मकान बनाते समय दीवारों और फर्श पर की जाने वाली प्लास्टरिंग अगर कुछ ही दिनों में उखड़ने लगे या उसमें दरारें दिखने लगें, तो सारा पैसा और श्रम व्यर्थ चला जाता है। अधिकांश लोग इस तरह की खराबी के लिए सीमेंट की गुणवत्ता या खराब निर्माण सामग्री को दोष देने लगते हैं, जबकि मुख्य कारण सामग्री का असंतुलित मिश्रण होना है। प्लास्टर की असल मजबूती सीमेंट और मौरंग के सटीक तालमेल पर टिकी होती है। यदि सामग्री का अनुपात सही रखा जाए और उसे गूंथने की प्रक्रिया विधिवत पूरी की जाए, तो सतह सालों-साल बिना किसी टूट-फूट के टिकी रहती है।
सीमेंट, मौरंग और गिट्टी का सही अनुपात
सुल्तानपुर के दस वर्षों के कार्य अनुभव वाले राजगीर योगेश कुमार के अनुसार, दीवार अथवा फर्श की प्लास्टरिंग के लिए मसाला तैयार करते वक्त तीन-एक का मानक पैमाना अपनाना चाहिए। इस व्यवस्था में प्रत्येक एक बोरी सीमेंट के अनुपात में तीन बोरी मौरंग का इस्तेमाल किया जाता है। मौरंग की इस मात्रा में भी उन्होंने खास विभाजन सुझाया है, जिसके तहत तीन बोरी मौरंग में दो बोरी बांदा मौरंग और एक बोरी चिल्ला मौरंग मिलानी चाहिए। इसके अतिरिक्त कंक्रीट के काम में तीन बोरी काली गिट्टी के साथ एक बोरी सीमेंट का संयोजन किया जाना चाहिए। इस तय अनुपात में तैयार किया गया मसाला निर्माण को उच्चतम मजबूती और स्थायित्व प्रदान करता है।
मसाला मिलाने और पानी डालने की सही तकनीक
सामग्रियों के अनुपात के साथ-साथ उनके सम्मिश्रण का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है। योगेश कुमार का कहना है कि तीन बोरी मौरंग और डस्ट के साथ एक बोरी सीमेंट को सूखी अवस्था में ही कम से कम तीन बार अच्छी तरह उलटना-पलटना चाहिए, ताकि सीमेंट और रेत के कण एकसमान रूप से आपस में मिल जाएं। इसके उपरांत सूखी सामग्री को गोल घेरे के आकार में फैलाकर बीच में एक बड़ा गड्ढा बना लिया जाता है। उस गड्ढे में लगभग दो बाल्टी पानी डालकर बाहरी किनारों से मसाले को धीरे-धीरे पानी की तरफ समेटा जाता है। सामग्री को पानी के साथ मिलाने के बाद फावड़े की मदद से मिश्रण को दो से तीन बार ठीक से फेंटा जाता है, जिससे मसाला प्लास्टरिंग के लिए पूरी तरह तैयार हो जाता है।
मसाला बिछाने से पहले सतह पर सीमेंट के घोल का प्रयोग
प्लास्टर के टिकाऊपन को बढ़ाने के लिए योगेश कुमार एक और तकनीकी कदम उठाने की सलाह देते हैं। फर्श या दीवार पर तैयार मसाला लगाने से पूर्व उस सतह पर सीमेंट के पतले घोल का छिड़काव अवश्य करना चाहिए। सतह पर सीमेंट का पानी डालने से मौरंग और सीमेंट का मिश्रण आधार से बेहद मजबूती के साथ चिपक जाता है और सतह की पकड़ ढीली नहीं पड़ती। इस पूर्व-तैयारी से न केवल प्लास्टर का उखड़ना रुकता है, बल्कि फर्श और दीवारों की सतह में उत्कृष्ट फिनिशिंग और मजबूती भी प्राप्त होती है।



















