मंगलवार को वैश्विक वित्तीय बाजारों में उस समय बड़ा हलचल देखने को मिला जब अमेरिकी सरकारी बॉन्ड में भारी बिकवाली के चलते बेंचमार्क ट्रेजरी यील्ड जनवरी 2025 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव को निवेशकों ने पारंपरिक सुरक्षित निवेश के अवसर के बजाय दीर्घकालिक महंगाई बढ़ाने वाले कारक के रूप में देखा है। 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.79% के करीब पहुंच गई, जबकि कम अवधि वाली यील्ड में और भी तेज उछाल दर्ज किया गया। यह बदलाव दर्शाता है कि निवेशक आने वाले वर्षों में फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के रुख को लेकर अपनी सोच को पूरी तरह बदल रहे हैं।
शॉर्ट-टर्म यील्ड में उछाल और ब्याज दर चक्र का पुनर्मूल्यांकन
मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान बॉन्ड बाजार की आंतरिक चाल ने निवेशकों की बदलती धारणा को स्पष्ट कर दिया। 2-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में सबसे तेज बिकवाली देखी गई और यह लगभग पांच बेसिस प्वाइंट बढ़कर 4.40% के बेहद करीब पहुंच गई। मार्च के निचले स्तर 3.35% की तुलना में 2-वर्षीय यील्ड अब तक लगभग 1.06% बढ़ चुकी है, जो 10-वर्षीय बेंचमार्क यील्ड में हुई 0.80% की बढ़ोतरी से काफी अधिक है। आमतौर पर किसी भू-राजनीतिक संकट के समय निवेशक सरकारी बॉन्ड की ओर भागते हैं, जिससे यील्ड नीचे गिरती है। लेकिन इस बार शॉर्ट-टर्म यील्ड का तेजी से बढ़ना यह साबित करता है कि बाजार मध्य पूर्व संकट को मुख्य रूप से ऊर्जा कीमतों में तेजी और महंगाई के खतरे के रूप में आंक रहा है।
ब्याज दर फ्यूचर्स बाजार ने इस नए परिदृश्य के हिसाब से खुद को तेजी से समायोजित किया है। फ्यूचर्स डेटा के अनुसार, 16 सितंबर को होने वाली फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक में ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावना अब बढ़कर 68% हो गई है, जो जैक्सन होल सम्मेलन से पहले केवल 35% के आसपास थी। वहीं 28 अक्टूबर की बैठक के लिए लक्ष्य दर 3.75% से 4.00% या उससे अधिक रहने की संभावना 95% दर्ज की गई है। दिसंबर की बैठक में दूसरी बार दर वृद्धि की संभावना लगभग आधी-आधी बनी हुई है, जबकि 27 जनवरी की बैठक तक उच्च दर की संभावना 81% तक आंकी जा रही है। वर्ष 2027 के वायदा अनुबंधों में वर्तमान 3.50% से 3.75% के लक्ष्य दायरे की संभावना पूरी तरह समाप्त हो चुकी है, और 2027 की सभी बैठकों के लिए 4.00% से 4.25% या उससे अधिक का न्यूनतम स्तर तय हो चुका है। इससे स्पष्ट है कि निवेशक अब किसी अस्थायी नीतिगत सख्ती की नहीं, बल्कि लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की उम्मीद कर रहे हैं।
लंबी अवधि के बांड बाजार में 30-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड दोबारा 5.28% के आसपास पहुंच गई। इस उछाल के साथ ही अगस्त महीने में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा घोषित बांड बायबैक कार्यक्रम से मिला पूरा लाभ समाप्त हो गया है। उस समय ट्रेजरी ने नवंबर तक चलने वाले कार्यक्रम के तहत बायबैक की अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया था, जिससे 30-वर्षीय यील्ड घटकर 5.19% पर आ गई थी। लेकिन महज दो सप्ताह के भीतर ही बाजार की तेज बिकवाली ने इस पूरी गिरावट को वापस पलट दिया।
