प्रतापगढ़ में मंदसौर रोड के ढाबों और होटलों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई, कीड़े मकोड़े और सड़ा मांस मिलने से मचा हड़कंपचावल की बंपर पैदावार के लिए अपनाएं यह वैज्ञानिक सूत्र, जड़ उपचार से लेकर सही जल प्रबंधन का पूरा तरीकामहाभारत काल से जुड़ा है फरीदाबाद का तिलपत गांव, पांडवों की पांच गांवों की मांग और सूरदास मंदिर का गहरा इतिहासहरियाणा के सफाई कर्मचारियों ने 37 दिन बाद खत्म की हड़ताल, मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ बैठक में 16 मांगों पर बनी सहमतिगोरखपुर के प्राणी उद्यान में वन्यजीवों की अनोखी अठखेलियां बन रहीं पर्यटकों का मुख्य आकर्षणहेयर फॉल की समस्या से राहत पाने के लिए खानपान में शामिल करें ये जरूरी न्यूट्रिएंट्स, जानें डाइट चार्टमूलांक 9 राशिफल 12 सितंबर 2026: मंगल की ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाएं, विवाद से दूर रहेंझारखंड के लातेहार का सुगंधित जीराफूल चावल पहुंचा गुरुग्राम, 1500 महिला किसानों की बदली किस्मतसीकर में रबी सीजन से ठीक पहले 7 नए सोलर प्लांट चालू, रोजाना 12 लाख यूनिट सौर ऊर्जा से चमकेगी कृषि बिजली आपूर्तिमेघालय के री-भोई में नीति आयोग की सदस्य डॉ. जोराम अनिया ने किया सरकारी योजनाओं का जमीनी निरीक्षण
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में बुनियादी सुविधाओं के लिए सड़क पर उतरे छात्र, दुर्ग पाटन मार्ग पर किया प्रदर्शनशिक्षा
26 अग॰ 2026, 3:48 am (17 दिन पहले)· 2

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में बुनियादी सुविधाओं के लिए सड़क पर उतरे छात्र, दुर्ग पाटन मार्ग पर किया प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित स्वामी आत्मानंद विद्यालय के 200 विद्यार्थियों ने स्कूल में शौचालय न होने के विरोध में दुर्ग पाटन मार्ग पर करीब एक घंटे तक चक्काजाम किया।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के छात्र बुनियादी जरूरतों के अभाव में सड़कों पर उतर आए हैं। सेलूद स्थित इस सरकारी स्कूल के 200 से अधिक विद्यार्थी पिछले लगभग दो वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। बुधवार को बच्चों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने दुर्ग पाटन मुख्य मार्ग पर पहुंचकर रास्ता पूरी तरह बाधित कर दिया। लगभग एक घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों का भारी जमावड़ा हो गया।

स्कूल में शौचालय न होने से बढ़ी समस्याएं

प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का कहना है कि लंबे समय से मांग करने के बावजूद उनके स्कूल परिसर में आज तक शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है। स्वच्छता सुविधाओं के अभाव में सबसे ज्यादा असुविधा छात्राओं को उठानी पड़ रही है। मजबूरी में विद्यार्थियों को दूर स्थित झाड़ियों में खुले में जाने के लिए विवश होना पड़ता है। इसके अलावा परिसर में सुरक्षा दीवार न होने के कारण भी सुरक्षा का जोखिम बना रहता है। अपनी इन मूलभूत मांगों की ओर प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान खींचने के लिए विद्यार्थियों को हाथों में तख्तियां लेकर सड़क पर उतरना पड़ा। एक छात्र ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि शौचालय न बनने की वजह से सभी 200 बच्चों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

पुलिस की समझाइश और यातायात बहाल कराने का प्रयास

सड़क पर प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए उन्हें समझाया कि मुख्य मार्ग को बाधित करने से आपातकालीन सेवाओं पर विपरीत असर पड़ता है। अधिकारियों ने कहा कि चक्काजाम के कारण रोगियों को ले जा रही एंबुलेंस फंस सकती है, जिससे किसी की जान को खतरा पैदा हो सकता है। पुलिस टीम की समझाइश के बाद यातायात को धीरे-धीरे सामान्य कराया गया, हालांकि छात्र अपनी मांगों के तुरंत समाधान पर अड़े रहे।

घटना के बाद तेज हुई प्रादेशिक राजनीति

छात्रों के इस जमीनी विरोध के बाद राज्य के राजनीतिक हलकों में भी सरगर्मी बढ़ गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने उल्लेख किया कि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह जिले दुर्ग में ही विद्यार्थियों को शौचालय जैसी मौलिक सुविधा के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है। 25 अगस्त 2026 को जारी अपने बयान में पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सेलूद के इस स्कूल की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

यह विरोध प्रदर्शन कहां और क्यों हुआ?
यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के सेलूद स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के पास हुआ, जहां छात्र बुनियादी शौचालय सुविधाओं के अभाव में सड़क पर उतरे।
विद्यार्थियों ने कितने समय तक सड़क पर चक्काजाम किया?
छात्रों ने दुर्ग पाटन मुख्य मार्ग पर पहुंचकर करीब एक घंटे तक चक्काजाम किया।
स्कूल में कितने बच्चे पढ़ते हैं और उन्हें क्या असुविधा हो रही है?
स्कूल में लगभग 200 बच्चे नामांकित हैं, जो पिछले दो सालों से शौचालय और बाउंड्री वॉल न होने के कारण खुले में जाने के लिए मजबूर हैं।
इस विरोध प्रदर्शन पर राजनीतिक रूप से क्या कहा गया है?
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए शिक्षा मंत्री के गृह जिले दुर्ग में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR