हैम्बर्ग की एक उच्च सुरक्षा वाली अदालत में चल रही कानूनी सुनवाई ने पूरे जर्मनी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, जहां देश के सबसे बड़े और समृद्ध रेस्तरां नेटवर्कों में से एक से जुड़ी उत्तराधिकारी गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रही हैं। यह मामला केवल दो पूर्व जीवनसाथियों के बीच बच्चों की कस्टडी की कड़वी लड़ाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय जासूसी और गुप्त एजेंटों की दुनिया को भी कटघरे में ला खड़ा किया है। जांचकर्ताओं को इस मामले की पड़ताल करते हुए ऐसे सूत्र मिले, जिसने आधुनिक जर्मन इतिहास के सबसे संवेदनशील जासूसी विवादों में से एक को जन्म दे दिया।
कस्टडी विवाद के केंद्र में 53 वर्षीय क्रिस्टीना ब्लॉक हैं, जिनके पिता यूजेन ब्लॉक ने लोकप्रिय 'ब्लॉक हाउस' स्टेकहाउस श्रृंखला की स्थापना की थी। लगभग आधी सदी से संचालित यह फूड चेन जर्मनी के अनगिनत शहरों में स्टेक और बेक्ड आलू परोसने के लिए जानी जाती है और इसकी व्यापक सफलता ने ब्लॉक परिवार को अकूत संपत्ति और प्रतिष्ठा दिलाई। हालांकि, पारिवारिक विघटन के बाद उपजे विवाद ने अब इस कारोबारी घराने को अदालत की दहलीज पर ला खड़ा किया है, जहां क्रिस्टीना ब्लॉक पर अपने ही बच्चों को हिंसक तरीके से सीमा पार से उठवाने की साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
नए साल की आतिशबाजी के दौरान सुनियोजित हमला
अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए आरोप पत्र के अनुसार, अपहरण की यह वारदात 2023 और 2024 के नए साल के जश्न के दौरान घटी। क्रिस्टीना ब्लॉक के पूर्व पति स्टीफन हेनसेल अपने दो बच्चों के साथ, जिनकी उम्र उस समय 10 और 13 वर्ष थी, डेनमार्क स्थित अपने आवास पर आतिशबाजी का नजारा देख रहे थे। आरोप है कि उसी समय हमलावरों के एक समूह ने अचानक घात लगाकर स्टीफन हेनसेल पर जानलेवा हमला किया, उनके साथ गंभीर मारपीट की और दोनों बच्चों को जबरन खींचकर एक वाहन में डाल दिया।
जांच अधिकारियों का कहना है कि इस दुस्साहसिक अभियान को बेहद पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया था। जर्मन सीमा के करीब पहुंचते ही आरोपियों ने गाड़ियां बदलीं, बच्चों के मुंह पर टेप चिपका दी और 13 वर्षीय बच्ची के हाथ बांध दिए। इसके बाद यह दल बच्चों को लेकर एक कैंपर वैन में सवार होकर बाडेन-वुर्टेमबर्ग की ओर रवाना हुआ। अभियोजकों का दावा है कि बच्चों को उनकी मर्जी के खिलाफ वहां एक गुप्त स्थान पर बंधक बनाकर रखा गया, जब तक कि 2 जनवरी 2024 को क्रिस्टीना ब्लॉक खुद वहां नहीं पहुंचीं। इसके बाद वह दोनों बच्चों को लेकर हैम्बर्ग स्थित अपने आवास चली गईं।
कस्टडी की लंबी कानूनी जंग और कड़वाहट
यह अप्रत्याशित घटनाक्रम क्रिस्टीना ब्लॉक और स्टीफन हेनसेल के बीच वर्षों से चल रहे तीखे पारिवारिक और अदालती संघर्ष का परिणाम था। शुरुआत में जब दोनों अलग हुए, तब चारों बच्चे अपनी मां के साथ हैम्बर्ग में ही रह रहे थे। बाद में स्टीफन हेनसेल ने दूसरा विवाह कर लिया और वह डेनमार्क जाकर बस गए, जहां बच्चे नियमित तौर पर उनसे मिलने जाया करते थे।
विवाद की शुरुआत 2021 में हुई, जब दोनों छोटे बच्चे अपने पिता से मिलने डेनमार्क गए, लेकिन पहले से तय समझौते के विपरीत उन्हें हैम्बर्ग वापस नहीं भेजा गया। इसके बाद दोनों देशों की अदालतों के परस्पर विरोधी फैसलों ने स्थिति को और उलझा दिया। हैम्बर्ग की एक अदालत ने फैसला सुनाया कि बच्चों की कस्टडी मां के पास है और उन्हें तुरंत वापस लौटाया जाना चाहिए। इसके विपरीत, फरवरी 2023 में डेनमार्क की एक अदालत ने एक अजीबोगरीब रुख अपनाया। डेनिश अदालत ने यह तो स्वीकार किया कि बच्चों को गैरकानूनी तरीके से डेनमार्क में रोका गया है, लेकिन इसके बावजूद उसने बच्चों को वापस भेजने से इनकार कर दिया। इसके बाद मई 2023 में स्टीफन हेनसेल पर भी नाबालिगों के अपहरण का आपराधिक मामला दर्ज किया गया, जो अभी भी लंबित है।
स्टीफन हेनसेल ने अपनी पूर्व पत्नी पर बच्चों के साथ हिंसक व्यवहार करने के आरोप लगाए थे, जिन्हें क्रिस्टीना ब्लॉक ने सिरे से खारिज कर दिया। अदालत के समक्ष अपनी गवाही में क्रिस्टीना ने पलटवार करते हुए कहा कि उनके पूर्व पति केवल उनसे बदला लेना चाहते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें डेनमार्क से बच्चों के अपहरण की किसी भी योजना की भनक तक नहीं थी और पूरी घटना को एक बड़ी तबाही बताते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी ऐसा कुछ नहीं चाहा था। उनके बचाव पक्ष की दलील है कि सुरक्षा दल ने पूरी कार्रवाई अपनी मर्जी से की थी।