तकनीकी रेसिस्टेंस, सपोर्ट और इंडिकेटर के संकेत
तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से ट्रेजरी यील्ड के अहम स्तर स्पष्ट रूप से रेखांकित हैं। 10-वर्षीय बेंचमार्क यील्ड के लिए तत्काल रेसिस्टेंस सत्र के उच्चतम स्तर 4.80% से ठीक नीचे बना हुआ है। यदि यील्ड इस स्तर को पार करती है, तो जनवरी 2025 का उच्चतम स्तर 4.81% अगला लक्ष्य होगा, जिसके बाद सीधे 5.00% तक कोई बड़ा तकनीकी रुकावट मौजूद नहीं है। वहीं 2-वर्षीय यील्ड के लिए पहला रेसिस्टेंस 4.40% और उसके बाद 4.50% का मनोवैज्ञानिक स्तर है।
नीचे की तरफ 10-वर्षीय यील्ड के लिए पहला सपोर्ट 4.75% के दैनिक निचले स्तर पर है, जबकि द्वितीयक सपोर्ट 4.70% पर स्थित है। अगस्त महीने के दायरे का निचला स्तर 4.60% वह महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर है जो इस मौजूदा तेजी के सिलसिले को समाप्त कर सकता है। 2-वर्षीय यील्ड के लिए सपोर्ट 4.35% और उसके बाद 4.25% पर देखा जा रहा है। मोमेंटम इंडिकेटर भी यील्ड में और तेजी का संकेत दे रहे हैं। दैनिक स्टोकेस्टिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (Stoch RSI) 2-वर्षीय यील्ड के लिए लगभग 47 और 10-वर्षीय यील्ड के लिए 49 पर बना हुआ है। ये न्यूट्रल आंकड़े दर्शाते हैं कि बांड बाजार में अभी अति-बिकवाली या अति-खरीद की स्थिति नहीं है, जिससे 16 सितंबर की बैठक तक यील्ड में और बढ़ोतरी की जगह बनी हुई है।
अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का महत्वपूर्ण दौर
वित्तीय बाजार अब आने वाले प्रमुख अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं जो ब्याज दरों के भविष्य की दिशा तय कर सकते हैं। बुधवार को 12:15 GMT पर एडीपी प्राइवेट पेरोल के आंकड़े जारी होंगे, जिसमें पिछले 44K के मुकाबले 48K नए रोजगार जुड़ने का अनुमान जताया गया है। उसी दिन शाम 18:00 GMT पर फेडरल रिजर्व अपनी बेज बुक रिपोर्ट जारी करेगा, जिसमें अमेरिका के बारह फेड जिलों की आर्थिक स्थिति का ब्योरा होगा।
गुरुवार को 14:00 GMT पर इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (ISM) का सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) डेटा आएगा। इसके 54.1 से बढ़कर 54.3 रहने का अनुमान है। पिछले सर्विसेज PMI आंकड़ों में कीमतों से जुड़ा सब-इंडेक्स 70.3 के उच्च स्तर पर दर्ज किया गया था, जो सेवा क्षेत्र में जारी महंगाई के दबाव को उजागर करता है।
मुद्रा बाजार, कीमती धातुओं और क्रिप्टो पर व्यापक प्रभाव
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती का असर दुनिया भर के वित्तीय परिसंपत्तियों पर देखा गया। विदेशी मुद्रा बाजार में ग्रेट ब्रिटेन पाउंड (GBP/USD) गिरकर 1.3500 के निचले दायरे में आ गया, जो दो सप्ताह का निचला स्तर है। इसी तरह यूरो (EUR/USD) में भी गिरावट तेज हुई और यह 1.1600 के प्रमुख सपोर्ट स्तर से नीचे फिसल गया। वैश्विक सरकारी बांड बाजारों में भी भारी बिकवाली दर्ज की गई, जिसमें ब्रिटेन के गिल्ट्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। ब्रिटेन के 2-वर्षीय और 10-वर्षीय बांड की यील्ड एक समय 10 बेसिस प्वाइंट तक बढ़ गई थी, जो बाद में क्रमशः 7 और 8 बेसिस प्वाइंट की बढ़त पर बंद हुई।
