देश की राजधानी में आयोजित एक बड़े राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के चलते हजारों रेल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। सड़कों पर लगे भीषण जाम के कारण 5000 से ज्यादा मुसाफिर समय पर रेलवे स्टेशन नहीं पहुंच सके और उनकी ट्रेनें छूट गईं। दोपहर के समय नई दिल्ली और उसके नजदीकी इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे स्टेशन की ओर जा रहे आम नागरिकों और यात्रियों के वाहन घंटों तक सड़कों पर फंसे रहे।
दोपहर बाद कई घंटों तक थमा रहा मुख्य मार्गों पर पहिया
दोपहर 12 बजे के बाद से ही नई दिल्ली और उसके आसपास से गुजरने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। स्थिति उस वक्त और अधिक जटिल हो गई जब मिंटो ब्रिज जैसे महत्वपूर्ण रास्ते से विपक्षी सांसदों का काफिला निकला। इस वजह से मिंटो ब्रिज और उससे जुड़े रास्तों पर आवाजाही करीब 3 घंटे तक बुरी तरह प्रभावित या बंद रही। स्टेशन की तरफ जाने वाले यात्रियों को इस दौरान भयंकर जाम से जूझना पड़ा, जिसके चलते लोग अपनी निर्धारित समय सीमा में प्लेटफार्म तक नहीं पहुंच पाए।
राजधानी, वंदे भारत और ग्रुप बुकिंग्स पर पड़ा सीधा असर
ट्रैफिक के इस अभूतपूर्व अवरोध से लंबी दूरी की प्रमुख ट्रेनों के मुसाफिर सबसे ज्यादा संकट में आए। छूटने वाली ट्रेनों में डिब्रूगढ़ राजधानी, मुंबई राजधानी और अत्याधुनिक वंदे भारत के अलावा कई लोकल ट्रेनें भी शामिल हैं। सड़कों पर फंसे रहने के कारण स्टेशन न पहुंच पाने की वजह से IRCTC की कुछ ग्रुप बुकिंग भी रद्द करनी पड़ीं। इस पूरे घटनाक्रम ने राजधानी के प्रमुख रेलवे टर्मिनल पर जाने वाले हजारों परिवारों और रोजमर्रा के मुसाफिरों के सफर को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।






















