जम्मू और कश्मीर के डोडा स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 1 अक्टूबर को हिजाब पहनने के मुद्दे पर छात्राओं का तीव्र विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। मेडिकल कॉलेज की छात्राओं ने अस्पताल परिसर में जमा होकर एक प्रोफेसर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन की वजह से अस्पताल में तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जिसके बाद मौके पर कानून व्यवस्था संभालने पहुंची पुलिस और छात्राओं के बीच तीखी बहस हो गई। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी और आंदोलनकारी छात्राओं के बीच हुए संवाद का दृश्य इंटरनेट पर तेजी से फैल गया।
स्त्री रोग विभाग की प्रोफेसर पर उत्पीड़न का गंभीर आरोप
विरोध कर रही छात्राओं का आरोप है कि स्त्री रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. मधु छिब उन्हें हिजाब पहनने की वजह से लंबे समय से प्रताड़ित कर रही हैं। छात्राओं ने बताया कि उन्हें पिछले कई वर्षों से लगातार इस बात के लिए परेशान किया जाता रहा है और उन पर हिजाब न पहनने का दबाव बनाया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि संबंधित डॉक्टर ने कथित तौर पर उसका हिजाब खींच दिया था। छात्रा के मुताबिक, डॉक्टर ने सख्त हिदायत दी थी कि वह भविष्य में कभी भी हिजाब पहनकर उनके सामने न आए, जिसके बाद छात्राओं का धैर्य टूट गया और वे अस्पताल में प्रदर्शन करने उतर आईं।
अस्पताल परिसर में नारेबाजी पर पुलिस अधिकारी की सख्त आपत्ति
प्रदर्शन के दौरान जब छात्राएं अस्पताल में धार्मिक नारे लगाने लगीं, तब हालात संभालने पहुंचे एसएचओ ने उन्हें तुरंत रोकने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारी ने छात्राओं को समझाते हुए दो टूक कहा कि यह एक अस्पताल है और यह किसी एक वर्ग या समुदाय के लिए नहीं बना है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीज इलाज के लिए आते हैं और ऐसी जगह पर नारा लगाने की हरकत बिल्कुल गलत है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह कोई इस्लामिक अस्पताल नहीं है, बल्कि एक सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र है जहां हर नागरिक को आने का हक है।
कानून व्यवस्था और नियमों के पालन की दी गई नसीहत
थाना प्रभारी ने आंदोलनकारी छात्राओं से शांति बनाए रखने और मामले को अलग तरीके से सुलझाने का आग्रह किया। उन्होंने छात्राओं से कहा कि यदि कोई उन्हें हिजाब पहनने से नाजायज तरीके से रोकता है तो वे मदद के लिए मौजूद हैं, लेकिन इस स्थिति की आड़ में अस्पताल की व्यवस्था को बिगाड़ना या गलत काम करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारी ने छात्राओं से अपनी बात शांति से रखने और अस्पताल के नियमों का सम्मान करने की अपील की। इसके बावजूद, अस्पताल परिसर में हुए इस पूरे विवाद और पुलिस अधिकारी के बयानों ने इलाके में भारी प्रशासनिक और जन चर्चा छेड़ दी है।





















