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गोविंदा और कोमल रानी के लालबागचा राजा दर्शन पर दिव्या खोसला ने जताई नाराजगी, सिंदूर को लेकर उठाए तीखे सवालमनोरंजन
1 अक्तू॰ 2026, 10:32 pm (1 घंटे पहले)· 0

गोविंदा और कोमल रानी के लालबागचा राजा दर्शन पर दिव्या खोसला ने जताई नाराजगी, सिंदूर को लेकर उठाए तीखे सवाल

लालबागचा राजा पंडाल में गोविंदा के साथ दिखीं कोमल रानी की मांग में सिंदूर दिखने पर छिड़े विवाद के बीच अभिनेत्री दिव्या खोसला ने कड़ा ऐतराज जताते हुए धार्मिक प्रतीकों का गलत इस्तेमाल न करने की नसीहत दी है।

मुंबई में गणेशोत्सव के दौरान लालबागचा राजा पंडाल में अभिनेता गोविंदा और कोमल रानी स्वर्णकार के एक साथ पहुंचने का मामला अब एक नए विवाद का रूप ले चुका है। दोनों के रिश्ते को लेकर इंटरनेट पर पहले से ही कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन दर्शन के दौरान सामने आई तस्वीरों और वीडियोज ने इस बहस को और तेज कर दिया। पंडाल में मौजूदगी के बाद जहां गोविंदा को लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था, वहीं अब इस पूरे घटनाक्रम पर फिल्म जगत से जुड़ी अदाकारा दिव्या खोसला ने भी बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने धार्मिक प्रतीकों की गरिमा बनाए रखने पर जोर देते हुए तीखे सवाल खड़े किए हैं।

इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा किया कड़ा संदेश

गुरुवार यानी 1 अक्टूबर को दिव्या खोसला ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल इंस्टाग्राम पर एक लंबा संदेश साझा किया। इस बयान में उन्होंने गोविंदा और कोमल रानी के पंडाल दौरे के तौर-तरीकों पर सीधे तौर पर आपत्ति जताई। दिव्या का मानना है कि यद्यपि किसी भी नागरिक को अपने व्यक्तिगत फैसले लेने और अपनी निजी जिंदगी अपनी शर्तों पर जीने की आजादी है, परंतु एक सार्वजनिक समाज का हिस्सा होने के नाते नैतिक सीमाओं और मर्यादा का पालन करना भी उतना ही आवश्यक हो जाता है। उन्होंने बिना लाग-लपेट के कहा कि अपनी निजी जीवनशैली की आड़ में सामाजिक मर्यादाओं को तार-तार नहीं किया जाना चाहिए।

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दर्शन के तौर-तरीके और सिंदूर पर उठाए सवाल

अपनी पोस्ट में आगे विस्तार से बात करते हुए दिव्या ने पंडाल में घटे घटनाक्रम का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई युवती किसी पुरुष के साथ किसी पवित्र धार्मिक स्थल पर शीश नवाने पहुंचती है और वहां इस अंदाज में झुकती है कि उसकी मांग का सिंदूर साफ नुमाइश बन जाए, तो साथ मौजूद व्यक्ति को लेकर लोगों में सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि इस तरह के ड्रामे के पीछे असल मकसद क्या है और आखिर किसे झांसा देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि निजी जिंदगी के मामलों को इस तरह सार्वजनिक रूप से तमाशा क्यों बनाया जा रहा है।

धार्मिक प्रतीकों के सम्मान की पुरजोर अपील

दिव्या खोसला ने अपनी प्रतिक्रिया में सिंदूर के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू परंपरा में सिंदूर केवल एक सजावट नहीं, बल्कि एक विवाहित स्त्री की अस्मिता, मर्यादा और सबसे मजबूत पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “कम से कम अपने एजेंडे के लिए हमारे धर्म का इस्तेमाल करना बंद कीजिए।” इसके साथ ही उन्होंने पूछा कि क्या ऐसे लोगों को इस पवित्र प्रतीक के वास्तविक मूल्य का जरा भी भान है। उन्होंने दो टूक शब्दों में अपील की कि अपने निजी मंसूबों या पब्लिसिटी के लिए आस्था और धार्मिक रीति-रिवाजों का सहारा बिल्कुल नहीं लिया जाना चाहिए।

पंडाल में शुरू हुआ था पूरा विवाद

उल्लेखनीय है कि दिव्या खोसला से पूर्व भी मनोरंजन जगत के कई लोग इस विषय पर अपनी असहमति दर्ज करा चुके हैं। इस पूरे विवाद का आरंभ तब हुआ जब गोविंदा और कोमल रानी एक साथ प्रसिद्ध लालबागचा राजा के चरणों में नतमस्तक होने पहुंचे थे। वहां मौजूद लोगों और कैमरों ने नोटिस किया कि पंडाल में कदम रखते वक्त कोमल के माथे या मांग में किसी प्रकार का सिंदूर नहीं था। किंतु बप्पा के दर्शन करने और वहां से बाहर निकलने के बाद उनकी मांग तथा माथे के पास सिंदूर का स्पष्ट निशान दिखाई पड़ा। इसी बदलाव के बाद सोशल मीडिया पर दोनों के गुप्त विवाह की अटकलें तेजी से फैलने लगीं और देखते ही देखते यह विषय एक बड़े सार्वजनिक विवाद में तब्दील हो गया।

सवाल-जवाब

दिव्या खोसला ने गोविंदा और कोमल रानी पर क्या आरोप लगाया?
दिव्या खोसला ने आरोप लगाया कि वे अपने निजी एजेंडे के लिए हिंदू धर्म और सिंदूर जैसे पवित्र प्रतीकों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
विवाद की शुरुआत किस स्थान पर दर्शन करने के दौरान हुई?
यह विवाद मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में गणपति दर्शन के दौरान शुरू हुआ।
कोमल रानी के सिंदूर को लेकर क्या बात सामने आई थी?
पंडाल में पहुंचते समय उनकी मांग में सिंदूर नहीं था, लेकिन दर्शन के बाद माथे और मांग के पास सिंदूर का निशान देखा गया।
दिव्या खोसला ने अपनी प्रतिक्रिया कब और कहां दी?
दिव्या खोसला ने गुरुवार यानी 1 अक्टूबर को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट साझा कर प्रतिक्रिया दी।
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