एसी पूरी रफ्तार पर चल रहा फिर भी कमरा गरम? ये 8 वजहें जान लीजिए, मैकेनिक का खर्च बच जाएगाDIY
12 घंटे पहले· 0

एसी पूरी रफ्तार पर चल रहा फिर भी कमरा गरम? ये 8 वजहें जान लीजिए, मैकेनिक का खर्च बच जाएगा

गंदा फिल्टर, गैस लीक, गरम आउटडोर यूनिट या गलत टेम्परेचर सेटिंग — एसी की कूलिंग छीनने वाली ज्यादातर वजहें आप खुद मिनटों में पकड़ सकते हैं। जानिए कब खुद ठीक करें और कब टेक्नीशियन बुलाएं।

उत्तर भारत में गर्मी अब अपने तीखे तेवर दिखा रही है। दिल्ली समेत कई इलाकों में पारा 41 डिग्री के पार जा चुका है। बीच-बीच में हो रही बारिश थोड़ी राहत जरूर देती है, लेकिन उसके बाद बढ़ने वाली उमस हाल बेहाल कर देती है। यही वजह है कि जिन घरों में एयर कंडीशनर लगे हैं, वहां इन्हें चलाना शुरू कर दिया गया है। मगर एक शिकायत बार-बार सुनने को मिल रही है — एसी चल तो रहा है, पर कमरा ठंडा नहीं हो रहा।

मैकेनिक को फोन घुमाने से पहले रुकिए

ज्यादातर लोग कूलिंग न मिलते ही मान लेते हैं कि एसी खराब हो गया और फौरन मैकेनिक को बुला लेते हैं, जिसका सीधा असर जेब पर पड़ता है। हकीकत यह है कि कई बार दिक्कत इतनी मामूली होती है कि उसे आप खुद चंद मिनटों में दूर कर सकते हैं। इसलिए किसी को बुलाने से पहले यह समझना जरूरी है कि आखिर वे कौन-सी चीजें हैं जो ठंडी हवा का रास्ता रोक रही हैं।

सबसे पहला शक — गंदा एयर फिल्टर

कम कूलिंग की सबसे आम और सबसे पहली वजह इनडोर यूनिट का गंदा एयर फिल्टर होता है। एसी जब लगातार चलता है तो कमरे की हवा के साथ-साथ धूल-मिट्टी भी इसके फिल्टर पर जमने लगती है। धीरे-धीरे यह परत इतनी मोटी हो जाती है कि एयरफ्लो यानी हवा का बहाव लगभग रुक जाता है। जब ठंडी हवा बाहर निकलेगी ही नहीं, तो कमरा ठंडा कैसे होगा? बचाव का तरीका आसान है — हर दो हफ्ते में एक बार फ्रंट पैनल खोलकर फिल्टर बाहर निकालें और साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इससे न केवल कूलिंग दमदार होती है, बल्कि घर में आने वाली हवा भी साफ रहती है।

फिल्टर साफ है फिर भी हवा गरम? गैस की जांच कीजिए

अगर फिल्टर बिल्कुल साफ है और फिर भी ठंडक नहीं मिल रही, तो इसका ताल्लुक रेफ्रिजरेंट यानी कूलिंग गैस से हो सकता है। एसी के भीतर बहने वाली यही गैस कमरे की गर्मी को सोखकर हवा को ठंडा बनाती है। अगर पाइपलाइन में कहीं छोटा-सा कट या लीकेज आ जाए, तो गैस धीरे-धीरे घटती जाती है और एक वक्त पर कूलिंग पूरी तरह बंद हो जाती है। इतना ही नहीं, कंप्रेसर पर लोड बढ़ने से बिजली का बिल भी आसमान छूने लगता है।

घर के बाहर लगी आउटडोर यूनिट को नजरअंदाज न करें

इनडोर यूनिट दुरुस्त होने के बाद भी बाहर लगी आउटडोर यूनिट पर नजर डालना जरूरी है। अगर उसके कंडेंसर कॉइल पर मोटी धूल-मिट्टी जमी है, या यूनिट किसी ऐसी बंद जगह पर रखी है जहां सीधी धूप पड़ती रहती है, तो वह कमरे की गर्मी को बाहर फेंक ही नहीं पाएगी। कॉइल की सफाई करवाकर और यूनिट के आसपास हवा का रास्ता खुला रखकर इस परेशानी से बचा जा सकता है।

