महाराष्ट्र के तटीय जिले पालघर में शनिवार की देर रात जमीन के भीतर हलचल महसूस की गई, जहां आधे घंटे से कुछ अधिक समय के भीतर दो अलग-अलग भूकंपीय झटके दर्ज किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के आधिकारिक मापन के अनुसार, पहला झटका मध्यरात्रि के बाद रात 12 बजकर 54 मिनट 45 सेकंड पर आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.2 दर्ज की गई। इस शुरुआती हलचल का केंद्र धरातल से लगभग 7 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। स्थानीय लोग जब इस कंपन को समझ ही रहे थे कि करीब 36 मिनट बाद, रात 1 बजकर 30 मिनट 42 सेकंड पर दूसरा झटका दर्ज हुआ। इस दूसरे झटके की तीव्रता 2.1 रही और इसका हाइपोसेंटर जमीन से महज 5 किलोमीटर नीचे था। दोनों ही झटकों की तीव्रता 4 से कम रहने के कारण किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
एशियाई क्षेत्र में सुबह तक जारी रही भूगर्भीय सक्रियता
भारत के पालघर में मध्यरात्रि को दर्ज की गई इन दो गतिविधियों के बाद, शनिवार के शुरुआती घंटों में एशिया के कई अन्य हिस्सों में भी सीस्मोग्राफ पर कंपन दर्ज किया गया। अफगानिस्तान, चीन के तिब्बत क्षेत्र, म्यांमार और बांग्लादेश में कुछ घंटों के अंतराल पर क्रमिक झटके दर्ज किए गए। अफगानिस्तान में तड़के 3 बजकर 48 मिनट 15 सेकंड पर 4.0 तीव्रता का झटका आया, जिसका केंद्र पृथ्वी की सतह से काफी नीचे, लगभग 197 किलोमीटर की गहराई में था। इस गहरी स्थिति की वजह से सतह पर इसका असर सीमित रहा। ठीक सात मिनट बाद, सुबह 3 बजकर 55 मिनट 14 सेकंड पर तिब्बत में भी 4.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, हालांकि इसका केंद्र 15 किलोमीटर की कम गहराई पर था।
म्यांमार और बांग्लादेश में भी सीस्मोग्राफ पर दर्ज हुई हलचल
सुबह के समय पूर्व और दक्षिण एशिया की सीमावर्ती पट्टियों में भी भूकंपीय रिकॉर्ड दर्ज हुए। म्यांमार में सुबह 4 बजकर 7 मिनट 55 सेकंड पर 3.3 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र सतह से 108 किलोमीटर नीचे स्थित था। इसके बाद सुबह 6 बजे बांग्लादेश में भी 3.4 तीव्रता का झटका महसूस किया गया, जिसकी गहराई जमीन के नीचे 25 किलोमीटर आंकी गई। अलग-अलग समय और गहराई पर आए इन सभी झटकों में से किसी भी स्थान से बुनियादी ढांचे को बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार कुछ घंटों में पांच अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में हलचल दर्ज की गई।





















