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महाराष्ट्र के पालघर में देर रात दो झटके, एशिया के चार पड़ोसी इलाकों में भी दर्ज हुआ कंपनभारत
31 अक्तू॰ 2026, 6:58 am (1 घंटे पहले)· 1

महाराष्ट्र के पालघर में देर रात दो झटके, एशिया के चार पड़ोसी इलाकों में भी दर्ज हुआ कंपन

महाराष्ट्र के पालघर जिले में आधी रात के बाद करीब 36 मिनट के अंतर पर दो हल्के भूकंप दर्ज किए गए, जबकि एशिया के चार अन्य क्षेत्रों में भी सुबह तक धरती हिली।

महाराष्ट्र के तटीय जिले पालघर में शनिवार की देर रात जमीन के भीतर हलचल महसूस की गई, जहां आधे घंटे से कुछ अधिक समय के भीतर दो अलग-अलग भूकंपीय झटके दर्ज किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के आधिकारिक मापन के अनुसार, पहला झटका मध्यरात्रि के बाद रात 12 बजकर 54 मिनट 45 सेकंड पर आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.2 दर्ज की गई। इस शुरुआती हलचल का केंद्र धरातल से लगभग 7 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। स्थानीय लोग जब इस कंपन को समझ ही रहे थे कि करीब 36 मिनट बाद, रात 1 बजकर 30 मिनट 42 सेकंड पर दूसरा झटका दर्ज हुआ। इस दूसरे झटके की तीव्रता 2.1 रही और इसका हाइपोसेंटर जमीन से महज 5 किलोमीटर नीचे था। दोनों ही झटकों की तीव्रता 4 से कम रहने के कारण किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

एशियाई क्षेत्र में सुबह तक जारी रही भूगर्भीय सक्रियता

भारत के पालघर में मध्यरात्रि को दर्ज की गई इन दो गतिविधियों के बाद, शनिवार के शुरुआती घंटों में एशिया के कई अन्य हिस्सों में भी सीस्मोग्राफ पर कंपन दर्ज किया गया। अफगानिस्तान, चीन के तिब्बत क्षेत्र, म्यांमार और बांग्लादेश में कुछ घंटों के अंतराल पर क्रमिक झटके दर्ज किए गए। अफगानिस्तान में तड़के 3 बजकर 48 मिनट 15 सेकंड पर 4.0 तीव्रता का झटका आया, जिसका केंद्र पृथ्वी की सतह से काफी नीचे, लगभग 197 किलोमीटर की गहराई में था। इस गहरी स्थिति की वजह से सतह पर इसका असर सीमित रहा। ठीक सात मिनट बाद, सुबह 3 बजकर 55 मिनट 14 सेकंड पर तिब्बत में भी 4.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, हालांकि इसका केंद्र 15 किलोमीटर की कम गहराई पर था।

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म्यांमार और बांग्लादेश में भी सीस्मोग्राफ पर दर्ज हुई हलचल

सुबह के समय पूर्व और दक्षिण एशिया की सीमावर्ती पट्टियों में भी भूकंपीय रिकॉर्ड दर्ज हुए। म्यांमार में सुबह 4 बजकर 7 मिनट 55 सेकंड पर 3.3 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र सतह से 108 किलोमीटर नीचे स्थित था। इसके बाद सुबह 6 बजे बांग्लादेश में भी 3.4 तीव्रता का झटका महसूस किया गया, जिसकी गहराई जमीन के नीचे 25 किलोमीटर आंकी गई। अलग-अलग समय और गहराई पर आए इन सभी झटकों में से किसी भी स्थान से बुनियादी ढांचे को बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार कुछ घंटों में पांच अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में हलचल दर्ज की गई।

सवाल-जवाब

पालघर में आए दोनों भूकंपों का समय और तीव्रता क्या थी?
पहला भूकंप रात 12:54:45 बजे 3.2 तीव्रता का था, जबकि दूसरा झटका रात 1:30:42 बजे 2.1 तीव्रता का दर्ज किया गया।
पालघर में इन भूकंपों का केंद्र कितनी गहराई पर था?
पहले भूकंप का केंद्र जमीन से 7 किलोमीटर नीचे और दूसरे का केंद्र 5 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।
भारत के अलावा किन अन्य देशों में भूकंप दर्ज किए गए?
भारत के अलावा अफगानिस्तान, चीन के तिब्बत क्षेत्र, म्यांमार और बांग्लादेश में भी झटके दर्ज किए गए।
अफगानिस्तान और तिब्बत में दर्ज किए गए भूकंपों की तीव्रता कितनी थी?
अफगानिस्तान और तिब्बत दोनों ही स्थानों पर भूकंप की तीव्रता 4.0 मापी गई।
क्या इन भूकंपों से किसी जानमाल का नुकसान हुआ है?
इन सभी स्थानों पर दर्ज हुए झटकों से किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·14 मिनट पहले

आधी रात को ऐसे झटके महसूस होना सचमुच डरावना होता है। गनीमत है कि तीव्रता कम थी और किसी को नुकसान नहीं हुआ, वरना रात में भगदड़ मच सकती थी।

Ravikash Gupta@ravikash·37 मिनट पहले

रात को एक के बाद एक दो बार धरती हिलना डरा देता है, गनीमत है तीव्रता कम थी वर्ना पालघर में नींद ही उड़ जाती।

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·36 मिनट पहले

रविकेश जी, सही कहा आपने, गनीमत है तीव्रता कम थी वरना आधी रात को ऐसा कंपन सच में बहुत डरावना होता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

पालघर में तो अक्सर ऐसे हल्के झटके आते रहते हैं, पर एक साथ कई देशों में धरती हिलना थोड़ा अजीब है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

करण भाई, आपकी बात सही है। पर क्या इतने सारे देशों में एक साथ धरती हिलना किसी बड़े खतरे की चेतावनी तो नहीं है?

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