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मध्य प्रदेश के लोक गायक सुनील लोधी को सोशल मीडिया के जरिए मिला फिल्म 'हनुमान अंश' में गाने का मौकामनोरंजन
24 सित॰ 2026, 11:36 pm (31 मिनट पहले)· 0

मध्य प्रदेश के लोक गायक सुनील लोधी को सोशल मीडिया के जरिए मिला फिल्म 'हनुमान अंश' में गाने का मौका

मध्य प्रदेश के अगरा गांव निवासी लोक गायक सुनील लोधी को बिना किसी ऑडिशन के फिल्म 'हनुमान अंश' में भजन गाने का मौका मिला है। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर उनकी गायकी सुनकर उनसे सीधा संपर्क साधा।

मध्य प्रदेश के एक ग्रामीण अंचल से निकलकर सिनेमाई दुनिया में अपनी आवाज का जादू बिखेरने वाले युवा गायक सुनील लोधी का सफर बेहद प्रेरणादायक है। बचपन में अपने गांव के बुजुर्गों के बीच बैठकर संगीत के सुर सीखने वाले सुनील ने कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि उनकी आवाज किसी फीचर फिल्म के साउंडट्रैक की शोभा बढ़ाएगी। इंटरनेट और सोशल मीडिया की ताकत ने उनके हुनर को सही मुकाम तक पहुंचाया, जहां बिना किसी सिफारिश या पारंपरिक ऑडिशन के उन्हें फिल्म जगत से सीधा बुलावा आ गया। आज उनकी गाई प्रस्तुति हर तरफ श्रोताओं का ध्यान खींच रही है।

सुनील लोधी इन दिनों आगामी फिल्म 'हनुमान अंश' में गाए अपने भक्ति गीत 'मैंने तेरे ही भरोसे, हनुमान, सागर में नैया डाल दई...' की वजह से चर्चा के केंद्र में हैं। इस गीत को लेकर सबसे खास बात यह रही कि इसके लिए सुनील को किसी स्टूडियो के चक्कर नहीं काटने पड़े और न ही किसी ऑडिशन प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। फिल्म के निर्देशक ने इंटरनेट मंचों पर उनका गायन सुना, उनकी अनूठी गायकी से प्रभावित हुए और सीधे उनसे संपर्क कर इस भजन की रिकॉर्डिंग की पेशकश कर दी।

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बचपन में तंबूरा देखकर जगा था संगीत का गहरा लगाव

सुनील मूल रूप से मध्य प्रदेश के छोटे से गांव अगरा के निवासी हैं। उनके मामा रोहित साहू बताते हैं कि सुनील का रुझान बहुत छोटी उम्र से ही गायन और वादन की तरफ होने लगा था। गांव की चौपालों पर जब बुजुर्ग तंबूरा बजाते हुए पारंपरिक लोकगीत गाते थे, तो सुनील घंटों बैठकर उन्हें बेहद एकाग्रता के साथ सुना करते थे। संगीत के इसी स्वाभाविक खिंचाव ने उन्हें करीब 9 साल की उम्र में खुद तंबूरा बजाना सीखने के लिए प्रेरित किया।

तंबूरे की थाप के साथ अभ्यास करते हुए सुनील ने धीरे-धीरे स्थानीय लोकगीतों और पारम्परिक भजनों को अपनी आवाज में ढालना शुरू कर दिया। उनके मामा रोहित ने जब उनकी गायकी में एक खास खनक और गहराई महसूस की, तो उन्होंने इसे व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने का फैसला लिया। रोहित ने सुनील के गाए गीतों के छोटे-छोटे वीडियो अपने मोबाइल से रिकॉर्ड किए और उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा करना शुरू कर दिया।

साल 2019 के एक वायरल वीडियो ने बदली जिंदगी की दिशा

साल 2019 में रोहित ने सुनील की आवाज में एक बुंदेलखंडी लोकगीत रिकॉर्ड करके ऑनलाइन अपलोड किया। इस वीडियो ने डिजिटल मंचों पर श्रोताओं का दिल जीत लिया और देखते ही देखते यह क्लिप काफी तेजी से वायरल हो गई। इस प्रस्तुति की लोकप्रियता ने सुनील की पहचान को गांव की सीमाओं से बाहर निकाल दिया और उन्हें स्थानीय स्तर पर बुंदेलखंडी लोकगीतों की प्रस्तुति के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से कार्यक्रम के प्रस्ताव मिलने लगे। जो हुनर पहले केवल गांव-घर के सीमित घेरे तक सिमटा था, वह अब इंटरनेट के माध्यम से हजारों संगीत प्रेमियों के कानों तक पहुंचने लगा था।