कीमती धातुओं के बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही और सोना लगभग तीन सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंचकर $4,300 प्रति ट्रॉय औंस के ठीक ऊपर कारोबार करता दिखा। बढ़ती यील्ड और मजबूत डॉलर के कारण बिना ब्याज देने वाली संपत्ति के रूप में सोने की मांग घटी है, जिसने मध्य पूर्व के तनाव से पैदा हुए सुरक्षित निवेश के लाभ को बेअसर कर दिया।
दूसरी ओर, डिजिटल एसेट बाजार में अपेक्षाकृत मजबूती देखी गई। संस्थागत एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में दोबारा निवेश लौटने से बिटकॉइन $78,000 के सपोर्ट स्तर से ऊपर बना रहा। इथेरियम $2,450 के करीब स्थिर बना रहा, जबकि एक्सआरपी पर थोड़ा दबाव देखा गया और यह अपने 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) सपोर्ट के आसपास कारोबार करता रहा।
ईंधन संकट: डीजल क्रैक स्प्रेड का रिकॉर्ड और कच्चे तेल में उछाल
ऊर्जा बाजार रिफाइंड ईंधन की भारी किल्लत का सामना कर रहा है। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड यानी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चे तेल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया और $102.00 का नया सर्वकालिक रिकॉर्ड बनाया। यह उछाल रिफाइनरी क्षमता की कमी और परिवहन ईंधन की बढ़ती लागत को दर्शाता है।
लाइव कमोडिटी बाजार में क्रूड ऑयल (CL=F) की कीमतों में जोरदार तेजी देखी गई। क्रूड ऑयल पिछले बंद $85.76 के मुकाबले $4.42 या 5.15% की बढ़त के साथ $90.18 प्रति बैरल पर पहुंच गया। इस दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम इसके 20-दिवसीय औसत से 1.17 गुना अधिक दर्ज किया गया। पिछले 52 हफ्तों के दौरान कच्चे तेल की कीमत $54.98 से $119.48 के दायरे में रही है। दक्षिणी ईरान में ताजा विस्फोटों की खबरों के बाद समुद्री व्यापार मार्गों से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने बाजार में घबराहट बढ़ा दी है।
कच्चे तेल के तकनीकी संकेतक मजबूत तेजी का रुझान दिखा रहे हैं। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 63 पर है, जो बिना ओवरबॉट स्थिति के मजबूत खरीदारी का संकेत देता है। एमएसीडी (MACD) लाइन 1.34 पर अपनी सिग्नल लाइन 1.01 से ऊपर बनी हुई है, जिससे 0.32 का बुलिश हिस्टोग्राम बन रहा है। मूविंग एवरेज भी दीर्घकालिक तेजी की पुष्टि करते हैं, जहां 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA50 $83.21) 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA200 $76.33) से ऊपर बना हुआ है, जिसे गोल्डन क्रॉस कहा जाता है। 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA20) $84.03 पर है, जबकि सिंपल मूविंग एवरेज 50-दिवसीय के लिए $79.79 और 200-दिवसीय के लिए $78.34 है।
बॉलिंगर बैंड (20,2) $76.39 से $90.17 के बीच फैले हैं जिसका मध्य बैंड $83.28 है, जिससे मौजूदा कीमत ऊपरी बैंड के ठीक बाहर आ गई है। एडीएक्स (ADX) 14 दर्ज किया गया है, जबकि स्टोकेस्टिक फास्ट लाइन 100 और सिग्नल लाइन 68 पर है। एटीआर (ATR) दैनिक उतार-चढ़ाव 3.59 है। क्रूड ऑयल के लिए दैनिक पिवट प्वाइंट $88.84, ऊपरी रेसिस्टेंस स्तर R1 $91.56 व R2 $92.93, और सपोर्ट स्तर S1 $87.47, S2 $84.75 तथा 20-दिवसीय सपोर्ट $74.24 के करीब स्थित हैं।

















