राष्ट्रीय राजधानी में विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए हंगामे के बाद दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस की ओर से यह कानूनी कदम सुरक्षाकर्मियों पर कथित हमले और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के आरोपों के तहत उठाया गया है। इस पूरे मामले में कई अन्य कांग्रेस नेताओं और प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं को भी नामजद किया गया है, जिनकी भूमिका की जांच अब पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही है।
सड़क पर टकराव और 91 लोगों को हिरासत में लेने की कार्रवाई
बुधवार को हुए इस प्रदर्शन के दौरान कुल 91 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिनमें कई सांसद और वरिष्ठ विपक्षी नेता शामिल थे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं के इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया था। स्थिति उस वक्त बिगड़ी जब जनपथ स्थित एक दक्षिण भारतीय शाकाहारी रेस्तरां में दोपहर का भोजन करने के बाद विपक्षी नेता बसों में सवार होकर अचानक जंतर-मंतर पर धरना देने के लिए निकले। रास्ते में सुरक्षाबलों ने उनके काफिले को रोक दिया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
संविधान की प्रति लेकर सड़क पर बैठीं महिला नेता
प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार नारेबाजी कर रहे थे। इसी गहमागहमी के बीच प्रियंका गांधी और अन्य महिला नेता हाथों में संविधान की प्रति लेकर सड़क पर लेट गईं। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें सड़क से जबरन हटाकर अपनी बसों में बिठाया। इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के अलावा तृणमूल कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), राष्ट्रीय जनता दल (राजद), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सांसद भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।





















