टेलीविजन जगत की जानी-मानी अभिनेत्री रुबीना दिलैक इन दिनों एडवेंचर आधारित रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में अपने मजबूत हौसले का परिचय दे रही हैं। जुड़वां बेटियों की मां बनने के बाद यह उनका पहला बड़ा रियलिटी प्रोजेक्ट है। इस शो में वापसी का उनका सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा है और उन्होंने इस बारे में खुलकर अपनी बात रखी है कि मातृत्व के बाद ऐसे खतरनाक स्टंट करना उनके लिए कितना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
शारीरिक बदलाव और पहले स्टंट का अनुभव
रुबीना दिलैक का कहना है कि मां बनने के बाद उनके शरीर में कई तरह के बदलाव आए, जिसके चलते शो का हर एक स्टंट उनके लिए पहले से कहीं अधिक कठिन हो गया। एक मीडिया साक्षात्कार के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि शो के पहले ही स्टंट ने उन्हें उनकी शारीरिक सीमाओं का कड़ा अहसास करवा दिया था।
उन्होंने साझा किया कि एक पल के लिए उनके मन में यह विचार भी आया था कि क्या उन्हें इस तरह के अत्यधिक शारीरिक श्रम वाले शो में लौटने से पहले कुछ और साल इंतजार करना चाहिए था। उनके अनुसार, यदि वह अपने बच्चों के थोड़ा और बड़े होने यानी चार-पांच साल बाद इस प्रतियोगिता में उतरतीं, तो शायद वह शारीरिक रूप से खुद को और अधिक मजबूत महसूस करतीं।
फिजिकल फिटनेस से ज्यादा मानसिक मजबूती की जरूरत
अभिनेत्री का यह स्पष्ट मानना है कि ‘खतरों के खिलाड़ी’ जैसे कड़े शो में सिर्फ एक फिट शरीर होना ही सफलता की एकमात्र गारंटी नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रतियोगिता में आगे बढ़ने के लिए शारीरिक ताकत से ज्यादा मानसिक मजबूती और बेहद दबाव वाली परिस्थितियों में खुद को शांत रखकर सही फैसले लेने की क्षमता की जरूरत होती है।
रुबीना ने बताया कि स्टंट करते हुए उन्हें इस सच्चाई का गहरा अहसास हुआ कि मनुष्य की असली शक्ति उसके शरीर की बनावट में नहीं, बल्कि उसकी सोच और दिमाग में छिपी होती है। ऐसे कठिन दौर में इंसान को अपनी क्षमताओं पर पूरा भरोसा होना चाहिए और हर कदम धैर्य के साथ उठाना चाहिए।
आत्मविश्वास और मातृत्व से मिली नई ताकत
चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब वह एक-एक बाधा को पार कर रही थीं, तब उन्हें यह महसूस हुआ कि डर और विपरीत परिस्थितियों से मुकाबला करने की असली ऊर्जा किसी जिम या भारी ट्रेनिंग से नहीं आती, बल्कि यह इंसान के भीतर के आत्मविश्वास और अडिग मानसिकता से पैदा होती है। यही कारण था कि तमाम शारीरिक सीमाओं के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और हर टास्क का डटकर मुकाबला किया।
अपने पुराने सीजन के दिनों को याद करते हुए रुबीना ने बताया कि पहले भी इस शो में बेहद खतरनाक स्टंट होते थे, लेकिन उस समय उनके शरीर की स्थिति और ऊर्जा का स्तर अलग था। मां बनने के तुरंत बाद उन्हें यह महसूस हुआ कि उनका शरीर पहले की तरह नहीं रहा है। प्रेग्नेंसी और प्रसव के बाद आए शारीरिक परिवर्तनों ने उनकी सहनशक्ति को प्रभावित किया था, लेकिन उन्होंने अपनी इस स्थिति को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया।
मातृत्व ने सिखाया धैर्य और साहस
रुबीना का यह भी कहना है कि जीवन के इस नए चरण ने उन्हें अंदर से और अधिक मजबूत इंसान बना दिया है। उनके मुताबिक, मदरहुड अपने साथ केवल जिम्मेदारियों का बोझ नहीं लाता, बल्कि यह इंसान के भीतर असीम धैर्य, साहस और मानसिक दृढ़ता भी विकसित करता है। यही नया अनुभव उन्हें ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के हर मुश्किल और डरावने स्टंट के दौरान आगे बढ़ने की निरंतर प्रेरणा देता रहा है।



