इजरायली सुरक्षा दल और गुप्त एजेंटों के तार
अभियोजकों का आरोप है कि इस पूरी साजिश का ताना-बाना क्रिस्टीना ब्लॉक और उनके पारिवारिक वकील एंड्रियास कोस्टार्ड ने मिलकर बुना था। इसके लिए कथित तौर पर एक इजरायली सुरक्षा एजेंसी को काम पर रखा गया था। इस अभियान को मुख्य रूप से 36 वर्षीय इजरायली नागरिक जोनाथन जी और पांच अन्य लोगों ने अंजाम दिया। जोनाथन जी ने अदालत में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है, लेकिन उसका कहना है कि उसे गुमराह किया गया था और उसे लगा था कि वह एक वैध बचाव अभियान का हिस्सा बन रहा है।
इस सुरक्षा दल के प्रमुख डेविड बरकेई हैं, जो फिलहाल इस मुकदमे में सीधे तौर पर कटघरे में नहीं हैं लेकिन भविष्य की कानूनी प्रक्रियाओं का सामना कर रहे हैं। अदालत में एक गवाह ने बरकेई को इजरायल की गुप्तचर एजेंसी मोसाद का पूर्व एजेंट बताया। बरकेई ने अदालत में गवाही देते हुए स्पष्ट कहा कि क्रिस्टीना ब्लॉक और उनके वकील को बच्चों को वापस लाने के इस सुनियोजित अभियान की पूरी जानकारी थी। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्होंने योजना के सारे बारीक विवरण उनके साथ साझा नहीं किए थे क्योंकि उन्हें उन पर पूरा भरोसा नहीं था।
इस मामले में क्रिस्टीना ब्लॉक, एंड्रियास कोस्टार्ड और जोनाथन जी पर नाबालिगों के अपहरण, गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने और गैरकानूनी रूप से बंधक बनाने जैसे संगीन आरोप तय किए गए हैं। इसके अलावा क्रिस्टीना ब्लॉक के साथी और पूर्व टीवी स्पोर्ट्स प्रेजेंटर गेरहार्ड डेलिंग तथा तीन अन्य लोगों पर अपराध में मदद करने और बढ़ावा देने का आरोप है। जोनाथन जी को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया है।
पूर्व खुफिया प्रमुख की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप
इस पारिवारिक और आपराधिक मुकदमे ने उस समय अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरीं, जब पुलिस जांच का दायरा जर्मनी के पूर्व विदेशी खुफिया प्रमुख ऑगस्ट हैनिंग तक पहुंच गया। क्रिस्टीना ब्लॉक मामले की जांच कर रही पुलिस टीम ने जब ऑगस्ट हैनिंग के घर की तलाशी ली, तो उन्हें ऐसे साक्ष्य मिले जिसके आधार पर इस महीने पूर्व जासूस प्रमुख को सीधे देशद्रोह और जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया।
80 वर्षीय ऑगस्ट हैनिंग की गिरफ्तारी ने पूरे जर्मन और यूरोपीय खुफिया तंत्र को हिलाकर रख दिया है। हालांकि अभियोजकों का कहना है कि हैनिंग पर लगे जासूसी के आरोपों का हैम्बर्ग अदालत के मौजूदा मुकदमे से सीधा संबंध नहीं है, लेकिन उनके तार क्रिस्टीना ब्लॉक के बच्चों को वापस लाने के एक पुराने प्रयास से जुड़े रहे हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 2022 में भी बच्चों को डेनमार्क से लाने की एक कोशिश हुई थी, जिसके लिए सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी हैनिंग ने संभाली थी।
ऑगस्ट हैनिंग के वकील ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उनके मुवक्किल पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं और उन्हें अन्यायपूर्ण तरीके से प्रताड़ित किया जा रहा है। वर्तमान में हैनिंग न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने किस विदेशी शक्ति को कौन से संवेदनशील राष्ट्रीय रहस्य सौंपे, इसका आधिकारिक खुलासा अभी तक नहीं किया गया है, जिसने राजनीतिक और रणनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है।
अदालती कार्यवाही में रुकावट और गवाहों की अनुपस्थिति
जुलाई के महीने में जब हैम्बर्ग की अदालत में यह मुकदमा शुरू हुआ था, तब से अब तक पिछले 15 महीनों के दौरान यह प्रक्रिया कई बार टल चुकी है। हाल ही में इस मुकदमे को फिर से दो सप्ताह के लिए रोक दिया गया है। अदालत में कार्यवाही रुकने का ताजा कारण एक प्रमुख गवाह यानी स्टीफन हेनसेल की नई पत्नी का पेश न होना बना। हाई प्रोफाइल हस्तियों, अरबों की संपत्ति, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा फर्मों और पूर्व जासूसों के आपसी टकराव के चलते यह मामला यूरोपीय न्याय प्रणाली में लंबे समय तक चर्चा का विषय बने रहने की संभावना है।



















