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नई दिल्ली में विपक्षी सांसदों के विरोध प्रदर्शन से सड़कों पर थमी रफ्तार, स्टेशन न पहुंच पाने से 5000 से अधिक यात्रियों की छूटी ट्रेनदिल्ली
8 अक्तू॰ 2026, 6:55 pm (2 घंटे पहले)· 0

नई दिल्ली में विपक्षी सांसदों के विरोध प्रदर्शन से सड़कों पर थमी रफ्तार, स्टेशन न पहुंच पाने से 5000 से अधिक यात्रियों की छूटी ट्रेन

राजधानी में राजनीतिक प्रदर्शन और ट्रैफिक जाम के चलते नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने वाले 5000 से ज्यादा यात्रियों की ट्रेनें छूट गईं, जिससे राजधानी और वंदे भारत जैसी प्रीमियम सेवाएं भी प्रभावित हुईं।

देश की राजधानी में आयोजित एक बड़े राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के चलते हजारों रेल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। सड़कों पर लगे भीषण जाम के कारण 5000 से ज्यादा मुसाफिर समय पर रेलवे स्टेशन नहीं पहुंच सके और उनकी ट्रेनें छूट गईं। दोपहर के समय नई दिल्ली और उसके नजदीकी इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे स्टेशन की ओर जा रहे आम नागरिकों और यात्रियों के वाहन घंटों तक सड़कों पर फंसे रहे।

दोपहर बाद कई घंटों तक थमा रहा मुख्य मार्गों पर पहिया

दोपहर 12 बजे के बाद से ही नई दिल्ली और उसके आसपास से गुजरने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। स्थिति उस वक्त और अधिक जटिल हो गई जब मिंटो ब्रिज जैसे महत्वपूर्ण रास्ते से विपक्षी सांसदों का काफिला निकला। इस वजह से मिंटो ब्रिज और उससे जुड़े रास्तों पर आवाजाही करीब 3 घंटे तक बुरी तरह प्रभावित या बंद रही। स्टेशन की तरफ जाने वाले यात्रियों को इस दौरान भयंकर जाम से जूझना पड़ा, जिसके चलते लोग अपनी निर्धारित समय सीमा में प्लेटफार्म तक नहीं पहुंच पाए।

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राजधानी, वंदे भारत और ग्रुप बुकिंग्स पर पड़ा सीधा असर

ट्रैफिक के इस अभूतपूर्व अवरोध से लंबी दूरी की प्रमुख ट्रेनों के मुसाफिर सबसे ज्यादा संकट में आए। छूटने वाली ट्रेनों में डिब्रूगढ़ राजधानी, मुंबई राजधानी और अत्याधुनिक वंदे भारत के अलावा कई लोकल ट्रेनें भी शामिल हैं। सड़कों पर फंसे रहने के कारण स्टेशन न पहुंच पाने की वजह से IRCTC की कुछ ग्रुप बुकिंग भी रद्द करनी पड़ीं। इस पूरे घटनाक्रम ने राजधानी के प्रमुख रेलवे टर्मिनल पर जाने वाले हजारों परिवारों और रोजमर्रा के मुसाफिरों के सफर को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।

सवाल-जवाब

नई दिल्ली में कितने यात्रियों की ट्रेनें छूटीं?
विरोध प्रदर्शन और भीषण जाम के चलते 5000 से अधिक यात्रियों की ट्रेनें छूट गईं।
यातायात मुख्य रूप से किस समय और कितने समय तक प्रभावित रहा?
दोपहर 12 बजे के बाद यातायात बाधित होना शुरू हुआ और मिंटो ब्रिज जैसे प्रमुख मार्ग पर आवाजाही करीब 3 घंटे तक प्रभावित रही।
किन प्रमुख ट्रेनों के यात्री इस जाम से प्रभावित हुए?
डिब्रूगढ़ राजधानी, मुंबई राजधानी, वंदे भारत और कई लोकल ट्रेनों के यात्री इस जाम के कारण स्टेशन नहीं पहुंच सके।
क्या आईआरसीटीसी की बुकिंग पर भी कोई असर पड़ा?
हां, यात्रियों के जाम में फंसे रहने की वजह से आईआरसीटीसी की कुछ ग्रुप बुकिंग भी रद्द करनी पड़ीं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 मिनट पहले

पाँच हज़ार लोगों की ट्रेन छूट जाना बहुत बड़ी बात है। आखिर पुलिस ने पहले से ट्रैफिक डायवर्ट क्यों नहीं किया?

Riya Menon@riya-menon·1 मिनट पहले

अर्जुन, बिल्कुल सही कहा आपने। पिछली बार मैं भी अपनी बेटी के साथ मिंटो ब्रिज के पास ऐसे ही जाम में फंस गई थी, ट्रेन छूटते-छूटते बची थी।

Rohan Verma@rohan-verma·22 मिनट पहले

नेता लोग अपना प्रदर्शन करते हैं और भुगतना आम जनता को पड़ता है। 5000 लोगों की ट्रेन छूट जाना बहुत बड़ी परेशानी है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·22 मिनट पहले

रोहन जी, कानून-व्यवस्था और यातायात बाधित करने पर पुलिस को ऐसे मामलों में स्वतः संज्ञान लेकर आयोजकों पर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।

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