प्राइम वीडियो ने अपनी नई रोमांटिक कॉमेडी फिल्म 'डॉन्ट बी शाई' का आधिकारिक ट्रेलर रिलीज कर दिया है। इस फिल्म का निर्देशन श्रीति मुखर्जी ने किया है, जबकि आलिया भट्ट और शाहीन भट्ट ने अपने बैनर 'इटर्नल सनशाइन प्रोडक्शंस' के तहत इसका निर्माण किया है। युवाओं की इस कहानी में चार नए कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। यह फिल्म मुख्य रूप से दोस्ती, प्यार और जिंदगी के महत्वपूर्ण फैसलों के इर्द-गिर्द बुनी गई है।
श्यामली की उलझी हुई जिंदगी की झलक
इस फिल्म का ट्रेलर 2 मिनट और 32 सेकंड का है, जिसमें कहानी की मुख्य किरदार श्यामली 'शाय' दास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। आरुषि बजाज ने इस किरदार को बड़े ही जीवंत तरीके से निभाया है। श्यामली को लगता है कि उसने अपने भविष्य और जिंदगी की पूरी योजना तैयार कर ली है और सब कुछ उसके हिसाब से चल रहा है। हालांकि, पुरानी दोस्ती और नए रिश्तों के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश में उसकी सुव्यवस्थित जिंदगी पूरी तरह से उसके नियंत्रण से बाहर होने लगती है।
दो राहों पर खड़ा रोमांटिक सफर
श्यामली की रोमांटिक जिंदगी उसे एक ऐसे चौराहे पर लाकर खड़ा कर देती है, जहां उसे दो लड़कों के बीच चयन करना है। एक तरफ मयंक है, जिसका किरदार पीयूष खाती ने निभाया है। मयंक कॉलेज का एक अमीर और बेहद लोकप्रिय लड़का है। दूसरी तरफ ध्रुव है, जिसे अंश दुग्गल ने अभिनीत किया है। ध्रुव असल में श्यामली के बचपन का दोस्त है, लेकिन वक्त के साथ दोनों के बीच बातचीत बंद हो चुकी थी।
कॉलेज में तारा नाम की लड़की के आने के बाद यह पूरा मामला और भी ज्यादा पेचीदा हो जाता है। तारा का किरदार बियांका अरोड़ा ने निभाया है। जब दोस्ती और प्यार के समीकरण बदलने लगते हैं, तो श्यामली अपनी जिंदगी को दोबारा उसी ढर्रे पर लाने का प्रयास करती है, जैसा उसने सोचा था। हालांकि, ट्रेलर के दृश्यों से साफ पता चलता है कि उसका कोई भी प्लान उम्मीद के मुताबिक काम नहीं कर रहा है।
डायरेक्टर श्रीति मुखर्जी का खास जुड़ाव
इस बहुप्रतीक्षित फिल्म के ट्रेलर को अभिनेत्री और प्रोड्यूसर आलिया भट्ट ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया है। डायरेक्टर श्रीति मुखर्जी के लिए यह फिल्म बेहद खास है, क्योंकि इसकी प्रेरणा उन्हें उन फिल्मों से मिली है जिन्हें देखते हुए वह बड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि 'डॉन्ट बी शाई' के जरिए उन्होंने जिंदगी के उस दौर को दोबारा जीने की कोशिश की है, जब इंसान जवानी की दहलीज पर कदम रख रहा होता है, लेकिन उसके मन में अपने बचपन के खूबसूरत पलों को संजोकर रखने की चाहत भी बनी रहती है। यह फिल्म दर्शकों को कॉलेज के दिनों की याद दिलाने और भावनाओं के उतार-चढ़ाव को महसूस कराने का वादा करती है।



















