दुकानों में मिलने वाले सामान्य हेयर वॉश उत्पादों में मौजूद सल्फेट गंदगी साफ करने के चक्कर में खोपड़ी का प्राकृतिक तेल पूरी तरह सोख लेते हैं। इस तेज रासायनिक क्रिया के कारण बाल रूखे, बेजान और कमजोर होकर टूटने लगते हैं। यदि आप बालों के झड़ने और रूखेपन से परेशान हैं, तो पारंपरिक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की मदद से घर पर ही एक सौम्य और पोषक तत्वों से भरपूर तरल क्लींजर बना सकते हैं।
घर में हेयर क्लींजर बनाने के लिए जरूरी चीजें
इस प्राकृतिक मिश्रण को तैयार करने के लिए रसोई और बगीचे में मिलने वाले तत्वों की आवश्यकता होती है। इनमें दो से तीन ताजी एलोवेरा की पत्तियां, तीन बड़े चम्मच सूखी गुलाब की पंखुड़ियां, डेढ़ से दो लीटर फिल्टर किया हुआ साफ पानी और 750 मिलीलीटर सल्फेट व पैराबेन रहित शैंपू बेस शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त पोषक अर्क निकालने के लिए आंवला, शिकाकाई, रीठा, मेथी दाना, कलौंजी, भृंगराज, नीम की पत्तियां, करी पत्ता, रोजमेरी, अलसी के बीज और विटामिन ई कैप्सूल के तेल की जरूरत होगी।
हर्बल काढ़ा तैयार करने की पूरी विधि
सबसे पहले आंवला, रीठा, शिकाकाई, मेथी के दाने, भृंगराज और कलौंजी को बहते पानी में धोकर धूल साफ कर लें। इन सभी को डेढ़ लीटर शुद्ध पानी वाले बर्तन में डालकर पूरी रात भीगने के लिए छोड़ दें। अगली सुबह इस बर्तन को चूल्हे पर रखें और उसमें नीम व करी पत्ता, अलसी के बीज, रोजमेरी और सूखी गुलाब की पंखुड़ियां मिला दें।
मिश्रण में तेज आंच पर पहला उबाल आने दें। जब पानी खौलने लगे, तब एलोवेरा की पत्तियों के छोटे टुकड़े काटकर उसमें डाल दें। आंच धीमी से मध्यम करके इस काढ़े को 15 से 20 मिनट तक पकने दें, जब तक कि तरल घटकर लगभग आधा न रह जाए। आंच बंद करके काढ़े को सामान्य तापमान पर ठंडा होने दें और फिर छन्नी से छान लें। छलनी में बचे ठोस कचरे में थोड़ा सा उबला हुआ ठंडा पानी डालकर हाथों से मसलें, ताकि बची हुई खूबी भी निकल आए, फिर इसे भी छानकर मुख्य अर्क में मिला दें।
शैंपू बेस मिलाना और भंडारण का तरीका
तैयार हर्बल तरल में विटामिन ई कैप्सूल का तेल अच्छी तरह मिलाएं। इसके बाद निर्धारित 750 मिलीलीटर सौम्य शैंपू बेस को धीरे-धीरे डालते हुए चलाएं, ताकि ज्यादा झाग न बने और सब कुछ एकसार हो जाए। इस तैयार घोल को किसी कांच या प्लास्टिक की साफ शीशी में भरकर कुछ देर स्थिर रहने दें।
प्राकृतिक अर्क में पानी की मात्रा अधिक होने के कारण फफूंद और सूक्ष्म जीवाणुओं के पनपने का खतरा रहता है। इसलिए हमेशा साफ-सुथरे बर्तनों का इस्तेमाल करें और जरूरत के अनुसार छोटी मात्रा में ही ताजा शैंपू बनाएं। पहली बार सिर पर लगाने से पहले त्वचा के किसी छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर कर लें।



















