हिंदी सिनेमा के जाने-माने फिल्मकार संजय गुप्ता के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत में गहरा शोक फैल गया है। कई कलाकारों और सहयोगियों के लिए यह क्षति केवल एक निर्देशक के चले जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने अपने एक मार्गदर्शक और गहरे पारिवारिक मित्र को भी खो दिया है। इस दुखद मौके पर अभिनेता सिकंदर खेर और टेलीविजन अभिनेता रोहित बोस ने अपने व्यक्तिगत संस्मरण साझा किए हैं। दोनों ही कलाकारों ने अपने सफर में संजय के योगदान और उनके अटूट विश्वास को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
सिकंदर खेर ने व्यक्त किया गहरा दुख
अभिनेता सिकंदर खेर ने सोशल मीडिया के माध्यम से संजय गुप्ता के साथ अपने जुड़ाव को याद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके सिनेमाई सफर की शुरुआत कराने और उन्हें फिल्मों में अवसर देने में संजय की केंद्रीय भूमिका रही थी। सिकंदर के अनुसार, जब फिल्म जगत में कोई उन पर दांव लगाने को तैयार नहीं था, तब संजय का उन पर भरोसा जताना ही उनके आत्मविश्वास की सबसे मजबूत बुनियाद बना।
संजय के काम करने के अंदाज की चर्चा करते हुए सिकंदर ने कहा कि वह एक बेहतरीन निर्माता और सिनेमा के प्रति असाधारण जुनून रखने वाले निर्देशक थे। सेट पर उनकी कार्यशैली और ऊर्जा का सकारात्मक प्रभाव केवल अभिनेताओं पर ही नहीं, बल्कि समूचे क्रू और तकनीकी टीम पर भी स्पष्ट दिखाई देता था। सिकंदर ने अपने संदेश में यह पीड़ा भी साझा की कि अपने इतने करीबी इंसान के लिए अब बीते हुए समय के संदर्भ में बात करना कितना कष्टकारी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि फिल्मकार की अनुपस्थिति सदैव खलेगी। इसके साथ ही उन्होंने संजय की पत्नी अनु और उनके पूरे परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं और प्रार्थना की कि शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुख को सहने का संबल मिले।
रोहित बोस ने साझा किया एक गहरा व्यक्तिगत रिश्ता
टेलीविजन जगत के जाने-माने अभिनेता रोहित बोस भी इस क्षति से बुरी तरह टूट गए हैं। उन्होंने फिल्मकार के साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि उनका रिश्ता सामान्य पेशेवर संबंधों से कहीं आगे था। रोहित के अनुसार, संजय उनके लिए सिर्फ एक अच्छे मित्र नहीं, बल्कि बड़े भाई, संरक्षक और संकट के हर दौर में चट्टान की तरह साथ खड़े रहने वाले मार्गदर्शक थे। उन्होंने कहा कि उनके जाने से उनके जीवन का एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया है।
रोहित ने उन तमाम पलों को याद किया जब दोनों बैठकर पुरानी यादें साझा करते थे, साथ भोजन करते थे और सिनेमा की बारीकियों पर घंटों विचार-विमर्श में डूबे रहते थे। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि जीवन के उतार-चढ़ाव में जब भी कोई उलझन होती थी, तो वह संजय के पास ही जाया करते थे। अब वह शून्य हमेशा बना रहेगा कि वह अपनी शिकायतें और मन की बातें किससे साझा करेंगे।
कठिन वक्त में दिया था संबल और हौसला
रोहित ने अपने संदेश में यह भी उजागर किया कि करियर के मुश्किल दौर में संजय किस तरह उनका ढांढस बंधाते थे। जब भी परिस्थितियां प्रतिकूल होती थीं, तो संजय उन्हें फोन करके अपने प्रोजेक्ट्स के लिए तारीखें सुरक्षित रखने की सलाह दिया करते थे ताकि उनका मनोबल बना रहे। देर रात भेजे जाने वाले उनके संदेशों में हमेशा यह भरोसा होता था कि सब कुछ ठीक हो जाएगा और वे दोनों आगे चलकर साथ में कुछ बड़ा और प्रभावशाली काम करेंगे।
अपने भावुक संदेश के समापन पर रोहित ने इस बात पर गहरा अफसोस जताया कि संजय का इस प्रकार अचानक चले जाना किसी भी दृष्टि से उचित या स्वीकार्य नहीं लगता। अपने मित्र को अंतिम विदाई देते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वह जहां भी होंगे, अपनी सकारात्मकता से वहां भी लोगों के चेहरों पर मुस्कुराहट बिखेर रहे होंगे। संजय गुप्ता के जाने से उन सभी कलाकारों के बीच एक गहरा खालीपन पैदा हो गया है, जिनके जीवन और करियर को संवारने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।


















