भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ ऐसी आवाजें होती हैं जो समय की सीमाओं से परे जाकर अमर हो जाती हैं। ऐसी ही एक अनूठी और जादुई आवाज महान गायिका आशा भोसले की है, जिन्होंने अपनी सुरीली गायकी से कई दशकों तक भारतीय संगीत जगत पर एकछत्र राज किया है। उनके सुरों में हर तरह के भावों को ढालने की अद्भुत क्षमता रही है, चाहे वह दिल को छू लेने वाला रोमांस हो, मस्ती भरा नटखटपन हो, गहरी गजलें हों या फिर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर देने वाले धमाकेदार डांस नंबर। हर शैली को अपना बनाने का ऐसा हुनर केवल उन्हीं के पास देखने को मिला है। आशा भोसले की बर्थ एनिवर्सरी के इस खास मौके पर हम उनके सात ऐसे ऐतिहासिक और अमर गानों की चर्चा कर रहे हैं, जिन्हें आज भी हर आयु वर्ग के लोग बेहद चाव और सम्मान के साथ सुनते हैं।
दिल चीज क्या है और इन आंखों की मस्ती
फिल्म 'उमराव जान' का मास्टरपीस गाना 'दिल चीज क्या है' आशा भोसले की उस बेजोड़ काबिलियत को बयां करता है, जहां वह बिना किसी शोर के सीधे सुनने वाले के दिल में उतर जाती हैं। शहरयार की शायरी और खय्याम के संगीत को उन्होंने अपनी आवाज की नजाकत से इस तरह सजाया है कि यह ट्रैक भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहरों में शुमार हो गया है। इसी फिल्म का दूसरा गाना 'इन आंखों की मस्ती' उनके क्लासिकल और संजीदा रूप को बेहद खूबसूरती से दर्शाता है। खय्याम के संगीत और शहरयार के उन खूबसूरत बोलों को उन्होंने अपनी मखमली आवाज के जरिए अमर कर दिया है। इस रचना में उन्होंने जिस नजाकत और भावना के साथ हर एक लफ्ज को पिरोया है, वह आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों को गहराई तक झकझोर देता है।
दम मारो दम और पिया तू अब तो आजा
फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' का बेहद लोकप्रिय गाना 'दम मारो दम' बॉलीवुड के इतिहास के सबसे कल्ट गानों में अपनी गिनती कराता है। आरडी बर्मन का जबरदस्त म्यूजिक और आशा भोसले की बिंदास आवाज ने मिलकर ऐसा जादू चलाया कि यह पूरा ट्रैक 1970 के दशक की सबसे बड़ी पहचान बन गया। इस गाने ने न केवल उस दौर के युवाओं को थिरकने पर मजबूर किया, बल्कि इसने गायिका की गायकी को एक बिल्कुल नया और बेबाक अंदाज भी दिया। इसके अलावा फिल्म 'कारवां' का गाना 'पिया तू अब तो आजा' उनकी नटखट और दमदार आवाज का एक बेहतरीन और नायाब नमूना है। आरडी बर्मन के साथ मिलकर गाया गया यह गाना अपनी ड्रामेटिक वोकल्स और जोशीली धुन के लिए आज भी काफी फेमस है, जहां परदे पर हेलन के आइकॉनिक डांस और उनकी आवाज ने मिलकर इसे एक सदाबहार चार्टबस्टर बना दिया।
झुमका गिरा रे और ये मेरा दिल यार का दीवाना
पहली ही बार सुनने पर सीधे जुबां पर चढ़ जाने वाला गाना 'झुमका गिरा रे' फिल्म 'मेरा साया' का हिस्सा है और यह आशा भोसले के सबसे पसंदीदा गानों में शुमार किया जाता है। मदन मोहन के शानदार और यादगार संगीत के बीच उनकी चुलबुली गायकी ने इस रचना में ऐसी जान फूंकी कि यह आज तक देश के हर जश्न और उत्सव की रौनक बनी हुई है। दशकों का लंबा वक्त गुजर जाने के बावजूद इस गाने का आकर्षण और जादू जरा भी फीका नहीं पड़ा है। वहीं दूसरी तरफ, अमिताभ बच्चन स्टारर फिल्म 'डॉन' का रेट्रो स्टाइल गाना 'ये मेरा दिल यार का दीवाना' भी उनके शानदार स्टाइल का हर किसी को मुरीद बना देता है। कल्याणजी-आनंदजी के बेहतरीन संगीत पर उनकी बेफिक्र और जोश से भरी आवाज ने इस ट्रैक को लोकप्रियता की एक अलग ही ऊंचाई पर पहुंचा दिया, जिसे हेलन पर फिल्माया गया था और आज भी यह डांस फ्लोर्स की शान है।
ओ मेरे सोना रे
फिल्म 'तीसरी मंजिल' का बेहद लोकप्रिय रोमांटिक डुएट गाना 'ओ मेरे सोना रे' आशा भोसले और दिग्गज गायक मोहम्मद रफी की यादगार जुगलबंदी का एक बेजोड़ उदाहरण पेश करता है। पंचम दा के शानदार म्यूजिक के साथ दोनों संगीत दिग्गजों की नटखट और रूमानी गायकी ने इस कंपोजीशन को बॉलीवुड के गोल्डन एरा का सबसे अधिक याद किया जाने वाला और मीठा गाना बना दिया। आज भी प्रेमी युगलों के बीच यह गाना प्यार के इजहार का एक बेहद लोकप्रिय और प्यारा जरिया माना जाता है, जो श्रोताओं के चेहरों पर तुरंत मुस्कान ले आता है।



















