तेलुगु सिनेमा में नेचुरल स्टार के तौर पर अपनी मजबूत पहचान रखने वाले नानी इन दिनों अपनी भव्य आगामी फिल्म द पैराडाइज को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। इस एक्शन प्रधान सिनेमाई प्रोजेक्ट में उनके सामने अभिनेता राघव जुयाल मुख्य खलनायक के तौर पर पर्दे पर टकराते दिखेंगे। फिल्म के निर्माण से जुड़े दिलचस्प वाकये का उल्लेख करते हुए नानी ने साझा किया कि द पैराडाइज के सेट पर पहुंचने से काफी समय पहले ही वह राघव जुयाल की बहुमुखी अभिनय क्षमता के प्रशंसक बन चुके थे। उनके मुताबिक एक्शन थ्रिलर फिल्म किल में राघव का खूंखार अंदाज उन्हें इतना पसंद आया था कि उन्होंने अपने दोस्तों और सहयोगियों के साथ भी उनकी जमकर सराहना की थी।
किल देखने के बाद नानी पर पड़ा था गहरा प्रभाव
नानी ने उस दौर को याद करते हुए स्पष्ट किया कि जब उन्होंने किल देखी थी, तब उनके जेहन में दूर-दूर तक यह ख्याल नहीं था कि आगे चलकर वे दोनों किसी बड़े प्रोजेक्ट में एक साथ स्क्रीन साझा करेंगे। उस फिल्म की सफलता का बड़ा श्रेय राघव के खाते में जाता है और सिनेमा जगत में उस प्रोजेक्ट की लोकप्रियता के पीछे उनके प्रभावशाली अभिनय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नानी ने स्वीकार किया कि किल की चर्चा चारों ओर होने का मुख्य कारण राघव द्वारा निभाया गया क्रूर किरदार था, जिसकी बारीकियों को उन्होंने पर्दे पर बखूबी उतारा था।
निर्देशक श्रीकांत ओडेला ने सुझाया था नाम
द पैराडाइज की पटकथा तैयार होने के दौरान जब फिल्म के विलेन के चुनाव पर चर्चा शुरू हुई, तब एक बेहद दिलचस्प मोड़ आया। इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट की कमान संभाल रहे निर्देशक श्रीकांत ओडेला ने जब नानी को पूरी कहानी सुनाई और इसके केंद्रीय विरोधी चरित्र का खाका खींचा, तो उन्होंने खुद राघव जुयाल के नाम का प्रस्ताव रखा। निर्देशक का दृढ़ विश्वास था कि किल में जिस स्तर की नकारात्मक ऊर्जा राघव ने दिखाई थी, वह द पैराडाइज के खलनायक के लिए सटीक साबित होगी। जैसे ही श्रीकांत ओडेला के मुंह से राघव का नाम निकला, नानी ने बिना किसी देरी के अपनी तुरंत सहमति दे दी।
भाषा की दीवार और शुरुआती संशय
राघव जुयाल के चयन को लेकर उत्साह के बीच नानी के मन में एक मामूली शंका भी जन्म ले रही थी। द पैराडाइज के जरिए राघव पहली बार तेलुगु फिल्म उद्योग में कदम रख रहे हैं, इसलिए यह सवाल स्वाभाविक था कि क्या वह एक नई जुबान में भी वही स्वाभाविक सहजता और सूक्ष्म हावभाव दिखा पाएंगे जो उन्होंने अपनी पिछली एक्शन थ्रिलर में दिखाए थे। नानी को राघव के हुनर पर कोई संदेह नहीं था, लेकिन क्षेत्रीय भाषा और स्थानीय संस्कृति के माहौल में एक बाहरी कलाकार का ढलना हमेशा एक बड़ी चुनौती माना जाता है।
सेट पर काम और समर्पण से जीती बाजी
कैमरा शुरू होते ही राघव जुयाल ने अपने समर्पण से नानी के सारे संशयों को पूरी तरह निर्मूल साबित कर दिया। नानी के अनुसार राघव ने केवल तेलुगु संवादों को याद करने तक अपनी मेहनत को सीमित नहीं रखा, बल्कि स्थानीय लहजे, बॉडी लैंग्वेज और चरित्र की अंतर्निहित क्रूरता को बारीकी से समझा। पहले दिन की शूटिंग से ही राघव ने अपने चरित्र को एक अप्रत्याशित ऊंचाई पर पहुंचा दिया और उन्होंने अपने अभिनय कौशल से यह साबित कर दिया कि भाषा कभी भी सच्चे कलाकार के लिए बाधा नहीं बन सकती।
24 सितंबर को सिनेमाघरों में होगी भिड़ंत
द पैराडाइज के साथ राघव जुयाल का दक्षिण भारतीय सिनेमा में एक व्यापक पदार्पण होने जा रहा है, जहां वह पूरी तरह से एक क्रूर प्रतिपक्षी के रूप में दिखाई देंगे। फिल्म में मुख्य नायक की भूमिका नानी खुद निभा रहे हैं। इस फिल्म का निर्देशन कर रहे श्रीकांत ओडेला इससे पहले जूनियर एनटीआर के साथ देवरा जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म का निर्देशन कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त सुपरहिट एक्शन ड्रामा दसरा की शानदार कामयाबी के बाद नानी और श्रीकांत ओडेला की यह दूसरी संयुक्त पेशकश है। यह बहुभाषी अखिल भारतीय फिल्म 24 सितंबर को बड़े पर्दे पर रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है।



















