बॉलीवुड अभिनेत्री तनीषा मुखर्जी का एक ताजा बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। शादीशुदा पुरुषों के साथ प्रेम संबंध रखने वाली महिलाओं और ऐसे रिश्तों में दोनों पक्षों की नैतिक जिम्मेदारी को लेकर उन्होंने एक सार्वजनिक मंच पर अपने विचार साझा किए। अपने बयान में उन्होंने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि जो महिला किसी विवाहित पुरुष के साथ रिश्ता बनाती है, उसे किसी भी सूरत में नारीवादी यानी फेमिनिस्ट नहीं माना जा सकता। उनके इस दृष्टिकोण के सामने आते ही डिजिटल मंचों पर तीखी बहस शुरू हो गई और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के बीच इस विषय पर दो स्पष्ट राय देखने को मिलीं।
विवाहित पुरुषों से अफेयर और नारीवाद पर अभिनेत्री का रुख
तनीषा मुखर्जी ने एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में विस्तार से समझाया कि शादीशुदा मर्द के साथ रिश्ते में शामिल होना असल में अन्य महिलाओं के हितों के विरुद्ध जाना है। उनके अनुसार, जब कोई महिला ऐसा कदम उठाती है तो वह उस पुरुष की पत्नी की गरिमा और सम्मान को गहरी ठेस पहुंचाती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस प्रकार के संबंधों में केवल महिला ही दोषी नहीं होती, बल्कि विवाहित पुरुष की भूमिका भी पूरी तरह गलत होती है और उसके अपने आचरण पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
इसके बावजूद उन्होंने ऐसी महिलाओं के लिए बेहद सख्त विशेषण चुनते हुए उन्हें ईविल यानी दुष्ट की संज्ञा दी। उनका कहना था कि जो महिलाएं दूसरों के घर या शादीशुदा जिंदगी में ऐसा दखल देती हैं, उन्हें समाज और बच्चों के सामने किसी भी तरह से रोल मॉडल बनकर नहीं प्रस्तुत किया जाना चाहिए। अपने इस पोस्ट के साथ अभिनेत्री ने हैशटैग फेमिनिस्ट, हैशटैग जेनजी और हैशटैग बाउंड्रीज जैसे टैग्स का भी प्रयोग किया था, जिसने युवाओं के बीच इस विषय को और अधिक चर्चा में ला दिया।
इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने उठाए निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल
अभिनेत्री के इन विचारों के सार्वजनिक होते ही कई नेटिजन्स ने उनके विश्लेषण के तरीके पर कड़ी आपत्ति जताई। आलोचकों का सबसे मुख्य तर्क यह था कि विवाह के रिश्ते में वफादार रहने की प्राथमिक और कानूनी शपथ उस शादीशुदा पुरुष ने ली थी, न कि बाहर की किसी सिंगल महिला ने। एक यूजर ने इस विषय को विस्तार से समझाते हुए लिखा कि जब कोई सिंगल महिला किसी रिश्ते में आती है, तो उसने शादी की कोई शपथ नहीं खाई होती। इसके विपरीत, शादीशुदा पुरुष अपनी पत्नी, अपने परिवार, बच्चों और पवित्र वैवाहिक बंधन के प्रति सीधे तौर पर जवाबदेह होता है।
टिप्पणी करने वालों ने रेखांकित किया कि पुरुष के आचरण को महज चरित्रहीन बताना और महिला को ईविल कहकर अत्यंत कठोर श्रेणी में डालना नैतिक रूप से असंतुलित है। कई लोगों का मानना था कि रिश्ते में सबसे बड़ा विश्वासघात उस पति ने किया, जिसने विवाह के समय अग्नि या मंडप के सामने जीवनभर साथ निभाने और वफादार रहने का संकल्प लिया था। वहीं कुछ लोगों ने हिंदी सिनेमा के पुराने दौर का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि क्या इस सिद्धांत के आधार पर सिनेमा जगत की सबसे लोकप्रिय और दिवंगत अदाकारा श्रीदेवी के अतीत को भी उसी नजरिये से देखा जाएगा।
समर्थन में आए विचार और शादीशुदा दायरे का सम्मान
दूसरी तरफ, एक बड़ा वर्ग ऐसा भी था जिसने तनीषा मुखर्जी के इस दृष्टिकोण का खुलकर समर्थन किया। इन समर्थकों का कहना था कि जब कोई व्यक्ति यह भलीभांति जानता है कि सामने वाला व्यक्ति पहले से शादीशुदा है और उसका एक परिवार है, तो जानबूझकर उसके जीवन में प्रवेश करना नैतिक रूप से अनुचित है। ऐसे लोगों का तर्क था कि तीसरे पक्ष को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और किसी दूसरे का परिवार बिखरने की स्थिति में खुद को पूरी तरह बेकसूर नहीं ठहराया जा सकता। सामाजिक मर्यादाओं को बनाए रखने के लिए विवाहित लोगों के निजी दायरे से दूरी बनाए रखना ही सही कदम माना गया।
लैंगिक मुद्दों पर पहले भी राय रख चुकी हैं अभिनेत्री
यह पहली बार नहीं है जब तनीषा ने महिला अधिकारों, नारीवाद या समाज की दोहरी मानसिकता पर अपनी बात खुलकर रखी हो। इससे पूर्व वह मेल फेमिनिस्ट पॉडकास्ट में भी शिरकत कर चुकी हैं, जहां उन्होंने भारतीय समाज में महिलाओं की वास्तविक स्थिति, उनके प्रति सम्मान और आधुनिक नारीवाद की सही परिभाषा को लेकर अपने विचार स्पष्ट किए थे। वह अक्सर सामाजिक और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं पर बिना झिझक अपनी बात कहने के लिए जानी जाती हैं।
तनीषा मुखर्जी का फिल्मी और टेलीविजन सफर
तनीषा मुखर्जी के करियर की बात करें तो उन्होंने वर्ष 2003 में रिलीज हुई फिल्म श्शश... से हिंदी सिनेमा में अपने अभिनय की शुरुआत की थी। इसके उपरांत उन्होंने सरकार, नील एंड निक्की और अनजाने जैसी चर्चित फिल्मों में अभिनय किया। बड़े पर्दे के साथ-साथ वह छोटे पर्दे के लोकप्रिय रियलिटी कार्यक्रमों में भी प्रमुखता से शामिल रहीं, जिनमें बिग बॉस 7, खतरों के खिलाड़ी 7 और झलक दिखला जा 11 शामिल हैं। हाल के वर्षों में उनकी फिल्म लव यू शंकर वर्ष 2024 में प्रदर्शित हुई थी, और इसके अलावा वह वीर मुरारबाजी: द बैटल ऑफ पुरंदर में भी अपने अभिनय की छाप छोड़ चुकी हैं।


















