लोकप्रिय पारिवारिक धारावाहिक अनुपमा की कहानी में लगातार नए मोड़ सामने आ रहे हैं, जिससे हर दिन घटनाक्रम और भी दिलचस्प होता जा रहा है। हाल ही के घटनाक्रम में आरवी को अचानक तेज चक्कर आने लगते हैं, जिसके चलते अनुपमा, राही और प्रेम तुरंत मिलकर उसकी तीमारदारी में जुट जाते हैं। आरवी को माइग्रेन की गंभीर तकलीफ से जूझता देख अनुपमा मानवीय रुख अपनाती है और उसे अपने ही घर पर ठहरकर आराम करने का सुझाव देती है। इसी दौरान अनुपमा की दिग्विजय से फोन पर कैफे तथा संभावित निवेशक के संबंध में विस्तृत चर्चा होती है, जिसे सुनते ही आरवी मन ही मन काफी असहज और विचलित महसूस करने लगता है।
कैफे में सावी की यादें और गौतम के साथ तीखी तकरार
जब आरवी अनुपमा के कैफे में कदम रखता है, तो वहां दीवार पर सावी की तस्वीर और उपलब्धियों से जुड़े प्रमाणपत्र देखकर वह अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख पाता और बेहद भावुक हो उठता है। दूसरी ओर, घर के भीतर आरवी की मौजूदगी गौतम को बिल्कुल रास नहीं आती और उसका गुस्सा भड़क जाता है। गौतम सीधे राही पर सवालों की बौछार करने लगता है और माही पर अनुचित टिप्पणियां कसना शुरू कर देता है। गौतम के इस बर्ताव को देखकर राही और आरवी दोनों मिलकर उसे कड़ा सबक सिखाते हैं।
आरवी दो टूक लहजे में गौतम को कड़ी चेतावनी देता है कि वह किसी भी लड़की के साथ अमर्यादित व्यवहार करने की हिमाकत न करे। गौतम को आड़े हाथों लेने और सही समय पर साथ खड़े होने के लिए राही दिल से आरवी का आभार व्यक्त करती है। हालांकि गौतम के मन में एक गहरा अंदेशा घर कर जाता है। उसे डर सताने लगता है कि कहीं आरवी भी श्रुति की तरह अपना फैसला न बदल दे और अनुपमा के इस पूरे कैफे को अपने नाम करने की चाल न चल दे।
लोन की ईएमआई का तनाव और पाखी-परितोष की नई साजिश
कैफे के संचालन के बीच अनुपमा के सिर पर बैंक लोन की मासिक किस्त यानी ईएमआई चुकाने का भारी दबाव बना हुआ है। इस वित्तीय संकट का फायदा उठाने के लिए परितोष और पाखी मिलकर प्रेरणा के कान भरने की कोशिशों में लग जाते हैं। दोनों प्रेरणा से कहते हैं कि अनुपमा अपनी किस्तें नहीं चुका पाएगी, जिससे उसका यह बड़ा सपना चकनाचूर हो जाएगा। स्थिति बिगड़ती देख अनुपमा सीधे प्रेरणा से आमने-सामने बात करने का फैसला करती है ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे। वह प्रेरणा को तसल्ली देती है कि पाखी और परितोष के बहकावे में आकर परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
मान डे के जश्न में अनुज की यादों से छलके आंसू
धारावाहिक के आगामी दिनों में दर्शकों को आंसुओं और पुरानी यादों से भरा एक बेहद भावुक दृश्य देखने को मिलेगा। हसमुख और किंजल मिलकर अनुपमा के चेहरे पर खुशी लाने के लिए एक गुप्त योजना बनाते हैं। दोनों अनुज और अनुपमा के अटूट रिश्ते के प्रतीक 'मान डे' को धूमधाम से मनाने की पूरी तैयारी करते हैं। इस यादगार पल को और खास बनाने के लिए राही और प्रेम स्वयं अनुपमा और अनुज का रूप धरकर एक दिल छू लेने वाला रोल-प्ले प्रस्तुत करते हैं। अपने बीते दिनों और अनुज के साथ बिताए लम्हों को मंच पर जीवंत होते देख अनुपमा अपने आंसू नहीं रोक पाती और गहरी भावुकता में डूब जाती है।



















