काला सागर के पश्चिमी हिस्से में रोमानियाई समुद्री सीमा के पास गुरुवार सुबह एक वाणिज्यिक तेल टैंकर पर संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ। इस हमले के बाद जहाज में कई शक्तिशाली विस्फोट हुए और वह आग की लपटों से घिर गया। रोमानिया के नौसैनिक और बचाव अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जहाज पर कुल 12 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से 8 नाविक लापता हो गए हैं और उनकी तलाश के लिए अत्यधिक प्रतिकूल समुद्री मौसम के बीच बड़े पैमाने पर खोजी अभियान चलाया जा रहा है।
सुलीना के मुहाने पर हुआ भीषण हमला
सैन मैरिनो के ध्वज के तहत संचालित होने वाला यह तेल टैंकर, जिसका नाम वाइन ट्रेडर है, ट्यूनीशिया से अपनी यात्रा पूरी करते हुए रोमानिया के एक बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था। रोमानियाई समयानुसार सुबह लगभग 07:00 बजे (05:00 GMT), डेन्यूब नदी के सुलीना मुहाने से 13 समुद्री मील (लगभग 24 किलोमीटर) पूर्व में जहाज पर जोरदार धमाके सुने गए। धमाकों के तुरंत बाद टैंकर में भीषण आग भड़क उठी।
रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर डैन ने बाद में आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि की कि वाइन ट्रेडर को ड्रोनों द्वारा निशाना बनाया गया था। आसपास के समुद्री क्षेत्र में मौजूद अन्य जहाजों के नाविकों ने बताया कि टैंकर पर दो ड्रोनों से सीधा प्रहार किया गया था, जिसके बाद डेक पर लगातार कई विस्फोट हुए और नियंत्रण कक्ष सहित महत्वपूर्ण हिस्से जलने लगे।
प्रतिकूल परिस्थितियों में बचाव अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही रोमानियाई आपातकालीन और नौसैनिक अधिकारियों ने तुरंत खोज और बचाव कार्य शुरू कर दिया। बचाव अभियान के तहत दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों और दो अत्याधुनिक बचाव नौकाओं को दुर्घटनास्थल पर रवाना किया गया। रोमानियाई आंतरिक मंत्रालय ने एक आधिकारिक वीडियो फुटेज भी सार्वजनिक किया है, जिसमें एक हेलीकॉप्टर जलते हुए टैंकर के ऊपर मंडराता हुआ दिखाई दे रहा है।
समुद्र में बेहद ऊंची लहरें उठने और पानी के उग्र रुख के कारण बचाव कर्मियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक पहली प्राथमिकता जहाज पर जीवित पाए गए 4 चालक दल के सदस्यों तक सुरक्षित पहुंचना और उन्हें वहां से निकालना है, जबकि लापता 8 नाविकों की तलाश के लिए तटरक्षक दल अथक प्रयास कर रहे हैं। प्रतिकूल मौसम को देखते हुए बचाव दलों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
नाटो परामर्श और सुरक्षा चिंताएं
नाटो सदस्य देश रोमानिया के जलक्षेत्र के इतने करीब हुए इस हमले ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा हलकों में खलबली मचा दी है। रोमानिया और उसके पड़ोसी देश बुल्गारिया के शीर्ष नेता बहुत जल्द इस बात पर विमर्श करने जा रहे हैं कि क्या नाटो संधि के अनुच्छेद 4 को लागू किया जाना चाहिए। नाटो का अनुच्छेद 4 किसी भी सदस्य देश को यह अधिकार देता है कि यदि उसे अपनी क्षेत्रीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता या राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई सीधा खतरा महसूस हो, तो वह अपने सहयोगी देशों के साथ औपचारिक आपातकालीन परामर्श की मांग कर सकता है।
रोमानियाई राष्ट्रपति निकुशोर डैन ने घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि वे घटनाक्रम की पूरी और सटीक जानकारी जुटा रहे हैं, लेकिन रोमानियाई सरकार की तरफ से इसका कड़ा और स्पष्ट जवाब दिया जाएगा। राष्ट्रपति डैन ब्रुसेल्स में बुल्गारियाई प्रधानमंत्री रुमेन राडेव के साथ मिलकर नाटो के महासचिव मार्क रुट्टे से मुलाकात करने वाले हैं। इस उच्चस्तरीय बैठक में काला सागर में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों पर गहन मंथन होगा। रोमानियाई राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि इस वार्ता में इस जलमार्ग में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त निगरानी उपकरणों और रणनीतिक साजो-सामान की आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
