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दिल्ली में नीट यूजी प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत, 13 मुकदमों पर दंडात्मक कार्रवाई रोकने और रिहाई के निर्देश जारीशिक्षा
30 जुल॰ 2026, 9:23 pm (89 दिन पहले)· 3

दिल्ली में नीट यूजी प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत, 13 मुकदमों पर दंडात्मक कार्रवाई रोकने और रिहाई के निर्देश जारी

दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने नीट यूजी परीक्षा धांधली के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज 13 प्राथमिकियों में कानूनी कार्रवाई रोकने का फैसला लिया है। उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद जारी आदेश में आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों को छोड़कर अन्य सभी पात्र प्रदर्शनकारियों को तत्काल रिहा करने के निर्देश दिए गए हैं।

नीट यूजी परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ राजधानी दिल्ली की सड़कों पर विरोध जताने वाले हजारों विद्यार्थियों और प्रदर्शनकारियों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि प्रदर्शनों के सिलसिले में दर्ज मामलों में अब किसी के भी खिलाफ प्रतिकूल दंडात्मक कदम नहीं उठाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए अथवा गिरफ्तार किए गए छात्रों को अविलंब रिहा करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस सरकारी पहल से लंबे समय से कानूनी दांव-पेच और पुलिस मामलों की चिंता में डूबे सैकड़ों अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को सुकून मिला है।

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद दिल्ली सरकार का कदम

दिल्ली के प्रधान सचिव (गृह) संतोष डी. वैद्य (आईएएस) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में पूरे मामले की जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि 29 जुलाई की शाम तक दिल्ली पुलिस द्वारा नीट यूजी विरोध प्रदर्शनों के संबंध में कुल 13 एफआईआर दर्ज की गई थीं। इन दर्ज प्राथमिकियों पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार द्वारा गहराई से विचार-विमर्श किया गया। यह फैसला 28 जुलाई 2026 को उच्चतम न्यायालय द्वारा 'शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी बनाम भारत संघ व अन्य' के मामले में सुनाए गए ऐतिहासिक निर्णय के आलोक में लिया गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) की अंतिम स्वीकृति मिलने के उपरांत इस जनहितैषी निर्देश को औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है।

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गृह विभाग के निर्देश के तीन मुख्य बिंदु

दिल्ली सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश में तीन मुख्य बातों को रेखांकित किया गया है, जो प्रदर्शनकारियों के भविष्य और रिहाई की रूपरेखा तय करती हैं

  • दंडात्मक कार्रवाई पर पूर्ण रोक: दिल्ली की किसी भी पुलिस इकाई या प्राधिकारी को प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध कोई भी प्रतिकूल कार्रवाई न करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस प्रकरण को अब समाप्त माना जाएगा और आने वाले समय में भी इस आधार पर किसी भी छात्र पर नया मामला नहीं चलाया जाएगा।
  • पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड वालों को छूट नहीं: सरकार ने अपनी नीति में एक महत्वपूर्ण शर्त भी जोड़ी है। यह राहत केवल उन सामान्य छात्रों और प्रदर्शनकारियों को दी जाएगी जिनका कोई पुराना पुलिस रिकॉर्ड नहीं है। जिन लोगों की पृष्ठभूमि पहले से आपराधिक रही है, उन पर यह रियायत लागू नहीं होगी और उनके खिलाफ सर्वोच्च अदालत के दिशा-निर्देशों के अनुसार कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
  • रिहाई प्रक्रिया में तेजी: विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार या हिरासत में रखे गए सभी व्यक्तियों के मामलों की प्राथमिकता के आधार पर तेजी से समीक्षा की जाएगी। जो लोग इस राहत नीति के तहत पात्र पाए जाएंगे, उन्हें बिना किसी विलंब के तुरंत रिहा कर दिया जाएगा।

परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के बाद भड़का था जनाक्रोश

उल्लेखनीय है कि नीट यूजी परीक्षा के दौरान धांधली और अनियमितताओं की खबरें सामने आने के बाद देश भर के विभिन्न छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर दिल्ली में व्यापक प्रदर्शन आयोजित किए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर दिल्ली पुलिस की ओर से कड़ी कार्रवाई की गई थी और कई स्थानों पर प्राथमिकियां दर्ज कर छात्रों को हिरासत में लिया गया था। अब राज्य सरकार के इस जनहितैषी रुख और उपराज्यपाल की मंजूरी से छात्रों के ऊपर से कानूनी कार्रवाई की तलवार हट गई है, जिससे पीड़ित परिवारों में खुशी का माहौल है।

सवाल-जवाब

नीट यूजी प्रदर्शनकारियों पर दर्ज कितनी एफआईआर पर कार्रवाई रोकी गई है?
दिल्ली पुलिस द्वारा 29 जुलाई की शाम तक दर्ज की गई सभी 13 एफआईआर पर दंडात्मक कार्रवाई रोकने का आदेश दिया गया है।
यह फैसला किस अदालत के आदेश के आधार पर लिया गया है?
यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 28 जुलाई 2026 के 'शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी बनाम भारत संघ व अन्य' मामले में दिए गए फैसले के आलोक में लिया गया है।
क्या यह राहत प्रदर्शन में शामिल सभी लोगों पर लागू होगी?
नहीं, यह राहत केवल सामान्य प्रदर्शनकारियों के लिए है। जिन व्यक्तियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है, उन्हें इससे बाहर रखा गया है।
हिरासत में लिए गए छात्रों की रिहाई की क्या प्रक्रिया है?
गृह विभाग ने निर्देश दिया है कि हिरासत में लिए गए व्यक्तियों के मामलों की तेजी से समीक्षा की जाए और पात्र पाए जाने पर उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।
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