बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान पर 16 जनवरी की सुबह उनके अपने आवास में हुए भयानक हमले के खौफनाक लम्हों का विवरण सामने आया है। भोर के वक्त जब एक अज्ञात व्यक्ति चुपके से उनके घर में दाखिल हो गया, तो उसने अभिनेता पर धारदार चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए। इस अचानक हुए हमले में सैफ अली खान गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनमें से एक गहरा जख्म उनकी रीढ़ की हड्डी के बेहद करीब लगा था। आनन-फानन में उन्हें मुंबई के प्रसिद्ध लीलावती अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उनकी इमरजेंसी सर्जरी की। जीवन और मौत के बीच चले संघर्ष के बाद अभिनेता को पांच दिन अस्पताल में बिताने के बाद छुट्टी दे दी गई थी। अब उस रूह कंपा देने वाली रात और उसके बाद के घटनाक्रम का पूरा ब्योरा परिवार ने साझा किया है।
सड़क पर रिक्शा ढूंढती बेहाल पत्नी और खौफ का मंजर
हमले के फौरन बाद घर में भारी अफरा-तफरी मच गई थी। अभिनेता के शरीर से लगातार खून बह रहा था और उन्हें फौरन मेडिकल सहायता की सख्त जरूरत थी। स्थिति इतनी गंभीर थी कि किसी भी तरह की देरी जानलेवा साबित हो सकती थी। उनकी पत्नी करीना कपूर खान ने उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए बताया कि उस वक्त उनके पास कपड़े बदलने तक की फुर्सत नहीं थी। वह सिर्फ अपनी नाइट टी-शर्ट पहने हुए ही बदहवास हालत में सड़क पर दौड़ पड़ी थीं ताकि किसी भी तरह कोई सवारी मिल सके।
सड़क पर उस वक्त कोई गाड़ी नजर नहीं आ रही थी। करीना कपूर इधर-उधर भागते हुए बेताबी से चिल्ला रही थीं और हाथ देकर गुजरने वाले वाहनों को रोकने का प्रयास कर रही थीं। उन्होंने बताया कि वह पूरी ताकत से आवाज लगा रही थीं ताकि कोई रुक जाए। किसी तरह उन्होंने एक ऑटो-रिक्शा को रोका। करीना ने कहा कि उस दौरान उनका पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ अपने घायल पति को सही सलामत अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचाने पर टिका हुआ था। किसी फिल्मी दृश्य की तरह घटी इस वास्तविक घटना में उनके साथ उनका नौ साल का बेटा तैमूर और घर का एक स्टाफ मेंबर हरि भी मौजूद था, जो सैफ अली खान के साथ अस्पताल गए थे।
लिफ्ट का वह डरावना पल और मासूम बेटे का सवाल
घर की चारदीवारी से निकलकर अस्पताल की ओर बढ़ते हुए परिवार के हर सदस्य पर गहरा मानसिक असर पड़ा था। करीना कपूर ने याद किया कि इमारत की लिफ्ट में जब उन्होंने लहूलुहान अवस्था में अपने पति को देखा, तो वह पूरी तरह दहल गई थीं। उस वक्त उन्होंने बेबसी में उनसे हिम्मत बनाए रखने को कहा, लेकिन अभिनेता की आंखों की बेबसी साफ बयां कर रही थी कि हालात कितने ज्यादा नाजुक हैं और उन्हें तुरंत सर्जिकल दखल की जरूरत है।
इसी आपाधापी के बीच नौ साल के बेटे तैमूर के मन में गहरा डर बैठ गया था। लिफ्ट और अस्पताल के रास्ते में बच्चे ने अपने पिता की हालत देखकर एक ऐसा सवाल पूछा जिसने हर किसी का कलेजा चीर दिया। तैमूर ने सीधे अपने पिता से पूछा कि क्या वे अब इस दुनिया में नहीं रहेंगे। बच्चे के मुंह से मौत का यह सीधा सवाल सुनकर मां पूरी तरह सुन्न रह गई थीं। संकट के उस दौर में पूरा परिवार एक साथ गहरे भावनात्मक सदमे से गुजर रहा था।
होश में आने पर बच्चों की प्रतिक्रिया और इब्राहिम का गुस्सा
लीलावती अस्पताल में चली लंबी और जटिल इमरजेंसी सर्जरी के बाद जब अभिनेता को आखिरकार होश आया, तो उनके पास उनके दोनों बड़े बच्चे सारा अली खान और इब्राहिम अली खान खड़े थे। अभिनेता ने बताया कि सर्जरी के बाद आंखें खोलते ही उन्होंने अपने बेटे इब्राहिम के चेहरे पर जो भाव देखे, वे बिल्कुल अप्रत्याशित थे। आमतौर पर अपनी भावनाओं को भीतर ही दबाकर रखने वाले इब्राहिम उस वक्त पूरी तरह आंसुओं में डूबे हुए थे।
इब्राहिम की आंखों में दर्द के साथ-साथ हमलावर के प्रति गहरा आक्रोश भरा हुआ था। वह अपने पिता की ऐसी हालत करने वाले शख्स को खुद तलाशना चाहते थे और पिता की रक्षा के लिए कुछ भी कर गुजरने को आमादा नजर आ रहे थे। अभिनेता ने कहा कि अपने बेटे को इस कदर आहत, परेशान और बेकाबू गुस्से में देखना किसी भी पिता के लिए दिल दहला देने वाला अनुभव था, क्योंकि इससे पहले उन्होंने कभी इब्राहिम को इतने खुलकर अपने जज्बात व्यक्त करते नहीं देखा था।
साजिश के दावों पर सवाल और ड्राइवर की गैरमौजूदगी की वजह
हमले के बाद जब अभिनेता अस्पताल से बाहर आए, तो कुछ ही दिनों में उनके सामान्य दिखने को लेकर तरह-तरह की बातें बनाई जाने लगी थीं। कई लोगों ने इंटरनेट पर अजीबोगरीब सवाल उठाने शुरू कर दिए थे कि इतनी बड़ी घटना के बाद कोई व्यक्ति इतनी जल्दी शांत कैसे दिख सकता है। करीना कपूर खान ने इन तमाम बातों को बेहद अजीब और बेतुका करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि जब मुंबई पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश की है और घटना को अंजाम देने वाले संदिग्ध को मौके से गिरफ्तार भी कर लिया है, तो फिर इस तरह की निराधार थ्योरी का क्या औचित्य रह जाता है।
इसके अलावा इस बात को लेकर भी सवाल खड़े किए गए थे कि इतनी बड़ी आपात स्थिति में परिवार को ऑटो-रिक्शा का सहारा क्यों लेना पड़ा और निजी ड्राइवर कहां था। इस पर अभिनेता ने स्पष्ट किया कि घटना तड़के सुबह हुई थी और उनका पारिवारिक ड्राइवर पिछली शाम को ही अपने घर परिवार के पास जा चुका था। यही वजह थी कि उस नाजुक वक्त पर आवास पर कोई चालक मौजूद नहीं था और परिवार को बिना वक्त गंवाए सड़क पर निकलकर सार्वजनिक वाहन ढूंढना पड़ा।



