काला सागर में लगातार गहराता संकट
यह घटना काला सागर के पश्चिमी तट पर वाणिज्यिक नौवहन को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों की श्रृंखला की ताजा कड़ी है। घटना से ठीक पहले रात के समय यूक्रेन के स्नेक आइलैंड के पास रूसी ड्रोनों के एक बड़े झुंड की आवाजाही दर्ज की गई थी। दूसरी तरफ, मॉस्को ने दावा किया है कि यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह की ओर सैन्य साजो-सामान ले जा रहे दो मालवाहक जहाजों पर समुद्री मार्ग से गुजरते वक्त हमला किया गया था, हालांकि मॉस्को ने उन जहाजों के नामों का खुलासा नहीं किया।
इससे पहले मंगलवार को रोमानिया के पड़ोसी देश बुल्गारिया के तटीय क्षेत्र में भी दो व्यापारी जहाजों को ड्रोनों ने अपना निशाना बनाया था। उस हमले में एक मालवाहक जहाज समुद्र में डूब गया था, जिससे उसके 11 चालक दल के सदस्य लापता हो गए। बुल्गारिया ने उस हमले के पीछे रूस का हाथ होने की आशंका जताई थी और विरोध दर्ज कराने के लिए रूसी राजदूत को तलब किया था। पिछले हफ्ते भी बुल्गारिया के तट पर दो अन्य जहाजों पर हमला हुआ था, और उसी दिन यूक्रेन ने रूस के काला सागर स्थित सोची बंदरगाह में एक तेल टैंकर को निशाना बनाया था।
यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
यूक्रेन ने काला सागर के पश्चिमी समुद्री गलियारे में नागरिक जहाजों पर हो रहे इन हमलों के लिए सीधे तौर पर रूस को जिम्मेदार ठहराया है। यह समुद्री मार्ग यूक्रेनी आयात और निर्यात, विशेषकर खाद्यान्न परिवहन के लिए जीवन रेखा माना जाता है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मंगलवार को स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा था कि काला सागर यूक्रेन में जारी युद्ध के एक नए मोर्चे में तब्दील हो रहा है और यह स्थिति पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
रूसी सेना ने यूक्रेन के खिलाफ अपने सैन्य अभियान के तहत हाल के दिनों में इस इलाके में जहाजों पर हमले काफी तेज कर दिए हैं। मॉस्को का तर्क है कि वह केवल उन जहाजों को निशाना बना रहा है जो यूक्रेनी बंदरगाहों पर हथियारों और दोहरे उपयोग वाली सैन्य सामग्री की आपूर्ति कर रहे हैं। इसके विपरीत, कीव और उसके यूरोपीय सहयोगियों का कहना है कि अनाज और अन्य आवश्यक नागरिक सामग्री ले जा रहे सामान्य व्यापारिक जहाजों को बिना किसी भेदभाव के जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
अनाज निर्यात और युद्ध की पृष्ठभूमि
रूस और यूक्रेन दोनों ही वैश्विक स्तर पर गेहूं और प्रमुख अनाजों के सबसे बड़े निर्यातक देशों में शामिल हैं। समुद्री मार्ग असुरक्षित होने से वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला पर भारी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। तुर्किये ने काला सागर में शांति और नौवहन सुरक्षा बनाए रखने के लिए दोनों ही पक्षों से इन समुद्री हमलों को तत्काल रोकने का आग्रह किया है।
दूसरी ओर, मॉस्को ने अमेरिका और यूरोपीय देशों द्वारा काला सागर में नौसैनिक युद्धविराम की अपीलों को बार-बार खारिज कर दिया है। रूस का आरोप है कि यूक्रेनी सेना भी इस समुद्री क्षेत्र में रूसी व्यापारिक जहाजों को लगातार निशाना बना रही है। गौरतलब है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वर्ष 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर सैन्य आक्रमण शुरू किया था, और इस समय मॉस्को यूक्रेनी भूभाग के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है। काला सागर में नागरिक जहाजों पर होते ये ताजा ड्रोन हमले इस संघर्ष के समुद्री सीमा लांघने के गंभीर संकेत दे रहे हैं।



















