वाइट हाउस वार्ता: यूक्रेन में पैट्रियट मिसाइल उत्पादन लाइसेंस के लिए वॉशिंगटन पहुंचे जेलेंस्की, ट्रंप से करेंगे अहम बैठकचीन में 90 साल की महिला 20 वर्ष तक जिंदा हैंड ग्रेनेड से तोड़ती रही अखरोट, मजदूर ने देख पुलिस को दी सूचनाबेलेघाटा से तृणमूल कांग्रेस नेता राजू नस्कर पुलिस कस्टडी में, रंगदारी और धमकी के आरोपों पर बड़ा एक्शनत्वचा को चमकदार और टाइट बनाने के लिए घर पर तैयार करें चावल के मांड की नेचुरल कोलेजन क्रीम, जानें आसान तरीकाशादियों की विदाई में आज भी छाया रहता है 1989 का क्लासिक ट्रैक, 37 सालों से कायम है पद्मिनी कोल्हापुरे और मिथुन चक्रवर्ती के इस इमोशनल गाने की जगहरसोई की चुभती बीप का इलाज: स्टारलिंग के जोएल कोरेलिट्ज़ और कोलिन कूगन ने C++ कोड से सुधारी माइक्रोवेव की आवाज़लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा, शशि थरूर ने रखी अपनी बातभारतीय क्रिकेट टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने दिया इस्तीफा, कोलकाता नाइट राइडर्स की कोचिंग में होगी वापसीऐप्पल ने स्मार्टवॉच सीरीज में किया बड़ा बदलाव, जानें सीरीज 11 और वॉच अल्ट्रा 3 के नए फीचर्सअपने जन्मदिन पर हुमा कुरैशी ने दिया सरप्राइज, महारानी सीजन 5 की शूटिंग का किया आधिकारिक ऐलान
नीट यूजी 2026 पुनर्परीक्षा में लखीसराय से 9 सॉल्वर गिरफ्तार, MBBS छात्र भी बेनकाब, बायोमेट्रिक एजेंसी के 7 कर्मी हिरासत मेंशिक्षा
22 जून 2026, 4:46 pm (36 दिन पहले)· 9

नीट यूजी 2026 पुनर्परीक्षा में लखीसराय से 9 सॉल्वर गिरफ्तार, MBBS छात्र भी बेनकाब, बायोमेट्रिक एजेंसी के 7 कर्मी हिरासत में

नीट यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा के दौरान लखीसराय जिले में बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है, जहां असली उम्मीदवारों की जगह परीक्षा दे रहे नौ सॉल्वर गिरफ्तार किए गए। बायोमेट्रिक सत्यापन एजेंसी के सात कर्मचारी भी हिरासत में हैं और अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग की जांच जारी है।

बिहार के लखीसराय जिले में नीट यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा के दौरान एक बड़े और संगठित फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। जिले के परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन की सघन जांच के दौरान कुल नौ ऐसे लोग पकड़े गए जो असली अभ्यर्थियों की जगह पर पेपर दे रहे थे। यह पूरा सौदा मोटी रकम के बदले हुआ था। इसी के साथ परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज करने वाली एक निजी एजेंसी के सात कर्मचारियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।

फोटो और फिंगरप्रिंट से हुआ खुलासा

दस्तावेज सत्यापन के दौरान अधिकारियों को संदेह तब हुआ जब कुछ अभ्यर्थियों के फोटो और फिंगरप्रिंट उनके रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए। इसके बाद चारों परीक्षा केंद्रों पर गहन छानबीन शुरू की गई। एसडीपीओ शिवम कुमार ने पुष्टि की कि गिरफ्तार सभी लोग दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे। इनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने लाने की कोशिश हो रही है।

ये भी पढ़ें

तीन केंद्रों से पकड़े गए नौ सॉल्वर

लखीसराय जिले में नीट यूजी पुनर्परीक्षा चार केंद्रों पर आयोजित की गई थी: केंद्रीय विद्यालय किऊल, राजकीय हाइस्कूल हसनपुर, केआरके हाइस्कूल और डायट लखीसराय। इनमें से तीन केंद्रों पर फर्जीवाड़ा सामने आया। केंद्रीय विद्यालय किऊल से सबसे ज्यादा सात सॉल्वर पकड़े गए, जबकि हसनपुर हाइस्कूल और केआरके हाइस्कूल से एक-एक फर्जी परीक्षार्थी को गिरफ्तार किया गया।

MBBS का छात्र भी निकला सॉल्वर

इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि पकड़े गए लोगों में खुद मेडिकल छात्र शामिल हैं। एसडीओ प्रभाकर कुमार के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में कई गिरफ्तार युवकों ने खुद को मेडिकल कॉलेजों से जुड़ा बताया। सूत्रों के अनुसार इनमें पीएमसीएच, एएनएमएमसीएच गया और दिल्ली के मेडिकल संस्थानों के छात्र शामिल हैं। एएनएमएमसीएच, गया के एमबीबीएस फोर्थ इयर के छात्र अर्पित राज को लखीसराय से गिरफ्तार किया गया है और उससे पूछताछ जारी है। हसनपुर परीक्षा केंद्र पर संजीत कुमार नामक पंजीकृत अभ्यर्थी की जगह दूसरा व्यक्ति परीक्षा देते पकड़ा गया। जांच एजेंसियां अब सभी आरोपियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड और पहचान दस्तावेजों की जांच में जुटी हैं।

बायोमेट्रिक एजेंसी की भूमिका संदिग्ध

मामले में परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने वाली निजी एजेंसी की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कुछ फर्जी अभ्यर्थियों को बिना पूरी बायोमेट्रिक जांच के परीक्षा केंद्रों में प्रवेश मिल गया, जिससे एजेंसी कर्मचारियों की मिलीभगत का अंदेशा है। इन सात कर्मियों से पुलिस एक गुप्त स्थान पर पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह सब किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा था या नहीं।

अंतरराज्यीय गैंग की आशंका

जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस पूरे रैकेट के पीछे कोई संगठित अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग काम कर रहा हो सकता है। पुलिस यह जानने में जुटी है कि असली अभ्यर्थियों और सॉल्वरों के बीच कितनी रकम का लेन-देन हुआ और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होते ही सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे परीक्षा केंद्रों पर

सूचना मिलते ही डीएम शैलेंद्र कुमार, एसपी प्रेरणा कुमार, एसडीओ प्रभाकर कुमार और एसडीपीओ शिवम कुमार स्वयं परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। अधिकारियों ने कई घंटे तक पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जानकारी ली। प्रशासन ने इस मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए तकनीकी और कानूनी दोनों स्तरों पर एक साथ जांच शुरू कर दी है।

सवाल-जवाब

लखीसराय में कितने फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया?
नीट यूजी 2026 पुनर्परीक्षा के दौरान लखीसराय जिले से कुल नौ फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया।
किन परीक्षा केंद्रों से गिरफ्तारियां हुईं और कितनी-कितनी?
केंद्रीय विद्यालय किऊल से सात, राजकीय हाइस्कूल हसनपुर से एक और केआरके हाइस्कूल से एक सॉल्वर पकड़ा गया।
अर्पित राज कौन है?
अर्पित राज एएनएमएमसीएच, गया में एमबीबीएस फोर्थ इयर का छात्र है जिसे लखीसराय से गिरफ्तार किया गया है।
हसनपुर केंद्र पर किसकी जगह फर्जी व्यक्ति परीक्षा दे रहा था?
हसनपुर परीक्षा केंद्र पर संजीत कुमार नामक पंजीकृत अभ्यर्थी की जगह दूसरा व्यक्ति परीक्षा देते पकड़ा गया।
बायोमेट्रिक एजेंसी के कर्मचारी क्यों हिरासत में लिए गए?
पुलिस सूत्रों के अनुसार कुछ फर्जी परीक्षार्थियों को बिना पूरी बायोमेट्रिक जांच के केंद्रों में प्रवेश मिला, इसलिए एजेंसी के सात कर्मियों को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
क्या इस रैकेट के पीछे कोई संगठित गिरोह है?
जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसके पीछे कोई संगठित अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग सक्रिय हो सकता है और इसकी जांच जारी है।
मौके पर कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे?
डीएम शैलेंद्र कुमार, एसपी प्रेरणा कुमार, एसडीओ प्रभाकर कुमार और एसडीपीओ शिवम कुमार स्वयं परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे।
आगे क्या कार्रवाई होगी?
प्रशासन के अनुसार जांच पूरी होने के बाद सभी आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR