सिनेमाघरों में दृश्यम फ्रेंचाइजी की तीसरी और आखिरी किस्त को लेकर दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच चुका है। पर्दे पर विजय सालगांवकर की बहुचर्चित भूमिका में अजय देवगन की वापसी 2 अक्तूबर को तय है। निर्माताओं का स्पष्ट संकेत है कि कहानी पिछले दोनों भागों से कहीं आगे निकल चुकी है और दर्शकों के सामने ऐसे अप्रत्याशित मोड़ पेश करेगी जिनकी कल्पना पहले नहीं की गई थी। इस बहुप्रतीक्षित रिलीज से ठीक पहले अजय देवगन ने एक ऐसा कदम उठाया जिसने फिल्म प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उन्होंने 66 वर्षीय दिग्गज अभिनेता से सीधा संपर्क साधा और आग्रह किया कि वे सार्वजनिक प्रदर्शन से पूर्व इस थ्रिलर को देखें।
मलयालम सिनेमा के दिग्गज से संपर्क और विशेष बातचीत
अजय देवगन जिस 66 वर्षीय कलाकार की सहमति और राय के इच्छुक थे, वे मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल हैं। फिक्की फ्रेम्स के मंच पर बातचीत के दौरान अजय देवगन ने खुद इस बात की जानकारी साझा की कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मोहनलाल को फोन मिलाया था। उनकी हार्दिक इच्छा थी कि हिंदी रूपांतरण के तीसरे भाग को मोहनलाल रिलीज से पहले परखें। अजय देवगन का मानना है कि मूल फ्रेंचाइजी की नींव रखने वाले कलाकार की प्रतिक्रिया उनके लिए केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बेहद मूल्यवान रचनात्मक स्वीकृति है।
बातचीत का ब्यौरा देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि उस समय मोहनलाल अवकाश पर चल रहे थे, जिसके चलते वे तुरंत फिल्म देखने का समय नहीं निकाल सके। हालांकि दोनों कलाकारों के बीच निरंतर संवाद बना रहा और मोहनलाल निकट भविष्य में इस थ्रिलर को देखने की योजना बना रहे हैं। अजय देवगन ने कहा कि मोहनलाल का इस प्रोजेक्ट के प्रति खुला दृष्टिकोण और बातचीत का उत्साहवर्धक तरीका उन्हें बेहद प्रभावित कर गया। मलयालम संस्करण में जॉर्जकुट्टी के किरदार को जीवंत कर इस कथा संसार को वैश्विक पहचान दिलाने वाले अभिनेता की राय हिंदी टीम के लिए सर्वोपरि है।
कहानी को विस्तार देने की जटिलताएं और खारिज हुए प्रारूप
तीसरे भाग के निर्माण सफर पर प्रकाश डालते हुए अजय देवगन ने पटकथा तैयार करने से जुड़ी गंभीर चुनौतियों का उल्लेख किया। दृश्यम जैसी गहन सस्पेंस और थ्रिलर शैली में नई कहानी गढ़ना कभी आसान नहीं रहा। मुख्य रचनात्मक चुनौती यह थी कि कहानी को दूसरे भाग के अंत से स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ाया जाए, न कि केवल रस्म अदायगी के लिए एक नई मर्डर मिस्ट्री जोड़ दी जाए। फिल्म के निर्देशक और लेखक दल ने कई वैकल्पिक विचारों पर गहन मंथन किया था।
इस प्रक्रिया के दौरान करीब चार अलग-अलग स्क्रिप्ट ड्राफ्ट तैयार किए गए थे, जिन्हें मानकों पर खरा न उतरने के कारण आगे नहीं बढ़ाया गया। लगातार बदलावों और परिष्कार के बाद अंततः एक ऐसी पटकथा पर सहमति बनी, जिसमें फ्रेंचाइजी की परंपरा के अनुसार अप्रत्याशित ट्विस्ट, टर्न और चौंकाने वाले पल शामिल हैं। इस बार हिंदी की कहानी में कथा प्रवाह को काफी विशिष्ट और मौलिक अंदाज में आगे बढ़ाया गया है, जिसकी वजह से मूल अभिनेता की प्रतिक्रिया जानना अनिवार्य समझा गया।
फ्रेंचाइजी को चरम पर विराम देने का रणनीतिक निर्णय
पूरी फिल्म देखने के बाद अजय देवगन ने अपने व्यक्तिगत अनुभव और सीरीज को यहीं समाप्त करने की रणनीति पर विस्तार से बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सस्पेंस थ्रिलर जैसी विधा में गुणवत्ता बनाए रखते हुए निरंतर सीक्वल गढ़ना बेहद दुष्कर कार्य होता है। सही समय पर सही फैसला लेना सिनेमाई ईमानदारी का हिस्सा है।
हम इस फ्रेंचाइजी को एक बड़े मुकाम पर खत्म करना चाहते हैं।
अजय देवगन का व्यक्तिगत आकलन है कि यह नई फिल्म दूसरे भाग से भी अधिक प्रभावशाली बनकर उभरी है। कहानी जब अपने सबसे मजबूत और चरम बिंदु पर हो, तभी उसे सम्मानजनक तरीके से अलविदा कहना दर्शकों और सिनेमा दोनों के हित में माना जाता है।



