मुंबई के वर्सोवा बीच पर आया जिंदगी बदल देने वाला संदेश

सुनील की इस सांगीतिक यात्रा को सबसे बड़ा मोड़ साल 2026 में मिला। 6 फरवरी को रोहित अपने भांजे सुनील को एक फोक सॉन्ग की पेशेवर रिकॉर्डिंग के सिलसिले में मुंबई लेकर गए थे। स्टूडियो में तय काम खत्म करने के बाद दोनों वर्सोवा बीच पर टहलने और आराम करने चले गए। समुद्र किनारे मौजूद रहने के दौरान ही सुनील के इंस्टाग्राम खाते पर एक अनजान व्यक्ति का सीधा संदेश प्राप्त हुआ।

संदेश भेजने वाले ने खुद को फिल्म निर्देशक बताया और सुनील से व्यक्तिगत रूप से मिलने की इच्छा जाहिर करते हुए साथ में एक फोन नंबर भी साझा किया। शुरुआत में सुनील और रोहित को लगा कि शायद यह कोई फर्जी या सामान्य मैसेज होगा। हालांकि, बाद में पुष्टि करने पर सामने आया कि संपर्क करने वाले शख्स कोई और नहीं, बल्कि फिल्म 'हनुमान अंश' के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी थे।

निर्देशक विशाल चतुर्वेदी से मुलाकात और स्टूडियो रिकॉर्डिंग

निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने सुनील और उनके मामा रोहित को मुलाकात के लिए आमंत्रित किया। बैठक के दौरान निर्देशक ने खुलासा किया कि वे इंस्टाग्राम पर सुनील के गाए लोकगीतों को पहले ही सुन चुके थे और उनकी ठेठ तथा भावपूर्ण आवाज से खासे प्रभावित थे। इसी वजह से उन्होंने बिना किसी मध्यस्थ के सीधे सोशल मीडिया के जरिए सुनील को ढूंढ निकाला।

बातचीत के दौरान निर्देशक ने सुनील से सीधा सवाल किया कि क्या वे उनकी फिल्म के लिए एक गीत रिकॉर्ड करना चाहेंगे। यह अप्रत्याशित अवसर पाकर सुनील और उनके मामा बेहद रोमांचित हो उठे। औपचारिकताएं पूरी होने के तुरंत बाद सुनील ने स्टूडियो में जाकर फिल्म 'हनुमान अंश' के लिए 'सागर में नैया डाल दई' भजन अपनी आवाज में रिकॉर्ड कराया, जो अब संगीत प्रेमियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

सवाल-जवाब

सुनील लोधी किस गांव के रहने वाले हैं?
सुनील लोधी मध्य प्रदेश के अगरा गांव के निवासी हैं।
सुनील लोधी ने किस फिल्म के लिए भजन गाया है?
उन्होंने निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की फिल्म 'हनुमान अंश' के लिए भजन रिकॉर्ड किया है।
फिल्म 'हनुमान अंश' में सुनील लोधी ने कौन सा भजन गाया है?
सुनील ने 'मैंने तेरे ही भरोसे, हनुमान, सागर में नैया डाल दई...' भजन गाया है।
सुनील को संगीत सीखने की प्रेरणा कब और कैसे मिली?
बचपन में गांव के बुजुर्गों को तंबूरा बजाते देखकर उन्होंने करीब 9 साल की उम्र में तंबूरा बजाना और लोकगीत गाना शुरू किया।
सुनील लोधी के गानों के वीडियो सोशल मीडिया पर किसने साझा किए?
उनके मामा रोहित साहू ने सुनील की आवाज पहचानकर उनके वीडियो बनाए और सोशल मीडिया पर पोस्ट किए।
सुनील को फिल्म निर्देशक का संदेश कब और कहां मिला था?
6 फरवरी 2026 को मुंबई के वर्सोवा बीच पर सुनील के इंस्टाग्राम खाते पर निर्देशक विशाल चतुर्वेदी का संदेश आया था।
क्या सुनील लोधी को इस फिल्म के लिए कोई ऑडिशन देना पड़ा था?
नहीं, निर्देशक ने सोशल मीडिया पर उनकी गायकी देखकर सीधे संपर्क किया और बिना किसी ऑडिशन के उन्हें गाने का मौका दिया।
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