उत्तर प्रदेश के जौहर विश्वविद्यालय को फायर सेफ्टी से जुड़े दस्तावेज़ जमा करने के लिए एक हफ्ते का अतिरिक्त समय दिया गया है। दरअसल जांच में कैंपस की कई इमारतें अग्नि सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरीं, जिसके बाद यह विस्तार दिया गया।
मामला क्या है
विश्वविद्यालय परिसर में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की जांच के दौरान कई इमारतें ऐसी पाई गईं जो तय मानकों को पूरा नहीं करतीं। इसके बाद जौहर विश्वविद्यालय से इन इमारतों से जुड़े जरूरी दस्तावेज़ जमा करने को कहा गया था।
एक हफ्ते बढ़ाई गई समयसीमा
दस्तावेज़ जमा करने की पहले तय समयसीमा को अब आगे बढ़ा दिया गया है। जौहर विश्वविद्यालय को अब एक हफ्ते का अतिरिक्त समय मिला है, ताकि वह चिन्हित इमारतों से जुड़े कागजात पूरे कर सके।
फायर सेफ्टी अनुपालन क्यों जरूरी है
फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट यह पुष्टि करता है कि किसी इमारत में आग से बचाव और निकासी के इंतजाम, जैसे इमरजेंसी एग्जिट, अलार्म और फायर फाइटिंग उपकरण, तय मानकों के मुताबिक हैं। किसी यूनिवर्सिटी कैंपस में इसके दायरे में हॉस्टल, अकादमिक इमारतें और बाकी ढांचे भी आते हैं, जहां रोज़ाना छात्र और स्टाफ मौजूद रहते हैं, इसलिए यह दस्तावेज़ीकरण कैंपस में सबकी सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जाता है।
आगे क्या होगा
अब जौहर विश्वविद्यालय को बढ़ी हुई समयसीमा के भीतर चिन्हित इमारतों के फायर सेफ्टी दस्तावेज़ जमा करने होंगे। तय समय में कागजात जमा होने के बाद ही अनुपालन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।




















