल की नन्ही बेटी और करीब एक साल का छोटा बेटा मौजूद था।
मौके पर महिला और बच्चों को किन पुलिसकर्मियों ने बचाया?
गाजीपुर थाने के हेड कॉन्स्टेबल महिला साधना, बिपिन कुमार और शेर सिंह ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को बचाया।
थाने में परिजनों की काउंसलिंग किसने की?
गाजीपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बाला शंकरम ने पति-पत्नी और परिजनों को समझाकर सुलह कराई।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Amit Patel@amit-patel·2 घंटे पहले

पुलिस ने काउंसलिंग करके मामला तो सुलझा दिया, पर क्या ऐसे परिवारों को आगे भी कोई मदद मिलती है?

Arjun Mehta@arjun-mehta·3 घंटे पहले

पुलिस ने काउंसलिंग तो कर दी, पर क्या सिर्फ चॉकलेट बांटने से घरेलू तनाव जड़ से खत्म हो जाएगा?

Nyra Kaif@nyra-kaif·3 घंटे पहले

अर्जुन, काउंसलिंग से बात थोड़ी संभल सकती है, पर मेंटल हेल्थ और मैरिटल स्ट्रेस पर जो लगातार काम होना चाहिए, वो थाने की चार दीवारों में नहीं होता।

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 घंटे पहले

गश्ती पुलिस की मुस्तैदी ने तीन जानें बचा लीं। घरेलू विवाद में ऐसा कदम उठाना बेहद दुखद है।

Rohan Verma@rohan-verma·3 घंटे पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। गाजीपुर थाने के पास एक बार मेरी भी गाड़ी खराब हुई थी, तब वहां के पुलिसवालों ने बहुत मदद की थी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp