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उज्बेकिस्तान में मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और फर्जी एजेंटों पर विदेश मंत्रालय सख्त, ताशकंद दूतावास और एनएमसी ने जारी की एडवाइजरीशिक्षा
3 नव॰ 2026, 4:46 pm (47 मिनट पहले)· 0

उज्बेकिस्तान में मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और फर्जी एजेंटों पर विदेश मंत्रालय सख्त, ताशकंद दूतावास और एनएमसी ने जारी की एडवाइजरी

उज्बेकिस्तान में भारतीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा दिलाने और फर्जी एजेंटों से बचाने के लिए विदेश मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया है। ताशकंद स्थित भारतीय दूतावास और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

विदेश में मेडिकल की पढ़ाई का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम चेतावनी जारी की है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस वार्ता के दौरान उज्बेकिस्तान में पढ़ रहे भारतीय विद्यार्थियों की स्थिति और उनके सामने आ रही चुनौतियों पर विस्तार से बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार उज्बेकिस्तान के संबंधित प्राधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए है, ताकि वहां नामांकित छात्रों को मानक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा मिल सके।

फर्जी एजेंटों और बिचौलियों के जाल से सावधान रहने की हिदायत

इस पूरे मामले में सबसे गंभीर पहलू अनधिकृत एजेंटों और धोखेबाज तत्वों की बढ़ती सक्रियता को लेकर सामने आया है। भोले-भाले विद्यार्थियों को सुनहरे भविष्य का झांसा देकर फंसाने वाले इन बिचौलियों पर नकेल कसने के लिए कदम उठाए गए हैं। ताशकंद स्थित भारतीय दूतावास और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने मिलकर एक बेहद सख्त एडवाइजरी जारी की है, जिसमें छात्रों को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है।

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एनएमसी नियमों का पालन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना लक्ष्य

सरकार का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र के साथ मेडिकल डिग्री के नाम पर कोई धोखाधड़ी न हो। विदेश में अध्ययनरत भारतीय विद्यार्थियों को उचित क्लीनिकल ट्रेनिंग और मानक शिक्षा मिले, ताकि अपनी पढ़ाई पूरी करके स्वदेश लौटने पर उन्हें एनएमसी के अनिवार्य नियमों और पात्रता मानकों को पूरा करने में किसी प्रकार की कानूनी या अकादमिक बाधा का सामना न करना पड़े। मेडिकल की पढ़ाई के लिए उज्बेकिस्तान जाने का मन बना रहे किसी भी उम्मीदवार के लिए अब आधिकारिक एडवाइजरी की पड़ताल करना अनिवार्य कदम बन चुका है।

सवाल-जवाब

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने उज्बेकिस्तान के बारे में क्या कहा?
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि सरकार वहां के प्राधिकारियों के संपर्क में है ताकि भारतीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वे फर्जी एजेंटों से सुरक्षित रहें।
उज्बेकिस्तान को लेकर किन संस्थाओं ने एडवाइजरी जारी की है?
ताशकंद स्थित भारतीय दूतावास और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने मिलकर छात्रों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
छात्रों को मुख्य रूप से किस खतरे से बचने की सलाह दी गई है?
छात्रों को अनधिकृत एजेंटों, बिचौलियों और धोखाधड़ी करने वाले तत्वों से सतर्क रहने को कहा गया है।
विदेश में पढ़ाई करने से पहले छात्रों के लिए क्या करना जरूरी है?
विदेश जाने से पहले संबंधित दूतावास और एनएमसी की आधिकारिक एडवाइजरी और नियमों की जांच करना अब अनिवार्य है।
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