मध्य प्रदेश के शहर इंदौर में पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के आगामी संगीत कार्यक्रम को लेकर एक सुरक्षा चुनौती सामने आई है। शहर के सी-21 मैदान पर 15 नवंबर को आयोजित होने वाले इस बड़े आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और दर्शक इसके लिए टिकट बुकिंग भी करा रहे हैं। इसी गहमागहमी के बीच स्थानीय प्रशासन और शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाते हुए एक चेतावनी भरा संदेश भेजा गया है, जिसमें कार्यक्रम रोकने की बात कही गई है।
महापौर और स्कूलों को मिला धमकी भरा इलेक्ट्रॉनिक संदेश
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब खालिस्तानी नेशनल आर्मी नाम के एक ईमेल पते से शहर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव के आधिकारिक खाते में एक संदेश पहुंचा। महापौर ने इस संदेश की पुष्टि करते हुए बताया कि ईमेल में कार्यक्रम को रद्द करने का दबाव बनाया गया है। केवल महापौर ही नहीं, बल्कि शहर के तीन प्रमुख स्कूलों को भी ऐसे ही चेतावनियों वाले संदेश प्राप्त हुए हैं। इन पत्रों में स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे अपने छात्रों और बच्चों को इस संगीत कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बिल्कुल न भेजें। संदेश की भाषा को लेकर यह भी सामने आया है कि पत्र पंजाबी में लिखा गया था और उसमें दो अजीब नामों का उल्लेख किया गया था।
पुलिस कमिश्नर को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस स्थिति पर एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि धमकी भरा संदेश प्राप्त होते ही उन्होंने इसे तुरंत इंदौर के पुलिस कमिश्नर को आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच के लिए भेज दिया है। जब संवाददाताओं ने महापौर से पूछा कि क्या धमकी में महापौर कार्यालय को उड़ाने जैसी कोई बात शामिल है, तो उन्होंने बताया कि बड़े आयोजनों की औपचारिक स्वीकृतियां नगर निगम और महापौर सचिवालय के माध्यम से होकर गुजरती हैं, शायद इसी प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखकर यह ईमेल महापौर कार्यालय को भेजा गया होगा।
आयोजन पर अडिग रहने का प्रशासनिक रुख
सुरक्षा समीक्षा के साथ-साथ नगर निगम नेतृत्व ने साफ किया है कि शहर ऐसे अनुचित दबावों के सामने नहीं झुकेगा। महापौर ने पुलिस की कार्यकुशलता पर पूरा भरोसा जताते हुए स्पष्ट किया कि इंदौर की कानून व्यवस्था पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा,
"देशभक्त लोगों के शो इंदौर में हों और होते रहें, इसमें मुझे नहीं लगता है कि कहीं कोई दिक्कत आनी चाहिए और इस तरह की जो धमकियां हैं, उससे डील करने के लिए इंदौर पुलिस और हमारी बाकी पुलिस डील करने में सक्षम हैं।"उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि शहर में होने वाले सकारात्मक और सांस्कृतिक आयोजनों पर ऐसी शरारती धमकियों का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ने दिया जाएगा।


