कमरे के हिसाब से एसी की क्षमता सही है या नहीं

कई बार एसी में कोई खराबी नहीं होती, फिर भी कूलिंग कम रहती है या होती ही नहीं। ऐसे में मुमकिन है कि कमरा बहुत बड़ा हो और उसमें कम क्षमता वाला एसी लगा हो। बड़े कमरे के लिए हमेशा डेढ़ या दो टन का एसी चाहिए होता है, ताकि वह पूरी जगह को कवर कर सके। अगर बड़े कमरे में 1 टन का एसी लगा दिया जाए तो दिक्कत बनी रहेगी। ऐसी सूरत में गर्मियों के दौरान कमरे का पार्टिशन करना एक कारगर उपाय हो सकता है।

टेम्परेचर सेटिंग की आम गलती

थर्मोस्टैट या टेम्परेचर सेटिंग में लोग अक्सर चूक कर जाते हैं। अगर आपने रिमोट से तापमान 26 या 28 डिग्री सेल्सियस पर सेट कर रखा है, तो भीषण गर्मी में कमरा कभी ठंडा महसूस ही नहीं होगा। आरामदायक और बेहतर कूलिंग के लिए तापमान हमेशा 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना चाहिए — यह सेहत और बिजली बिल, दोनों लिहाज से एकदम सही माना जाता है।

कमरे की बनावट और आपकी आदतें भी मायने रखती हैं

चाहे कितना भी बढ़िया एसी क्यों न हो, अगर कमरे की बनावट और इस्तेमाल का तरीका ठीक न हो तो ठंडक का असर दिखेगा ही नहीं। बार-बार खुलते दरवाजे-खिड़कियां या उनमें मौजूद छोटे-छोटे गैप बाहर की गरम हवा को लगातार अंदर आने का रास्ता देते रहते हैं और अंदर की ठंडी हवा बाहर निकलती रहती है। नतीजा यह कि एसी बिना रुके चलता रहता है पर कमरा ठंडा नहीं होता। इसलिए खिड़कियों के गैप सील करना बेहद जरूरी है।

हवा पंखे जैसी लग रही है? कंप्रेसर पर शक कीजिए

कभी-कभी मामला थोड़ा गंभीर होता है और सीधे कंप्रेसर से जुड़ा होता है। अगर एसी चालू है, इनडोर यूनिट से हवा भी आ रही है, मगर वह हवा बिल्कुल सामान्य पंखे जैसी है, तो समझ लीजिए कि कंप्रेसर चालू नहीं हुआ है। कंप्रेसर या फैन मोटर में कोई तकनीकी खराबी आने पर यह ठंडी हवा बनाना बंद कर देता है। इसके पीछे एक बड़ी वजह वोल्टेज की कमी भी हो सकती है। अगर आपके इलाके में बिजली का वोल्टेज बहुत कम आ रहा है, तो कंप्रेसर को चालू होने के लिए पूरी पावर नहीं मिल पाती और वह ट्रिप कर जाता है। ऐसी स्थिति में घर का मुख्य स्टेबलाइज़र चेक करना चाहिए, ताकि एसी को सही वोल्टेज मिलता रहे।

खुद क्या जांचें और टेक्नीशियन कब बुलाएं

कूलिंग कम होते ही सबसे पहले कुछ बुनियादी बातें खुद परखें — एयर फिल्टर साफ है या नहीं, कमरे के दरवाजे-खिड़कियां ठीक से बंद हैं या नहीं, रिमोट पर टेम्परेचर और मोड की सेटिंग सही है या नहीं, और बाहर रखी आउटडोर यूनिट के सामने कोई रुकावट तो नहीं। ये सारी चीजें आप मिनटों में देख सकते हैं। लेकिन अगर गैस लीक हो रही हो, कंप्रेसर बिल्कुल काम न कर रहा हो, कॉइल पूरी तरह चोक हो चुके हों या वायरिंग और वोल्टेज में कोई बड़ी गड़बड़ी हो, तो देर किए बिना किसी प्रोफेशनल टेक्नीशियन को बुलाएं, ताकि एसी बिना बड़े नुकसान के जल्द ठीक हो सके।

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